Monday 21/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
शिक्षक भविष्य निर्माता होता है – डॉ स्वामी चंद्रामसूरी शरदोत्सव का न्योता लेकर सीएम धामी से मिले गणेश जोशी और मीरा सकलानीलंबे अंतराल बाद लौट रहा मसूरी का ऐतिहासिक शरदोत्सव, मुख्यमंत्री नेहै आयोजन में पहुंचने का दिया भरोसा पहाड़ों की रानी मसूरी में लंबे समय बाद होने जा रहे ऐतिहासिक शरदोत्सव 2026 को लेकर शहर में उत्साह बढ़ने लगा है। शरदोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारियों के बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और नगर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें शरदोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन में पहुंचने का भरोसा दिया। शरदोत्सव को मसूरी की पुरानी सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़े इस आयोजन की दोबारा शुरुआत से स्थानीय कलाकारों, युवाओं, व्यापारियों और नागरिकों में उत्साह है। आयोजन के माध्यम से मसूरी की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय कला और प्रतिभाओं को मंच देने की तैयारी की जा रही है।मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने मसूरी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों से भी उन्हें अवगत कराया। उन्होंने सड़क, पेयजल, पर्यटन विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। हालांकि मुलाकात का प्रमुख केंद्र शरदोत्सव रहा और मुख्यमंत्री को आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। शरदोत्सव के आयोजन को लेकर शहर में विभिन्न समितियों के गठन और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय कलाकारों और अन्य प्रतिभाओं को अवसर देने की तैयारी है। इससे मसूरी के पर्यटन सीजन में भी नई गतिविधियां जुड़ने की उम्मीद है। मुलाकात में सभासद कुशाल सिंह राणा, जसबीर कौर, प्रदेश संस्कृति प्रकोष्ठ संयोजक राजेंद्र रावत, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।मसूरी में रेलवे की जमीन पर कब्जे को लेकर मसूरी झड़ीपानी में कार्रवाई, 31 मकानों पर नोटिस चस्पा संपदा अधिकारी के बेदखली आदेश के बाद उत्तर रेलवे की टीम पहुंची, भारी पुलिस बल रहा तैनात झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर उत्तर रेलवे ने कार्रवाई तेज कर दी है। संपदा अधिकारी की अदालत से बेदखली आदेश जारी होने के बाद सोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों की टीम भारी पुलिस बल के साथ झड़ीपानी पहुंची। टीम ने रेलवे की भूमि पर बने 31 मकानों पर नोटिस चस्पा किए। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी तरह के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।उत्तर रेलवे की ओर से जारी संपदा अधिकारी के आदेश के अनुसार झड़ीपानी स्थित ओक ग्रोव स्कूल के समीप रेलवे की करीब 100 वर्ग मीटर भूमि पर जगमोहन उर्फ सांझ कैफे पुत्र दर्शन लाल द्वारा अनधिकृत कब्जा किए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी।रेलवे अधिकारियों के अनुसार संपदा अधिकारी की अदालत ने पूरे मामले में रेलवे की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और पक्ष को देखने के बाद कब्जे को अनधिकृत माना है। आदेश में प्रतिवादी को 15 दिन के भीतर रेलवे की भूमि से कब्जा हटाकर रेलवे को भूमि सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में रेलवे प्रशासन को नियमानुसार बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई करने तथा कार्रवाई में आने वाला खर्च वसूल करने का अधिकार भी दिया गया है।रेलवे ने तीन पुराने विक्रय अभिलेखों का दिया हवालारेलवे की ओर से संपदा अधिकारी की अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा गया कि संबंधित भूमि रेलवे की है और इसके समर्थन में रेलवे के पास पुराने विक्रय अभिलेख मौजूद हैं। रेलवे ने अपने जवाब में 21 अप्रैल 1886, 28 दिसंबर 1895 तथा वर्ष 1920-21 के अभिलेखों का हवाला देते हुए भूमि पर रेलवे का अधिकार बताया है। रेलवे का कहना है कि इन दस्तावेजों से संबंधित प्रतियां भी वाद पत्रावली में प्रस्तुत की गई हैं।रेलवे अधिकारियों ने प्रतिवादी के उस दावे को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें भूमि को निजी संपत्ति बताया गया था। रेलवे के अनुसार प्रतिवादी की ओर से भूमि के स्वामित्व को प्रमाणित करने वाला ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे संबंधित 100 वर्ग मीटर भूमि पर उसका मालिकाना हक साबित हो सके।हाई कोर्ट के आदेश का भी दिया हवालामामले में प्रतिवादी की ओर से वर्ष 1940 के सीमांकन, राजस्व विभाग की रिपोर्ट और उत्तराखंड हाई कोर्ट में दाखिल रिट याचिकाओं का हवाला दिया गया था। प्रतिवादी ने दावा किया था कि राजस्व विभाग की सीमांकन कार्रवाई में संबंधित भूमि रेलवे की नहीं पाई गई। वहीं रेलवे ने संपदा अधिकारी की कार्यवाही में कहा कि हाई कोर्ट ने पूर्व में रेलवे की नोटिस संबंधी कार्यवाही को प्रक्रिया संबंधी आधार पर निरस्त किया था, लेकिन रेलवे को कानून के अनुसार कार्रवाई करने से नहीं रोका गया था। इसी आधार पर रेलवे ने संपदा अधिकारी के समक्ष नए सिरे से कार्रवाई की।पुलिस बल की मौजूदगी में चस्पा हुए नोटिससोमवार को उत्तर रेलवे के अधिकारियों और रेलवे पुलिस की टीम झड़ीपानी पहुंची। कार्रवाई को देखते हुए मसूरी पुलिस की ओर से भी भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। मसूरी कोतवाल नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली।आषु षर्मा सिनियर सेक्षन इंजीनियर रेलवे देहरादून ने बताया कि नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई संपदा अधिकारी के आदेश के अनुपालन में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक आगे की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे और स्थानीय लोगों के बीच जमीन के स्वामित्व और सीमांकन को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वही स्थानीय लोगों ने कहा वह कई दशकों से यहां पर रह रह है और उनके द्वारा भूमि को खरीद कर मकान बनाया है वह नगर पालिका परिषद में भी दाखिल खारिज हो रखा हे ऐसे में रेलवे के अधिकारी आये दिन रेलवे की संपत्ति बताकर उनके मकानों में नोटिस लगा रहे है जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न भी हा रहा है उन्होंने कहा कि उनके द्वारा रेलवे बोर्ड से उनकी सम्पति के कागजात दिखाने को कहा गया वह रेलवे के अधिकारी कागज नहीं दिखा रहे है। उन्होंने कहा वह सक्षम न्यायालय में पूरे मामले को लेकर जायेगे। इस मौके पर मसूरी कोतवाल नरेन्द्र सिंह, एसएसआई सतेन्द्र भाटी सहित भारी पुलिस फोर्स मौजूद था।प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर करनपुर में जलाए हजारों दीप, हलवा प्रसाद का हुआ वितरणमजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से समृद्ध उत्तराखण्ड बनेगा : मुख्यमंत्रीसितारगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आठ वारंटी अभियुक्त गिरफ्तारउत्तम संयम धर्म के दिन धूप की सुगंध से महका टीएमयू परिसरसितारगंज।  उप जिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम प्रधानों के लिए एक आवश्यक बैठक एवं संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक करते हुए इसके लक्षण, बचाव एवं उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं इस मौके पर उपस्थित चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि अस्पताल में ग्राम प्रधानों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हें क्षय रोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षण के माध्यम से बताया गया कि यदि किसी ग्राम सभा या आसपास के क्षेत्र में कोई व्यक्ति क्षय रोग से ग्रसित पाया जाता है, तो उसकी पहचान, जांच एवं उपचार के लिए किस प्रकार स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित किया जा सकता है उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम प्रधानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रधानों सहित उप जिला चिकित्सालय का स्टाफ भी मौजूद रहा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाना रहा।प्रदेश को खेलभूमि के रूप में विकसित कर रही धामी सरकारः विकास शर्माकिच्छा में भव्य रोड शो में उमड़ा जनसैलाब, संदीप अरोड़ा के समर्थन में महापौर विकास शर्मा ने किया जनसंपर्क
राज्य

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात प्रधानमंत्री के साथ कार्यक्रम आयोजित


श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित स्वामी मनमंथन ऑडिटोरियम में खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात प्रधानमंत्री के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन को सुना तथा खेलों,फिटनेस और युवा सहभागिता से जुड़े विषयों पर संवाद किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने,युवाओं को खेलों से जोड़ने तथा खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप ओलंपिक खेलों की संभावनाओं को विकसित करने और युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचारों को सुनना ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि उन्हें जीवन और कार्य व्यवहार में ग्रहण करना आवश्यक है। खेलों के लिए केवल संसाधनों से अधिक जुनून,अनुशासन और निरंतर परिश्रम की आवश्यकता होती है। विद्यार्थियों को आलस्य से दूर रहकर अपनी प्रतिभा को पहचानना चाहिए। विश्वविद्यालय में खेलों के लिए आवश्यक संसाधन विकसित करने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। देश में खेलों के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव आया है और विद्यार्थियों को ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे परिवार,विश्वविद्यालय और राष्ट्र का गौरव बढ़े। कुलपति ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत उपस्थित विद्यार्थियों को संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और अनुशासित युवा ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला हैं। कार्यक्रम में विधायक विनोद कंडारी ने प्रधानमंत्री के युवाओं के प्रति दृष्टिकोण और उनके प्रेरणादायी विचारों से सीख लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एवं समाज को अभावग्रस्त और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा तथा विकास में सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित सुरेंद्र सिंह केनवाशी ने अपने खेल जीवन के अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। भारतीय सेना में रहते हुए नौकायन के माध्यम से देश को अनेक पदक दिलाने वाले केनवाशी ने युवाओं को खेलों के प्रति निरंतर जागरूक और समर्पित रहने का संदेश दिया। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ संकल्प,अनुशासन और निरंतर अभ्यास से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री के खेल एवं विकसित भारत के सपनों को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा एवं राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी कु.सविता गुरुंग,जिन्होंने जूडो में भारत को कई राष्ट्रीय पदक दिलाए हैं,विद्यार्थियों से खेल को केवल शौक के रूप में न लेकर रोजगार एवं कैरियर की संभावनाओं से जोड़कर देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं के लिए आज अनेक नए अवसर उपलब्ध हैं और निरंतर अभ्यास तथा सही मार्गदर्शन के माध्यम से युवा खेलों को अपने भविष्य की मजबूत कड़ी बना सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अतिथियों एवं मंच पर उपस्थित खेल प्रतिभाओं से खेल प्रशिक्षण,कैरियर,संसाधनों,प्रतियोगिताओं तथा खेलों में उपलब्ध अवसरों से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाएं साझा की। अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए अपने अनुभवों और सुझावों से उन्हें लाभान्वित किया। कार्यक्रम हेतु सांसद अनिल बलूनी के संदेश को पढ़ते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ.राकेश नेगी ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया और मोहित बिष्ट ने सभी अतिथियों,प्रतिभागियों एवं उपस्थित प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बिड़ला परिसर निदेशक प्रो.एच.बी.एस.चौहान,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं,संकायाध्यक्ष नियुक्ति एवं प्रोन्नति प्रो.मोहन पंवार,प्रो.दीपक कुमार,प्रो.एस.एस.बिष्ट,प्रो.अनिल नौटियाल,प्रो.जे.पी.मेहता,प्रो.ममता आर्य सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी,कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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