Monday 25/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
सितारगंज उप जिला चिकित्सालय डिलीवरी के बाद महिला की हुई मृत्यु परिजनों ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के लगाएबेस अस्पताल में बदलाव की नई तस्वीर-हाईटेक सफाई,बेहतर व्यवस्थाएं और मरीजों को मिल रहा सम्मानजनक माहौलआधुनिक शिक्षा से बदल रहा श्रीनगर का भविष्य-डॉ.धन सिंह रावत ने पर्सनलाइज्ड एडैप्टिव लर्निंग लैब और अटल लैब का किया शुभारम्भ और ग्रामीण विकास कार्यों को भी दी गतिगढ़वाल विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग ने अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर विद्यार्थियों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ाड्रोन और सेंसर तकनीक से बचेगा उत्तराखंड का जंगल-देवेन्द्र गौड़ ने जिलाधिकारी को सौंपा संरक्षण का अभिनव प्रस्तावदेहरादून में सामाजिक सरोकारों पर मंथन-युवाओं,नशा,भ्रष्टाचार और जन-जागरण को लेकर बनीं नई रणनीतिजान हथेली पर रख केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों ने आग से बचाया जंगल और विश्वविद्यालय परिसरश्रीनगर बार एसोसिएशन ने डॉ.धन सिंह रावत को दिया पूर्ण समर्थन,न्यायिक सुविधाओं और विकास कार्यों पर हुई अहम चर्चामसूरी सेंट जॉर्ज कॉलेज में रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ ‘मैनरफेस्ट’ का समापनकैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने छात्रों की प्रतिभा और अनुशासन की सराहना की, मार्थिन्स सदन बना ओवरऑल चैंपियन मसूरी सेंट जॉर्ज कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘मैनरफेस्ट’ का शनिवार को रंगारंग प्रस्तुतियों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच भव्य समापन हो गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज रहे, जो स्वयं भी विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं । महोत्सव के अंतिम दिन रंगोली, माइम, हिंदी कविता पाठ, खंड काव्य प्रतियोगिता और दास्तानगोई जैसी विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वहीं जूनियर और सीनियर वर्ग की नृत्य प्रतियोगिताएं कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं, जिनमें विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और कला कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। कॉलेज के चारों सदनों के छात्रों ने प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहा। निर्णायक मंडल में सुनिता रेखी, विजयलक्ष्मी चिन्ना, अतुल पुंडीर, सुमन तिवारी, शोभा जैन, अनुराधा त्रिवेदी, प्रगति बिष्ट, राहुल नेगी, प्रियंका नेगी, मनोरमा नेगी, मीनल वशिष्ठ, कार्तिकेय बर्थवाल और आयुष कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतियोगिताओं में सब-जूनियर वर्ग में शिवन्या मेहर, जूनियर वर्ग में रेयान अग्रवाल, इंटर वर्ग में आदित्य बिरला तथा सीनियर वर्ग में जिदिन लिखा ने व्यक्तिगत चौंपियनशिप अपने नाम की। वहीं मार्थिन्स सदन ने सर्वाधिक 582 अंक प्राप्त कर ओवरऑल चौंपियन ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। कलिंस सदन 490 अंकों के साथ दूसरे और टैपसिल्स सदन 463 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।मुख्य अतिथि सतपाल महाराज ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और रचनात्मक अभिव्यक्ति की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सेंट जॉर्ज कॉलेज जैसे संस्थान विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए उत्कृष्ट मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, भाईचारा और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि सेंट जॉर्ज कॉलेज हमेशा से उत्कृष्ट शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास का प्रतीक रहा है। समारोह के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।आत्मरक्षा और संस्कार से सशक्त बनें बेटियांः विकास शर्मा
राज्य

बेस अस्पताल में बदलाव की नई तस्वीर-हाईटेक सफाई,बेहतर व्यवस्थाएं और मरीजों को मिल रहा सम्मानजनक माहौल


श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल श्रीनगर इन दिनों सकारात्मक बदलावों और आधुनिक व्यवस्थाओं के कारण लगातार चर्चा में बना हुआ है। कभी अव्यवस्थाओं और सीमित संसाधनों को लेकर सवालों में रहने वाला यह अस्पताल अब स्वच्छता,आधुनिक तकनीक आधारित सफाई व्यवस्था,मरीजों की सुविधा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के नए मॉडल के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के दिशा-निर्देशों तथा मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सक्रिय कार्यशैली के चलते अस्पताल में स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मरीजों को स्वच्छ,सुरक्षित,सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। अस्पताल में नई हाउसकीपिंग व्यवस्था लागू होने के बाद अब सफाई कार्य पूरी तरह आधुनिक तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है। वार्डों,कॉरिडोर,इमरजेंसी,ऑपरेशन थिएटर और मरीजों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में हाईटेक मशीनों के जरिए नियमित और व्यवस्थित सफाई की जा रही है। पहले जहां मैनुअल सफाई व्यवस्था पर निर्भरता अधिक थी,वहीं अब ऑटो स्क्रबर मशीन,सिंगल डिस्क मशीन,हाई प्रेशर जेट मशीन और वैक्यूम क्लीनर जैसी आधुनिक मशीनों के उपयोग से अस्पताल परिसर पहले की अपेक्षा अधिक स्वच्छ,व्यवस्थित और संक्रमण नियंत्रण के मानकों के अनुरूप दिखाई दे रहा है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुविधा और गोपनीयता को भी प्राथमिकता दी है। विशेष रूप से गायनी वार्ड में महिला मरीजों के बेड के पास पर्दे लगाए गए हैं,जिससे उपचार के दौरान उन्हें सुरक्षित,सहज और सम्मानजनक वातावरण मिल रहा है। यह पहल महिला मरीजों की गरिमा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है,जिसकी सराहना तीमारदारों और आमजन द्वारा भी की जा रही है। अस्पताल परिसर की स्वच्छता को लेकर अब नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। वार्डों,सीढ़ियों,गलियारों और मरीजों के प्रतीक्षालयों में लगातार सफाई रखी जा रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने भी साफ-सुथरे और सुव्यवस्थित वातावरण पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय में अस्पताल की व्यवस्थाओं में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है। बेस अस्पताल को केवल स्वच्छ ही नहीं,बल्कि इको फ्रेंडली बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। परिसर के विभिन्न स्थानों पर इंडोर पौधे और सजावटी गमले लगाए गए हैं,जिससे अस्पताल की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ वातावरण अधिक शांत,हरित और सकारात्मक महसूस हो रहा है। हरियाली बढ़ाने की यह पहल पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रही है। इन सभी सकारात्मक बदलावों के पीछे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना की सक्रिय और संवेदनशील कार्यशैली को प्रमुख कारण माना जा रहा है। डॉ.सयाना लगातार अस्पताल की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वह प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अस्पताल परिसर में रहकर विभिन्न वार्डों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हैं तथा इसके बाद मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं। प्राचार्य समय-समय पर डॉक्टरों,नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठकें कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश देते हैं। बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों,पर्यावरण मित्रों और सफाई कर्मियों को सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है,जिससे कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ रहा है और कार्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो रही है। अस्पताल की हाउसकीपिंग व्यवस्था अब निर्मल फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है। कंपनी ने आधुनिक मशीनों के माध्यम से सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाया है। संक्रमण नियंत्रण को मजबूत करने के लिए अस्पताल में थ्री बकेट सिस्टम भी लागू किया जा रहा है,जिससे विभिन्न क्षेत्रों में साफ-सफाई और संक्रमण प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक तरीके से संचालित किया जा सके। मेडिकल प्रशासन द्वारा इस बार हाउसकीपिंग कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। वर्तमान में लगभग 80 से 85 कर्मचारी सफाई और रखरखाव कार्य में लगे हुए हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में कर्मचारियों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। अस्पताल परिसर की हरियाली और बागवानी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए माली भी नियुक्त किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन लगातार आमजन से भी सहयोग की अपील कर रहा है। लोगों से अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने,कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने,परिसर में थूकने से बचने तथा टॉयलेट में अनावश्यक वस्तुएं फ्लश न करने का अनुरोध किया जा रहा है। साथ ही कॉटन,पट्टी और अन्य मेडिकल अपशिष्ट को डस्टबिन में डालने की अपील भी की जा रही है,ताकि अस्पताल संक्रमणमुक्त और स्वच्छ बना रहे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को स्वच्छ,सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक आधारित सफाई व्यवस्था,बेहतर प्रबंधन और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से बेस अस्पताल को एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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