सितारगंज उप जिला चिकित्सालय डिलीवरी के बाद महिला की हुई मृत्यु परिजनों ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के लगाए

सितारगंज के उप जिला चिकित्सालय में डिलीवरी के दौरान आरती नाम की एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा देखने को मिला। मृतका की पहचान आरती पत्नी सिकंदर निवासी तीलियापुर उम्र लगभग 30 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण आरती की जान गई है बताया जा रहा है कि आरती को डिलीवरी के लिए उप जिला चिकित्सालय सितारगंज लाया गया था। परिजनों के अनुसार डिलीवरी के बाद अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई लेकिन समय रहते सही इलाज नहीं मिल पाया, जिसके चलते उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला मृतका के चाचा योगेंद्र यादव ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल कर्मियों की कमाई ना होने के कारण इलाज में लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार मिलता तो आरती की जान बच सकती थी वहीं मौके पर मौजूद कांग्रेसी नेता उत्तमआचार्य ने कहा कि जनप्रतिनिधि केवल अस्पतालों की तारीफ कर माला पहनने तक सीमित ना रहें, बल्कि अस्पताल स्टाफ और मरीजों की व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा ना हों इधर चिकित्सा अधिकारी कुलदीप यादव ने अस्पताल स्टाफ पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच के दौरान कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी मृतका के पिता राम रतन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मौके पर स्थानीय पुलिस प्रशासन मौजूद रहा फिलहाल घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
वाईट डॉ कुलदीप यादव चिकित्सा अधिकारी सी एच सी सितारगंज
वाईट योगेंद्र यादव सपा नेता सितारगंज
वाईट राम रतन गोठा निवासी मृतका आरती के पिता
