Friday 13/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
रुद्रपुर। शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को लेकर परेशान उपभोक्ताओं के बीच उस समय राहत की उम्मीद जगी जब रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल स्वयं गैस एजेंसी पहुंच गए। पिछले कुछ दिनों से गैस उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग न होने और समय पर सिलेंडर उपलब्ध न होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग एजेंसी पर पहुंचकर अपनी नाराज़गी जता रहे थे।स्थिति की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद उपभोक्ताओं से उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग बार-बार फेल हो रही है, वहीं जिन लोगों की बुकिंग हो भी रही है उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से आम परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इसके बाद पूर्व विधायक ने गैस एजेंसी के प्रबंधक से बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी ली और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने एजेंसी प्रबंधन से व्यवस्था में सुधार करते हुए जल्द से जल्द गैस आपूर्ति सामान्य करने तथा बुकिंग की तकनीकी समस्या को तत्काल ठीक कराने के लिए कहा, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।इस दौरान एजेंसी पर मौजूद कुछ लोग समस्या को लेकर काफी आक्रोशित भी दिखाई दिए। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने लोगों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या का समाधान जल्द कराया जाएगा। उनकी समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ और लोगों ने भी अपनी शिकायतें व्यवस्थित तरीके से दर्ज कराईं।पूर्व विधायक ने कहा कि गैस जैसी जरूरी सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता को समय पर गैस सिलेंडर मिलना चाहिए और यदि कहीं भी लापरवाही या अव्यवस्था सामने आती है तो उसे तुरंत ठीक कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की समस्या उनके लिए सर्वोपरि है और वह हमेशा लोगों की आवाज बनकर उनके साथ खड़े रहेंगे।टीएमयू में दीक्षांत समारोह आज, अभिनंदन को सजा भव्य पंडालनारी हमारी शान 2026 से पुरस्कृत हुई समाजसेविका विभा तिवारीगैरसैण विधानसभा सत्र के दौरान विधायक शिव अरोरा ने कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाक़ात! जल्द आरम्भ होगा मोदी मैदान मे इंडोर आउटडोर खेल स्टेडियम का निर्माणपंतनगर में 13 से 16 मार्च तक लगेगा 119वां अखिल भारतीय किसान मेला, मुख्यमंत्री धामी करेंगे उद्घाटन पंतनगर। गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में 13 से 16 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन पुष्कर सिंह धामी करेंगे। मेले का विधिवत उद्घाटन 14 मार्च को दोपहर 3 बजे गांधी हॉल में किया जाएगा।विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि चार दिवसीय यह किसान मेला पंतनगर में कृषि कुम्भ के रूप में प्रसिद्ध है। मेले में विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नवीनतम कृषि तकनीकों का एक ही स्थान पर प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी मिल सकेगी।उन्होंने बताया कि इस वर्ष मेले की पशु प्रदर्शनी में पहली बार कुत्तों की प्रदर्शनी को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा “समृद्ध महिला, सशक्त महिला” थीम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।मेले में विश्वविद्यालय तथा विभिन्न निजी संस्थानों द्वारा बीज, उद्यानिकी, खाद, कृषि मशीनरी और कृषि से जुड़ी अन्य सामग्री के लगभग 500 स्टॉल लगाए जाएंगे। देश के विभिन्न राज्यों से हजारों किसान इस मेले में प्रतिभाग कर आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करेंगे।उद्घाटन समारोह में सांसद, कृषि मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक भी मौजूद रहेंगे। वहीं मेले का समापन 16 मार्च को अपराह्न 3 बजे होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भगत सिंह कोश्यारी शामिल होंगे।डी.पी.एस रुद्रपुर के छात्रों ने सीए इंटरमीडिएट में किया शानदार प्रदर्शन——जिले में घरेलू गैस (LPG) की कालाबाजारी रोकने हेतु एसएसपी अजय गणपति ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी थाना प्रभारियों के साथ की गोष्ठी।उत्तराखंड में पेट्रोल और डीजल माफिया सक्रिय न हो : अलका पाल काशीपुर : महानगर कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष अलका पाल ने कहा कि रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों ने आम जनता को मुश्किल में डाल दिया है। प्रदेश में लगातार बढ़ रही रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल की किल्लत को राज्य सरकार नियंत्रित करने में असफल हो रही है। जिससे हर परिवार का बजट पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है । लेकिन केंद्र और राज्य की सरकार असंवेदनशील बनी हुई है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अलका पाल ने कहा की महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है । रसोई गैस की बढ़ती कीमतें लगातार परिवार का बजट बिगाड़ रही है। पेट्रोलडीजल के दाम बढ़ने से परिवहन महंगा हो रहा है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थ और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है। अलका पाल ने कहा कि प्रदेश और देश के अंदर जनता असमंजस्य की स्थिति में है। पेट्रोल और डीजल में कमी से प्रदेश में तेल माफिया सक्रिय हो गए हैं। देश और प्रदेश की जनता को बताना होगा कि उत्तराखंड सहित किसी भी हिस्से में पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है। कहीं ऐसा ना हो कि खनन और भू_माफियाओं की तरह पेट्रोल और डीजल माफिया भी प्रदेश में सक्रिय हो जाए। कांग्रेस भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क से सदन तक विरोध करती रहेगी।मझेड़ा के जंगल में लगी भीषण आग पर फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू।
राज्य

12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में पूरी ताकत से शामिल होगी उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन

सरकार कर रही है आशाओं का शोषण, चाहिए नियमित वेतन, पक्की नौकरी और सम्मान : सरस्वती पुनेठा ट्रेड यूनियन ऐक्टू से सम्बद्ध उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन 12 फरवरी को ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत अखिल भारतीय आम हड़ताल में पूरी ताकत से शामिल होंगी और जिला मुख्यालय व ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी. चार श्रम कोड वापस लेने, आशाओं को न्यूनतम वेतन 35000 हजार करने, आशा वर्कर्स कोे राज्य कर्मचारी का दर्जा व न्यनूतम वेतन देने, रिटायरमेंट के समय पेंशन, अस्पताल में सम्मानजनक व्यवहार, ट्रेनिंग स्वास्थ्य विभाग स्वयं कराए और एनजीओ का हस्तक्षेप बंद हो, ट्रेनिंग का प्रतिदिन न्यूनतम 500 रूपये भुगतान करने, सभी बकाया राशि का भुगतान करने, हर माह का पैसा हर माह खाते में डालने सहित अन्य मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन ऐक्टू के नेतृत्व में आशा वर्कर्स 12 फरवरी को एक दिवसीय हड़ताल करेंगी.
ऐक्टू से सम्बद्ध उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन चंपावत जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा ने कहा कि आशा वर्कर्स की हालत सभी उत्पीड़ित श्रमिकों में सबसे ज्यादा खराब है. उन्हें तो श्रमिक का दर्जा भी नही दिया जाता, बंधुवा मजदूर की तरह काम लिया जाता है. आशा वर्कर्स पर सरकार नए नए काम का बोझ लगातार बढ़ाते जा रही है. शिशु मृत्यु दर कम करने में आशा वर्कर्स का बहुत बड़ा योगदान है, गर्भवती महिलाओं की देख-रेख के लिए आशाओं को आधी रात में भी बिना किसी विभागीय सहायता के दौड़ना पड़ता है. इसके बावजूद आशा वर्कर्स को वेतन देने के नाम पर सिर्फ नाममात्र की प्रोत्साहन राशि और कुछ योजनाओं का कमीशन दिया जाता है. यह खुला शोषण कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि, केन्द्र और राज्य सरकार आशा वर्कर्स को न्यूनतम वेतन और कर्मचारी का दर्जा नहीं देकर उनका आर्थिक शोषण कर रही है. जिस सरकार का काम अपने कर्मचारियों की शोषण से रक्षा का होना चाहिए वही उनका शोषण करे इससे अफसोसजनक बात और क्या होगी? भाजपा सरकार के राज में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का बजट भी लगातार कम किया जा रहा है जिससे आशाओं का शोषण और भी ज्यादा बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि हड़ताल के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा खटीमा में आशा यूनियन से डीजी हेल्थ के प्रस्ताव को लागू करने के वादे को अमली जामा पहनाने की मांग भी की जायेगी. आशाओं को नियमित वेतन,पक्की नौकरी और सम्मान से कम कुछ भी मंजूर नहीं.
जिला सचिव पदमा प्रथोली ने कहा कि, सरकार आशाओं की मेहनत का शोषण करती है. पैसा समय पर नहीं मिलता और जितना पैसा बनता है उसे भी पूरा नहीं दिया जाता। साथ ही अस्पताल में स्टाफ द्वारा उनको अपमान भी झेलना पड़ता है. जिस कारण आशा वर्कर्स में बहुत आक्रोश है. इसलिए 12 फरवरी की राष्ट्रीय हड़ताल में चंपावत जिले आशाएं पूरी ताकत से शामिल होंगी और जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जायेगा।

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