Wednesday 25/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
टीबी के खिलाफ जंग में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार–प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयानाऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बना हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय 12 वां दीक्षांत समारोह सम्पन्नविश्व क्षय रोग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शीर्ष 3 जिलों में शामिल हुआ ऊधमसिंह नगर; जिला क्षय रोग क्लिनिक रुद्रपुर में भव्य कार्यक्रम आयोजित ।रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर): 24 मार्च, 2026चार साल बेमिसाल-उत्तराखंड में चार सालों में और सुदृढ़ हुई शिक्षा व्यवस्थासरकार के चार साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित हुई क्रॉस कंट्री दौड़नगर निगम की अनूठी पहल, मंदिरों में बांटी जाएगी कीर्तन की सामग्रीशहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलिरुद्रपुर। शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहीदी दिवस के अवसर पर शहीद भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान परिसर में स्थापित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल व डिग्री कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष रजत बिष्ट के नेतृत्व में दर्जनों आम नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारियों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और यह पीढ़ी दर पीढ़ी देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि आजादी के मतवालों ने हमें स्वतंत्रता का अमूल्य उपहार दिया है। शहीद भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी युवाओं ने अपने विचारों और त्याग से पूरे देश में जागरूकता पैदा की, जो आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।कार्यक्रम में मो. असलम, हरजीत सिंह धजेल, राजवीर सिंह विर्क, रजत सिंह बिष्ट, सत्यम सिंह, हरप्रीत सिंह, शुभजीत सिंह, मनोज परिहार, गुरजिंदर सिंह, चनकीरत सिंह, पंकज पांडे, अशु कुमारी, सुमित गंगवार, सोहित शर्मा, मन्नू शर्मा सहित कई लोग उपस्थित रहे।अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शहीदों के बताए मार्ग पर चलने और देश की एकता व अखंडता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें सभी ने एक स्वर में भाग लेकर देशभक्ति का परिचय दिया।ट्रांजिट कैंप के वार्ड-10 में विकास की नई सौगातमहापौर ने किया सीसी मार्ग और नाली निर्माण का लोकार्पण
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टीबी के खिलाफ जंग में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार–प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना


श्रीनगर गढ़वाल। गंभीर संक्रामक बीमारी क्षय रोग (टीबी) के खिलाफ जागरूकता और सामूहिक प्रयासों का मजबूत संदेश उस समय सामने आया,जब मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों,विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने एक स्वर में टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी को अनिवार्य बताया। संस्थान के कम्युनिटी मेडिसिन एवं रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि क्षय रोग आज भी देश के लिए एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है, लेकिन जागरूकता,समय पर जांच,उचित उपचार और समाज की सक्रिय भागीदारी से इस पर पूर्ण नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों और आमजन से अपील की कि वे टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में एमबीबीएस छात्रा श्रेया ने भारत में टीबी की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश में इस बीमारी के मामले अधिक होने के कारण इसके नियंत्रण के लिए व्यापक और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है। वहीं छात्र वाशु सिंह ने टीबी चैंपियंस की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वे मरीजों के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर उपचार प्रक्रिया को सफल बनाने में अहम योगदान देते हैं। कार्यक्रम के दौरान एमबीबीएस छात्रों द्वारा ई-पोस्टर प्रस्तुतियां दी गईं,जिनमें टीबी के लक्षण,बचाव,उपचार और जागरूकता से जुड़े संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। डॉ.जानकी बर्तवाल ने संस्थान द्वारा वर्षभर में किए गए टीबी नियंत्रण संबंधी कार्यों का विवरण देते हुए बताया कि स्क्रीनिंग,उपचार और जन-जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सोनाली अधिकारी ने पोषण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संतुलित आहार से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है,जो टीबी से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डॉ.आयुषी बेनीवाल ने टीबी के सामाजिक-आर्थिक कारणों जैसे गरीबी,कुपोषण और जागरूकता की कमी को इसके प्रसार का प्रमुख कारण बताया। वहीं डॉ.विक्की बक्शी ने आधुनिक जांच तकनीकों,नई दवाओं और उपचार पद्धतियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब टीबी का इलाज पहले से अधिक प्रभावी और सुलभ हो गया है। डॉ.चैतन्य शाह ने अपने अध्ययन के माध्यम से बताया कि मधुमेह,धूम्रपान और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसे कारक टीबी के खतरे को बढ़ाते हैं, इसलिए इन पर नियंत्रण आवश्यक है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्वास्थ्यकर्मियों और टीबी चैंपियंस को सम्मानित किया गया,जिनमें राजेन्द्र थपलियाल और शैलेंद्र चमोली सहित अन्य कर्मियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सराहा गया। अंत में डॉ.हरप्रीत सिंह और डॉ.सुरेंद्र सिंह नेगी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संकाय सदस्य,रेजिडेंट चिकित्सक,इंटर्न,पीजी और एमबीबीएस छात्र-छात्राएं तथा पैरामेडिकल स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता का मंच बना,बल्कि समाज को यह संदेश देने में सफल रहा कि टीबी जैसी बीमारी को हराने के लिए जागरूकता,समय पर उपचार और सामूहिक प्रयास ही सबसे प्रभावी हथियार हैं।

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