Wednesday 17/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बेहतर समन्वय और सीमा संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण मैत्री सम्मेलन आयोजित हुआ।टीएमयू 12बी की मान्यता मेंयूपी की उत्कृष्ट छहयूनिवर्सिटीज़ में शामिलतहसील दिवस में उठी समस्याओं का अधिकारी सक्रिय व संजीदा होकर त्वरित निस्तारित करना सुनिश्चित करें, यह निर्देश मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने मंगलवार को महाराजा अग्रसेन ट्रस्ट सितारगंज में आयोजित तहसील दिवस में दिये।मसूरी में मनाया गया विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस, बुजुर्गों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा का लिया संकल्पभाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का मसूरी में भव्य स्वागत, 2027 चुनावी तैयारियों पर हुआ मंथनसंगठन की मजबूती, विकास कार्यों और जनसंपर्क अभियान को लेकर कार्यकर्ताओं से लिया फीडबैकबालिका शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान रहा काशीपुर जीजीआईसी की लचर व्यवस्था पर कांग्रेस महानगर जिला अध्यक्ष अलका पाल ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उसके जीर्णोद्वार मांग कीराधे कृष्णा इंस्टीट्यूट में सिविल जज नंदिता काला ने विद्यार्थियों को दिए कानूनी अधिकारों की जानकारीमसूरी में फिटनेस की नई क्रांति, पहली बार शुरू हुई एमएमए पहल, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को मिलेगा आत्मरक्षा और आत्मविश्वास का प्रशिक्षणउत्तरांचल पंजाबी महासभा की एक बैठक पीलीभीत रोड स्थित कार्यालय में संपन्न हुई
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मसूरी में मनाया गया विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस, बुजुर्गों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा का लिया संकल्प


मसूरी। विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (15 जून) के अवसर पर बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर मसूरी वरिश्ठ नागरिक समिति द्वारा मसूरी के लाइव्रेरी गुरूद्वारा के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मसूरी गर्ल्स इंटर कॉलेज और सरस्वती षिषु विद्या मंदिर के छात्रों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बुजुर्ग केवल परिवार ही नहीं बल्कि समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव, ज्ञान और त्याग ने वर्तमान पीढ़ी को मजबूत आधार प्रदान किया है।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हर वर्ष 15 जून को मनाए जाने वाले इस दिवस का उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति होने वाले शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक दुर्व्यवहार के प्रति लोगों को जागरूक करना है। साथ ही समाज में उनके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव विकसित करना भी इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य है।वक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ते एकल परिवारों के दौर में अनेक बुजुर्ग उपेक्षा, अकेलेपन और असम्मान का सामना कर रहे हैं। कई मामलों में उन्हें आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याओं से भी गुजरना पड़ता है। यह स्थिति समाज के नैतिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने कहा कि वृद्ध दुर्व्यवहार केवल शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं है। किसी बुजुर्ग की भावनाओं की अनदेखी करना, उनकी आवश्यकताओं की उपेक्षा करना, उन्हें निर्णय प्रक्रिया से दूर रखना या आर्थिक रूप से निर्भर बनाकर उनका शोषण करना भी दुर्व्यवहार की श्रेणी में आता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और समाज में बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और देखभाल को प्राथमिकता देंगे। वक्ताओं ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लें और उन्हें परिवार का अभिन्न हिस्सा बनाकर रखें।इस अवसर पर यह भी कहा गया कि किसी भी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है। यदि बुजुर्ग सुरक्षित, सम्मानित और खुशहाल होंगे तो समाज भी अधिक संवेदनशील और मजबूत बनेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना को जीवन में अपनाने तथा वृद्ध दुर्व्यवहार के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस मौके पर नरेंद्र साहनी, हर्षद वोहरा, जी.एस. मनचंदा, जीके गुप्ता, रमेश गोयल, के.एस.सेठी सहित कई लोग मौजूद थे।

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