भारतीय योग संस्थान के पांच दिवसीय ‘मोटापा निवारण योग शिविर’ का भव्य समापन; भारी संख्या में उमड़े नए साधक

देहरादून,भारतीय योग संस्थान के पूर्वी जिले द्वारा आयोजित पांच दिवसीय ‘मोटापा योग निवारण शिविर’ का आज, 19 जून को बेहद उत्साह और गरिमामयी माहौल में भव्य समापन भारतीय योग संस्थान के उत्तराखंड सचिव श्री मोहन लाल विरमानी जी के सानिध्य में हुआ। यह विशेष शिविर बीते 15 जून से निरंतर सफलतापूर्वक संचालित हो रहा था। शिविर के अंतिम दिन योग साधकों की संख्या बल में भारी उछाल देखने को मिला, जिसमें विशेष रूप से नए साधकों की भागीदारी सराहनीय रही।
व्यापक प्रचार-प्रसार और 5 दिनों का विशेष पाठ्यक्रम*
इस शिविर की सफलता की नींव इसकी शुरुआत से पहले ही रख दी गई थी। पूर्वी जिले के समर्पित शिक्षकों और साधकों ने मिलकर व्यक्तिगत संपर्क (डोर-टू-डोर) और सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों द्वारा इसका ज़ोरदार प्रचार-प्रसार किया था, जिसके फलस्वरूप इतनी भारी संख्या में लोग योग से जुड़े।
पांच दिनों के इस विशेष शिविर में केवल मोटापा दूर करने वाले आसनों का अभ्यास ही नहीं कराया गया, बल्कि मोटापे से जुड़े हर पहलू पर गहराई से प्रकाश डाला गया, जैसे:
-> *मोटापे की समझ और कारण*: साधकों को विस्तार से समझाया गया कि मोटापा वास्तव में क्या है और इसके बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं।
-> *आहार और दिनचर्या (Diet & Routine):* हमारा दैनिक भोजन कैसा होना चाहिए और मोटापे से मुक्ति पाने के लिए एक आदर्श दिनचर्या कैसी हो, इस पर सुंदर व वैज्ञानिक जानकारी दी गई।
-> अन्य बीमारियों से बचाव: मोटापा अपने साथ शरीर में और कौन-कौन सी गंभीर बीमारियां लेकर आता है, इसके प्रति साधकों को जागरूक किया गया।
-> योग साहित्य का महत्व: साधकों को संस्थान के प्रामाणिक योग एवं स्वास्थ्य साहित्य की भी जानकारी दी गई, ताकि वे घर पर भी सही ज्ञान प्राप्त कर सकें।
हरिद्वार से आए वरिष्ठ अधिकारियों ने कराई विशेष साधना
शिविर के पांचवें और अंतिम दिन की शुरुआत एक ऊर्जावान योग सत्र से हुई। इस सत्र का संचालन विशेष रूप से हरिद्वार से पधारे संस्थान के उच्च अधिकारियों द्वारा किया गया। वरिष्ठ अधिकारी जयप्रकाश सिगले जी, तिलक राज तनेजा , श्रीमती सुशीला घिल्डियाल और श्रीमती प्रवीण अरोड़ा के कुशल मार्गदर्शन में साधकों ने योग क्रियाएं सीखकर लाभ उठाया।
अन्य जिलों के अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
पूर्वी जिले के इस सफल आयोजन में संस्थान के अन्य जिलों के पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लेकर साधकों का मनोबल बढ़ाया। समारोह में पूर्वी जिले के संपादक श्री स्वरूप सिंह भंडारी, दक्षिण जिले से श्रीमती रंजीत प्रधान जी, उत्तरी जिले से श्री ओमप्रकाश दूशेजा जी, और पश्चिमी जिले से श्रीमती ऋतु भजिया जी, श्री सोनी जी, श्री रमेश जी, व श्री खरबंदा जी सहित कई अन्य सम्मानित अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों की मौजूदगी में समापन सत्र बेहद सुंदर ढंग से संपन्न हुआ।
मोनिका यादव ने किया कुशल मंच संचालन
इस भव्य समापन समारोह का मंच संचालन मोनिका यादव ने बेहद खूबसूरती और प्रखरता के साथ किया। उन्होंने अपने प्रभावी वक्तव्य से कार्यक्रम में अंत तक गरिमा बनाए रखी। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने इस पांच दिवसीय शिविर को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए उपस्थित सभी अधिकारियों, योग गुरुओं and साधकों का हृदय से आभार व धन्यवाद प्रकट किया।
नए साधकों के लिए निकला ‘लकी ड्रॉ’, बांटे गए इनाम
इस 5 दिवसीय शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि बड़ी संख्या में नए लोगों का योग से जुड़ना रही। अंतिम दिन नए साधकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष ड्रॉ (लकी ड्रॉ) का आयोजन किया गया। इसमें से तीन विजेताओं के नाम निकाले गए, जिन्हें मंच पर उपस्थित उच्च अधिकारियों के कर-कमलों द्वारा विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सामग्री स्टॉल और सुंदर प्रसाद वितरण*
शिविर परिसर में आदरणीय श्री खरबंदा जी के नेतृत्व में स्वास्थ्य और योग से जुड़ी उपयोगी सामग्रियों का एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया था, जहां साधकों ने बढ़-चढ़कर जानकारी और सामग्री प्राप्त की। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी उपस्थित साधकों और मेहमानों के बीच बेहद सुंदर प्रसाद का वितरण किया गया।
*भरपूर सहयोग के लिए आभार और शुभकामनाएं*
शिविर के सफल समापन पर प्रबंधकों ने सभी साधकों और कार्यकर्ताओं के भरपूर सहयोग की सराहना की। पूर्वी जिले के सभी अधिकारियों और कर्मठ साधकों को इस 5 दिवसीय सफल आयोजन की हार्दिक बधाई दी गई।
*संस्थान का संदेश:*
“रोग मुक्त जीवन जीने के लिए तथा जीवन को सार्थक बनाने के लिए प्रतिदिन योगाभ्यास व निष्काम कर्म करें। इस महान कार्य के लिए संस्थान से जुड़ें व प्रतिदिन केन्द्र पर आयें।”
