Tuesday 10/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
लोहाघाट विधानसभा में भाजपा से आने लगे अभी से टिकट के दावेदार।एआई टूल्स से एजुकेशन, रिसर्चऔर इंडस्ट्रीज़ में नई संभावनाएंT-20 विश्व कप में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले जा रहे फाइनल मुक़ाबले में भारत की शानदार बल्लेबाज़ी का आनंद लेते हुए.. मेयर विकास शर्मामहापौर ने बेलेजा ब्यूटी स्कूल का किया शुभारम्भकिच्छा बसंत गार्डन विधानसभा क्षेत्र किच्छा की 26 वर्षीय शांभवी ने यूपीएससी में 46वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रच दिया है। आज डॉ गणेश उपाध्याय ने उनके घर जाकर उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट कर आशीर्वाद दिया और उनके माता-पिता से कहा कि एकल संतान को अच्छे संस्कार और सोच देने से इस प्रकार की उपलब्धि हासिल कर पूरे देश को एक राह दिखाई ,जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक होगी। शांभवी ने पंतनगर कैंपस से इंटरमीडिएट और पंतनगर विश्वविद्यालय से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल प्राप्त किया है। डॉ उपाध्याय ने कहा कि जरूर आपको उत्तराखंड में डीएम बनने के बाद मुख्य सचिव पद आपको मिलेगा, ऐसी हमें विश्वास और भगवान से प्रार्थना करते हैं , अपने साक्षात्कार में शांभवी ने बेबाकी से अपने विचार रखे और आने वाली पीढ़ी को दिशा देने का कार्य किया। विगत वर्ष शांभवी ने 445वीं रैंक प्राप्त कर आईआरएस कैडर प्राप्त किया था, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था, जिसे उन्होंने तीसरे प्रयास में हासिल कर लिया। इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। उनके नाना जी ने कहा कि उन्हें अपनी पोती पर गर्व है। शांभवी ने कहा कि अगर उत्तराखंड उनका कर्म क्षेत्र बनता है, तो वह निश्चित रूप से आपदा प्रबंधन और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करेंगी।
राज्य

दो सूत्रीय मांगों को लेकरआंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन 14 दिन भी रहा जारीरुद्रपुर(खबर पड़ताल)उधम सिंह नगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चल रहा आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। विकास भवन परिसर में अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर बीते 14 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहीं महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को भी सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे वर्षों से बच्चों के पोषण, मातृ स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बावजूद इसके उन्हें अभी तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है!कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की अधिकांश योजनाएं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ही संचालित होती हैं, लेकिन उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप न तो सम्मान मिलता है और न ही मानदेय। महिलाओं ने मांग रखी है कि उन्हें सरकारी कर्मचारियों के समान वेतनमान और सुविधाएं प्रदान की जाएं, ताकि वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रहकर अपनी सेवाएं और बेहतर ढंग से दे सकें।प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विभिन्न स्तरों पर महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं, ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं और वर्षों से लंबित मांगों पर भी सरकार को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।उन्होंने बताया कि अपनी दो सूत्रीय मांगों से संबंधित मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।विकास भवन परिसर में जारी यह प्रदर्शन जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रोजाना धरना स्थल पर पहुंचकर एकजुटता का परिचय दे रही हैं।

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