Thursday 06/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
काशीपुर बाईपास से हटने वाले व्यापारियों के पुनर्वास की कवायद तेजमसूरी पालिका बोर्ड बैठक में बवाल, लेनदेन के आरोपों पर सभासद धरने पर बैठे, पर्यटन प्रभारी ने इस्तीफे की पेशकश कीजवाडी दरमोला मोटर मार्ग लेकर ग्रामीणों ने किया आंदोलन।कंपनी खिलाफ बैठे ग्रामीणों धरने पर।जनता की समस्याओं पर जिलाधिकारी ने श्रीनगर तहसील दिवस में दिए समयबद्ध समाधान और लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के कड़े निर्देशपॉलीहाउस से किसानों की आय में होगी उल्लेखनीय वृद्धि,आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर दिया जोरवाल्मीकि समाज को मिली बड़ी सौगात-भूमि दान से भव्य स्वरूप में विकसित होगा बाल्मीकि चौकमां धारी देवी के आशीर्वाद से निभाऊंगा नई जिम्मेदारी-चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को मिलेगी नई गति–डॉ.आशुतोष सयानाउत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने दी बधाईमसूरी में तंबाकू बेचने के लिए लेना होगा लाइसेंस, बिना अनुमति बिक्री पर होगी कार्रवाईपालिका ने तैयार की नई उपविधि, स्कूलों से 100 गज के भीतर दुकान पर रोक, खुली सिगरेट की बिक्री भी होगी प्रतिबंधितमानव सेवा की मिसाल बना रोटरी क्लब-पुलिसकर्मियों और जरूरतमंद व्यापारियों को वितरित किए स्टैंड वाले छाते
राज्य

बेस अस्पताल में बदलाव की नई तस्वीर-हाईटेक सफाई,बेहतर व्यवस्थाएं और मरीजों को मिल रहा सम्मानजनक माहौल


श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल श्रीनगर इन दिनों सकारात्मक बदलावों और आधुनिक व्यवस्थाओं के कारण लगातार चर्चा में बना हुआ है। कभी अव्यवस्थाओं और सीमित संसाधनों को लेकर सवालों में रहने वाला यह अस्पताल अब स्वच्छता,आधुनिक तकनीक आधारित सफाई व्यवस्था,मरीजों की सुविधा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के नए मॉडल के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के दिशा-निर्देशों तथा मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सक्रिय कार्यशैली के चलते अस्पताल में स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मरीजों को स्वच्छ,सुरक्षित,सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। अस्पताल में नई हाउसकीपिंग व्यवस्था लागू होने के बाद अब सफाई कार्य पूरी तरह आधुनिक तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है। वार्डों,कॉरिडोर,इमरजेंसी,ऑपरेशन थिएटर और मरीजों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में हाईटेक मशीनों के जरिए नियमित और व्यवस्थित सफाई की जा रही है। पहले जहां मैनुअल सफाई व्यवस्था पर निर्भरता अधिक थी,वहीं अब ऑटो स्क्रबर मशीन,सिंगल डिस्क मशीन,हाई प्रेशर जेट मशीन और वैक्यूम क्लीनर जैसी आधुनिक मशीनों के उपयोग से अस्पताल परिसर पहले की अपेक्षा अधिक स्वच्छ,व्यवस्थित और संक्रमण नियंत्रण के मानकों के अनुरूप दिखाई दे रहा है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुविधा और गोपनीयता को भी प्राथमिकता दी है। विशेष रूप से गायनी वार्ड में महिला मरीजों के बेड के पास पर्दे लगाए गए हैं,जिससे उपचार के दौरान उन्हें सुरक्षित,सहज और सम्मानजनक वातावरण मिल रहा है। यह पहल महिला मरीजों की गरिमा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है,जिसकी सराहना तीमारदारों और आमजन द्वारा भी की जा रही है। अस्पताल परिसर की स्वच्छता को लेकर अब नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। वार्डों,सीढ़ियों,गलियारों और मरीजों के प्रतीक्षालयों में लगातार सफाई रखी जा रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने भी साफ-सुथरे और सुव्यवस्थित वातावरण पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय में अस्पताल की व्यवस्थाओं में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है। बेस अस्पताल को केवल स्वच्छ ही नहीं,बल्कि इको फ्रेंडली बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। परिसर के विभिन्न स्थानों पर इंडोर पौधे और सजावटी गमले लगाए गए हैं,जिससे अस्पताल की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ वातावरण अधिक शांत,हरित और सकारात्मक महसूस हो रहा है। हरियाली बढ़ाने की यह पहल पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रही है। इन सभी सकारात्मक बदलावों के पीछे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना की सक्रिय और संवेदनशील कार्यशैली को प्रमुख कारण माना जा रहा है। डॉ.सयाना लगातार अस्पताल की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वह प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अस्पताल परिसर में रहकर विभिन्न वार्डों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हैं तथा इसके बाद मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं। प्राचार्य समय-समय पर डॉक्टरों,नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठकें कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश देते हैं। बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों,पर्यावरण मित्रों और सफाई कर्मियों को सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है,जिससे कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ रहा है और कार्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो रही है। अस्पताल की हाउसकीपिंग व्यवस्था अब निर्मल फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है। कंपनी ने आधुनिक मशीनों के माध्यम से सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाया है। संक्रमण नियंत्रण को मजबूत करने के लिए अस्पताल में थ्री बकेट सिस्टम भी लागू किया जा रहा है,जिससे विभिन्न क्षेत्रों में साफ-सफाई और संक्रमण प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक तरीके से संचालित किया जा सके। मेडिकल प्रशासन द्वारा इस बार हाउसकीपिंग कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। वर्तमान में लगभग 80 से 85 कर्मचारी सफाई और रखरखाव कार्य में लगे हुए हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में कर्मचारियों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। अस्पताल परिसर की हरियाली और बागवानी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए माली भी नियुक्त किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन लगातार आमजन से भी सहयोग की अपील कर रहा है। लोगों से अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने,कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने,परिसर में थूकने से बचने तथा टॉयलेट में अनावश्यक वस्तुएं फ्लश न करने का अनुरोध किया जा रहा है। साथ ही कॉटन,पट्टी और अन्य मेडिकल अपशिष्ट को डस्टबिन में डालने की अपील भी की जा रही है,ताकि अस्पताल संक्रमणमुक्त और स्वच्छ बना रहे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को स्वच्छ,सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक आधारित सफाई व्यवस्था,बेहतर प्रबंधन और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से बेस अस्पताल को एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

Check Also
Close