स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में प्रशासन सख्त-डीएम ने दिए स्पष्ट निर्देश स्मारकों का संरक्षण और परिजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान और उनके परिजनों के अधिकारों को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए ठोस पहल की है। जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सेनानियों के स्मारकों के संरक्षण,सुविधाओं की उपलब्धता और परिजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान हमारी अमूल्य धरोहर है। उनके सम्मान और स्मारकों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने पीडी डीआरडीए को निर्देशित किया कि जनपद के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारकों और शिलापट्टों का भौतिक सत्यापन कर उनकी स्थिति का आकलन किया जाए और आवश्यकतानुसार उनका संरक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शहीद भवानी सिंह रावत पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए उपजिलाधिकारी कोटद्वार और संबंधित अधिकारियों को तत्काल विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारियों एवं नगरीय क्षेत्रों में नगर निकायों को अपने-अपने क्षेत्र के स्मारकों की मरम्मत और जिन शिलापट्टों पर नाम अंकित नहीं हैं,उन्हें तत्काल अपडेट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सेनानी परिवारों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं की जानकारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी और उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य लाभों से संबंधित जानकारी पोस्टरों के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाए। इसके अतिरिक्त तहसील स्तर पर डिजिटल प्रमाण पत्रों के निर्गत करने में आ रही तकनीकी समस्याओं को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए,ताकि परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक तीन माह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के साथ बैठक करें,ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सके और संवाद बना रहे। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी राष्ट्रीय पर्वों और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों में सेनानी परिजनों को ससम्मान आमंत्रित किया जाए और उन्हें समय रहते सूचना उपलब्ध कराई जाए,जिससे उनका मनोबल बढ़े और उन्हें उचित सम्मान मिल सके। बैठक में मोटर मार्गों एवं विद्यालयों के नामकरण से संबंधित लंबित प्रस्तावों और आपत्तियों के समयबद्ध निस्तारण पर भी विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला,अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल,ईडीएम सचिन भट्ट,संगठन अध्यक्ष यशपाल सिंह रावत,प्रांतीय संयुक्त सचिव बृजमोहन जोशी सहित अन्य अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक केवल एक औपचारिक समीक्षा नहीं,बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता को व्यवहार में उतारने का सशक्त संदेश है। जिला प्रशासन की यह पहल आने वाले समय में स्मारकों के संरक्षण और सेनानी परिजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
