Tuesday 14/ 07/ 2026 

Bharat Najariya
गदरपुर नगर पालिका परिषद के अंतर्गत आने वाले आवास विकास के जोगेंद्र नाथ रौतेला पार्क की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है।जनता मिलन कार्यक्रम में 82 शिकायतें प्राप्त, अधिकांश का मौके पर निस्तारणउत्तराखंड के उधम सिंह नगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जवाबी फायरिंग में वांटेड बदमाश जितेंद्र चौधरी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।वी हेल्प फ़ाउंडेशन द्वारा संचालित झुग्गी पाठशाला में हुआ तृतीय वर्ष की शुभ आरम्भकिच्छा में मिनी स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास को मिली नई गति: राजेश शुक्लाअपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के लिए किया रवानाअपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के लिए किया रवानानगला-लालपुर मार्ग पर टी.डब्ल्यू.टी. तकनीक की गुणवत्ता पर उठे सवाल, विधायक बेहड़ ने पहले ही जताई थी आशंकाबाबा बर्फानी के दर्शन कर लौटे महापौर विकास शर्मा का जोरदार स्वागतनानकमत्ता में कच्ची शराब पर पुलिस का बड़ा एक्शन दो तस्कर गिरफ्तार 1000 लीटर लहन को किया नष्ट
राज्य

मसूरी में फिटनेस की नई क्रांति, पहली बार शुरू हुई एमएमए पहल, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को मिलेगा आत्मरक्षा और आत्मविश्वास का प्रशिक्षण


पहाड़ों की रानी में अब सिर्फ पर्यटन नहीं, मार्शल आर्ट्स और फिटनेस का भी बनेगा नया केंद्र

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में फिटनेस और खेल संस्कृति को नई दिशा देने वाली एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई है। मसूरी में पहली बार मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) को संगठित रूप से शुरू करते हुए, एमएमए ने शहर के युवाओं, बच्चों और आम नागरिकों के लिए फिटनेस, आत्मरक्षा और आत्मविश्वास के नए द्वार खोल दिए हैं। एमएमए की सह-संस्थापक अभिश्री बानी और कोच प्रशांत बिष्ट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय एमएमए की कार्यशाला ने यह साबित कर दिया कि मार्शल आर्ट्स केवल पेशेवर खिलाड़ियों या फाइटर्स के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र और हर वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी है। कार्यशाला में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर न केवल तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया बल्कि मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास बढ़ाने के गुर भी सीखे।
फाइट नहीं, बेहतर जीवनशैली का माध्यम है
सह-संस्थापक अभिश्री बानी ने बताया कि डड। को अक्सर लोग केवल लड़ाई या मुकाबले के खेल के रूप में देखते हैं, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक व्यापक है। उन्होंने कहा, ष्एमएमए सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है। यह व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत, शारीरिक रूप से फिट और आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाता है। जब कोई व्यक्ति अपनी सीमाओं को पार करना सीखता है तो उसका आत्मविश्वास जीवन के हर क्षेत्र में दिखाई देता है।ष्
हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद
मसूरी स्पोर्टस क्लब के महामंत्री सौरभ सोनकर ने बताया कि एमएमए की खास बात इसकी समावेशी सोच है। संस्था का मानना है कि मार्शल आर्ट्स का लाभ हर आयु वर्ग को मिल सकता है। बच्चों और युवाओं के लिए मार्शल आर्ट्स बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करता है। साथ ही यह उन्हें बुलिंग और नकारात्मक सामाजिक दबावों से निपटने की शक्ति भी देता है।कामकाजी लोगों के लिए व्यस्त जीवनशैली और तनाव से जूझ रहे पेशेवरों के लिए डड। बेहतरीन तनाव मुक्ति का माध्यम बन सकता है। इससे शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों से बुजुर्गों की शारीरिक सक्रियता, संतुलन, लचीलापन और प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर होती है, जिससे वे अधिक स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन जी सकते हैं।
स्कूलों, आईटीबीपी और एलबीएसएनएए तक पहुंचाने की तैयारी
एमएमए का लक्ष्य केवल कार्यशालाओं तक सीमित नहीं है। संस्था अब मसूरी और आसपास के स्कूलों में विशेष आत्मरक्षा एवं फिटनेस कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है ताकि बच्चों को कम उम्र से ही शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। इसके अलावा संस्था की योजना आईटीबीपी (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की है। इससे सुरक्षाबलों और प्रशासनिक अधिकारियों को उन्नत फिटनेस एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा।
मसूरी में बनेगा अत्याधुनिक एमएमए जिम
अभिश्री बानी और प्रशांत बिष्ट का अगला लक्ष्य मसूरी में एक आधुनिक और अत्याधुनिक डड। प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना है। यह केंद्र केवल खिलाड़ियों के लिए नहीं बल्कि पूरे समुदाय के लिए फिटनेस और स्वास्थ्य का केंद्र बनेगा। अभिश्री बानी ने कहा कि मसूरी में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और सुविधाओं की है। संस्था स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बनने के अवसर उपलब्ध कराना चाहती है।
फिटनेस के साथ आत्मविश्वास और सुरक्षा का संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में आत्मरक्षा कौशल और मानसिक मजबूती पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में एमएमए जैसी पहल युवाओं, महिलाओं और बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। मसूरी में पहली बार शुरू हुई यह पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, आत्मविश्वासी और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि यह अभियान इसी गति से आगे बढ़ता रहा तो आने वाले समय में मसूरी केवल पर्यटन ही नहीं बल्कि मार्शल आर्ट्स और फिटनेस प्रशिक्षण के लिए भी पहचान बना सकता है।

Check Also
Close