Sunday 14/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखाः बत्राअधिवक्ता के निधन पर संघ ने जताया गहरा शोक।टीएमयू के नमन जैन मिस्टर तो सुष्मिता राणा बनीं मिस फेयरवेलबंगाली कल्याण समिति का संगठन विस्तार, वार्ड 4 व 5 में नए वार्ड अध्यक्षों की घोषणानमामि गंगे की अनूठी पहल-अलकनंदा में प्रवाहित की गई 7000 महाशीर मछलियां,नदी की जैव-विविधता संरक्षण को मिला नया संबलपेंशन न्याय यात्रा ऐतिहासिक रूप से सफल-पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों ने न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज से लगाई गुहारतीन दिन तक मौत से जूझती रही गौमाता-पर्यावरण मित्रों और गौशाला कर्मियों ने चलाया साहसिक रेस्क्यू अभियानरोटरी क्लब की पहल, 200 से अधिक छात्राओं की आंख और कान की जांच, जरूरतमंदों को दिए मुफ्त चश्मे21 जून को रांसी स्टेडियम सहित जनपद के विभिन्न स्थलों पर होंगे सामूहिक योग कार्यक्रमविश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बच्चों को मिला अधिकारों और सुरक्षा का संदेश
राज्य

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बच्चों को मिला अधिकारों और सुरक्षा का संदेश


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर,क्यूंकालेश्वर में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा विशेष जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों,बाल संरक्षण कानूनों तथा बाल श्रम के दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और समाज में जागरुकता प्रचारित करने के लिए प्रेरित किया गया। जिला परिवीक्षा अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बच्चों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक बचपन के महत्व से अवगत कराया। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का अधिकार है कि उसे शिक्षा,सुरक्षा और विकास के समान अवसर प्राप्त हों तथा किसी भी परिस्थिति में उसका बचपन श्रम के बोझ तले दबने न पाए। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्रा बिडालिया ने बाल अधिकारों एवं बाल संरक्षण तंत्र की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों का संरक्षण केवल परिवार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण,उत्पीड़न अथवा असुरक्षित परिस्थितियों की जानकारी संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। संरक्षण अधिकारी प्रज्ञा नैथानी ने बाल श्रम को बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि बाल श्रम बच्चों की शिक्षा,स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जागरूक समाज और शिक्षित समुदाय ही बाल श्रम जैसी कुप्रथा को समाप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर विधि सह परिवीक्षा अधिकारी निखिल डेविड ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम-2012,किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 तथा अन्य बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी भी संकटग्रस्त बच्चे की सहायता के लिए यह सेवा हर समय उपलब्ध है। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक पशुपालन देवेंद्र सिंह बिष्ट,विद्यालय के प्रधानाचार्य दलीप सिंह,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वॉलेंटियर्स विनीता चौधरी,रवींद्र सिंह,बबीता रावत सहित अन्य उपस्थित रहे।

Check Also
Close