Flash News
अवैध खनन पर सख्ती: एसएसपी अजय गणपति ने चौकी शक्तिफार्म के प्रभारी सहित 8 पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिररुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर में अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बड़ी कार्रवाई की है। चौकी शक्तिफार्म क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन की खबरें दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद एसएसपी ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया।जांच में पाया गया कि क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा सका और ड्यूटी के प्रति उदासीनता व लापरवाही बरती गई। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने चौकी प्रभारी शक्तिफार्म उप निरीक्षक प्रकाश चन्द्र भट्ट सहित चौकी में तैनात कुल आठ पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए तथा अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी का निर्वहन करें।

Grid Posts

View All
उत्तराखण्ड

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में भारतीय भाषाओं में पुस्तक लेखन हेतु शिक्षकों की क्षमता विकास कार्यशाला का समापन

उत्तराखण्ड

कठुली में सेवा संकल्प शिविर से ग्रामीणों को मिली राहत,अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण

उत्तराखण्ड

मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की पहल-दूरस्थ क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने पर जोर

उत्तराखण्ड

जनपद स्तरीय क्विज प्रतियोगिता में एकेश्वर विकासखंड की टीम रही प्रथम,राज्य स्तर पर करेगी जनपद का प्रतिनिधित्व

उत्तराखण्ड

जनक दरबार में गूंजी पुरानी पेंशन बहाली की गुहार-2 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे कार्मिक,मांग पूरी न हुई तो भूख हड़ताल की चेतावनी

राज्य

पलेठी के शिवालय तक पहुंचेगी सड़क 96.23 लाख की लागत से 2.550 किमी मोटर मार्ग का विधायक विनोद कंडारी ने किया शिलान्यास

देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पलेठी (डोबिल्यालों) के ग्रामीणों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित…

राज्य

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संगठनों ने भरी एकजुटता की हुंकार-जिला अस्पतालों के अस्तित्व से लेकर पुरानी पेंशन बहाली तक उठीं नौ बड़ी मांगें

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के अधिकारी एवं कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों एवं समस्याओं को…

राज्य

छात्र संघ चुनाव की बढ़ी सरगर्मी-पौड़ी पुलिस का कड़ा पहरा,हुड़दंग किया तो होगी सख्त कार्रवाई

श्रीनगर गढ़वाल। छात्र संघ चुनाव को लेकर गढ़वाल विश्वविद्यालय के श्रीनगर कैंपस सहित पौड़ी कॉलेज में चुनावी सरगर्मी तेज हो…

राज्य

एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हाजिरी पर घमासान-आउटसोर्स कंपनी के नए ऐप का खुला विरोध

श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति दर्ज करने के लिए लागू की…

राज्य

एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में संस्कृत सप्ताह महोत्सव में सजी कालिदास की अमर गाथा-कालिदासस्य विवाह के मंचन ने बांधा समां

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर स्थित संस्कृत विभाग में आयोजित संस्कृत सप्ताह महोत्सव के…

राज्य

हिंसा से बचें, आत्मा को पहचानें और परमात्मा पद की ओर बढ़ें — आर्यिका रत्न पूर्णमति माताजी

देहरादून। परम पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी के पावन सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन…

राज्य

अंधकार चीरकर दिव्य चेतना के प्राकट्य का पर्व है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी–डॉ.अखिलेश चन्द्र चमोला

श्रीनगर गढ़वाल। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की वह मध्यरात्रि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में केवल एक तिथि नहीं,बल्कि…

राज्य

हिमालय की रक्षा का संकल्प लेकर गूंजा सौडू क्वीसू विद्यालय-नौनिहालों ने पढ़ी हिमालय प्रतिज्ञा

श्रीनगर गढ़वाल। हिमालय केवल पर्वतों की श्रृंखला नहीं,बल्कि देश की जीवनरेखा,जलवायु संतुलन और करोड़ों लोगों के जीवन का आधार है।…

राज्य

आरएच असंगति से जूझ रहे नवजात को दो बार चढ़ाया गया नया खून-बेस अस्पताल श्रीनगर के डॉक्टरों ने बचाई नन्ही जान

श्रीनगर गढ़वाल। जन्म के बाद तेजी से बढ़ता पीलिया,शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का तेजी से टूटना और गंभीर रक्त…

राज्य

नगर निगम से सेवानिवृत्त हुए दिनेश मिश्रा-राजकीय सेवा से विदाई,समाज से नहीं-श्रीनगर की धार्मिक सांस्कृतिक चेतना के सशक्त प्रहरी

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर की धार्मिक,सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय सहभागिता निभाने वाले नगर निगम श्रीनगर के…

राज्य

ड्राइंग व भाषण प्रतियोगिता में झलकेगा विकसित भारत का संकल्प–डाॅ.धन सिंह रावत

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेशभर के शासकीय,अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा उनमें…

राज्य

श्रीमद्भागवत की अमृतधारा के बीच 4 सितंबर को सजेगी कृष्ण जन्मोत्सव की भव्य झांकियां

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि श्रीनगर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत एक बार फिर भक्ति,आस्था और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर…

राज्य

ड्राइंग व भाषण प्रतियोगिता में झलकेगा विकसित भारत का संकल्प–डाॅ.धन सिंह रावत

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेशभर के शासकीय,अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा उनमें…

राज्य

यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा में गार्गी चमोली की शानदार सफलता से ढामक गांव में जश्न

श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की बेटियां आज अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के दम पर सफलता की नई ऊंचाइयां छू रही…

राज्य

किशोरियों के स्वास्थ्य पर खुलकर हुई बात-किलकिलेश्वर में रोटरी क्लब ने दिया जागरूकता का संदेश

श्रीनगर गढ़वाल। किशोरियों के स्वास्थ्य,स्वच्छता और आत्मविश्वास से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में रोटरी क्लब श्रीनगर ने…

राज्य

युवा शक्ति के संकल्प से साकार होगा नशामुक्त उत्तराखंड–डॉ.धन सिंह रावत

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के खिलाफ उत्तराखंड में अब निर्णायक जनजागरूकता अभियान को गति दी जा रही है।…

राज्य

कर्तृत्व भाव की भूल छोड़ आत्मा की ओर लौटना ही धर्म की सच्ची साधना : आर्यिका पूर्णमति माताजी

देहरादून। परम पूज्य आर्यिका रत्न गुरुमाँ 105 श्री पूर्णमति माताजी के पावन सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं…

राज्य

हल्द्वानी रामलीला मैदान प्रकरण को लेकर कांग्रेस मुखर-दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग

श्रीनगर गढ़वाल। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण किए जाने के मामले को लेकर कांग्रेस…

राज्य

जनता दर्शन बना समाधान का मंच-शिकायत मिलते ही हरकत में आया प्रशासन,28 मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनसमस्याओं के समाधान को लेकर पौड़ी जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली अब केवल शिकायतें दर्ज करने तक सीमित नहीं…

राज्य

नृसिंह वाटिका में गूंजी भक्ति की मंगलध्वनि-परिवार संग पहुंचे मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने भगवान नृसिंह एवं बाबा रसिकेश्वर महादेव के चरणों में टेका माथा

ऋषिकेश/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की पावन आध्यात्मिक धरती पर धर्म,आस्था और जनसेवा का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला,जब…

राज्य

देहरादून,भारतीय जनता पार्टी महानगर अनुसूचित मोर्चा के द्वारा राहुल गांधी द्वारा जातीय टिप्पणी करने लैंसडाउन चौक पर पुतला दहन कार्यक्रम किया गया।

पुतला दहन में सभी कार्यकर्ताओं के द्वारा इस करूर मानसिकता जाति-पाति की विभाजनकारी राजनीति के माध्यम से समाज में वैमनस्यता…

राज्य

रक्त की हर बूंद से उठी पुरानी पेंशन की पुकार-देहरादून में कर्मचारियों ने लिखा मुख्यमंत्री के नाम पत्र

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग अब कर्मचारियों के आंदोलन से निकलकर सामाजिक सरोकार और भावनात्मक अभियान…

राज्य

राष्ट्रपति से भेंट कर अभिभूत हुए जनजातीय छात्र-छात्राएं

एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने किया राष्ट्रपति भवन का भ्रमण, ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक स्थलों का भी लिया अनुभव रक्षाबंधन के…

राज्य

अग्रवाल समाज महिला प्रकोष्ठ द्वारा आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व से पूर्व होटल कैलिस्ता पटेल नगर

देहरादून में श्री कृष्ण जी माता यशोदा जी के संघ बाल लीलाओं का मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया दीप प्रज्वलन…

राज्य

पांच भाषाओं में लोकजीवन की अमूल्य धरोहर समेटे पंचवेणी कोश संग्रह का भव्य विमोचन श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की लोकभाषा,लोक-संस्कृति और लोक साहित्य की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करने की दिशा में रविवार को श्रीक्षेत्र श्रीनगर में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक अध्याय जुड़ा। हिमालयन साहित्य एवं कला परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट श्रीनगर के तत्वावधान में साहित्यकार डॉ.प्रकाश चमोली द्वारा रचित पंचवेणी कोश संग्रह पुस्तक का भव्य विमोचन किया गया। यह कृति उत्तराखंड की लोकभाषाओं में पीढ़ियों से प्रचलित मुहावरों,लोकोक्तियों एवं कहावतों को पांच भाषाओं-गढ़वाली,कुमाऊनी,संस्कृत,हिंदी और अंग्रेजी के संदर्भों के साथ प्रस्तुत करती है। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गरिमा से ओत-प्रोत कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार,मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। वंदे मां पुरुषोत्तम,दैणा हुय्या खोली का गणेश,दैणा हुय्या मोरी का नारायण तथा मेरा गढ़देशा जैसे गढ़वाली गीतों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को लोकसंस्कृति के रंग में रंग दिया। ऋषिकेश से पहुंचे कलाकारों ने पारंपरिक सांस्कृतिक वाद्ययंत्रों की मनोहारी प्रस्तुति देकर समारोह में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम का कुशल संचालन कविराज नीरज नैथानी ने किया। पुस्तक विमोचन के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग के निदेशक पीबीबी सुब्रमण्यम रहे,जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ट्रस्टी प्रो.उमा मैठाणी,अतिविशिष्ट अतिथि डॉ.विष्णुदत्त कुकरेती,कुमाऊनी साहित्यकार कृपाल सिंह शील, गढ़वाल विश्वविद्यालय लोककला एवं निष्पादन संस्कृत परिषद के निदेशक गणेश कुकशाल गणी,आचार्य भास्करानंद अणथ्वाल,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी,अनिल स्वामी,दिनेश जोशी,जसपाल गुसाईं,प्रवेश चमोली सहित अनेक साहित्यकार,शिक्षाविद् एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे। पंचवेणी कोश संग्रह को केवल एक पुस्तक नहीं,बल्कि उत्तराखंड की लोकस्मृति,जनअनुभव और भाषाई विरासत को सहेजने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। लोक साहित्य की सृजनधारा सृष्टि के उद्भव के साथ ही मानव जीवन के साथ प्रवाहित होती रही है। लोकगीत,लोकगाथा,लोककथा और लोकनाट्य के साथ प्रकीर्ण लोक साहित्य में मुहावरों,पहेलियों और कहावतों का विशेष महत्व रहा है। डॉ.प्रकाश चमोली ने उत्तराखंड के आंचलिक समाज में पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रचलित अनेक दुर्लभ लोकोक्तियों,मुहावरों और कहावतों को संकलित कर उन्हें व्यापक भाषाई संदर्भ प्रदान किया है। इस कृति की विशेषता यह है कि गढ़वाली एवं कुमाऊनी लोकभाषा में प्रचलित कथनों को हिंदी,संस्कृत और अंग्रेजी में उनके समानार्थी अथवा भाव-साम्य वाले कथनों के साथ सुंदर ढंग से समायोजित किया गया है। इस दृष्टि से यह पुस्तक न केवल लोकभाषा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है,बल्कि विभिन्न भाषाओं के बीच संवाद स्थापित करने वाली साहित्यिक कड़ी के रूप में भी सामने आती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ट्रस्टी प्रो.उमा मैठाणी ने पुस्तक की विशेषताओं एवं इसके साहित्यिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। गणेश कुकशाल गणी,शिक्षक शिव सिंह नेगी,डॉ.विमल चौहान,कुमाऊनी साहित्यकार कृपाल सिंह शील तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.विष्णुदत्त कुकरेती ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पंचवेणी कोश संग्रह को लोकभाषा और लोकसाहित्य के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कृति बताया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी ने भी पुस्तक की उपयोगिता पर विचार व्यक्त किए और लेखक के प्रयास की सराहना की। जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत ने डॉ.प्रकाश चमोली को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने लोकभाषा और संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए ऐसे साहित्यिक प्रयासों को आवश्यक बताया। पुस्तक विमोचन समारोह में सबसे भावुक और आत्मीय दृश्य उस समय देखने को मिला जब डॉ.प्रकाश चमोली के मूल गांव मरगांव बचणस्यू से पहुंची महिला मंगल दल की सदस्यों ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। बचणस्यू मंडाण ग्रुप के अंकित रावत और जसपाल गुसाईं ने भी लेखक का सम्मान किया। कविराज नीरज नैथानी,अजब सिंह रावत,उम्मेद सिंह मेहरा,दिनेश प्रसाद डिमरी,राजकीय इंटर कॉलेज खंदूखाल के शिक्षक-कर्मचारियों तथा श्रीराम ज्वेल्स के संचालक राजीव विश्नोई ने डॉ.चमोली का स्वर्णजड़ित मुकुट,शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया। अपने संबोधन में डॉ.प्रकाश चमोली ने अपनी पुस्तक के विमोचन के अवसर पर श्रीक्षेत्र की पुण्यभूमि को नमन करते हुए मुख्य अतिथि,विशिष्ट अतिथि,साहित्यकारों,विद्वानों और उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुस्तक के विमोचन का यह अवसर उनके लिए गौरव और भावुकता से भरा है। डॉ.चमोली ने अपने गांव मरगांव से आई महिला मंगल दल की सदस्यों को वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उनकी मां पवित्रा देवी,धर्मपत्नी मीनाक्षी चमोली,पुत्र वैभव और पुत्री मंजरी,बड़े भाई राधाकृष्ण चमोली सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी मौजूद रहे। मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग के निदेशक पीबीबी सुब्रमण्यम ने अपने संबोधन में भाषा और समाज के संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम समाज के घटक हैं और हमारी अपनी-अपनी भाषाएं हमारी पहचान तथा सांस्कृतिक चेतना की वाहक हैं। उन्होंने लोक-भाषाओं में संरक्षित ज्ञान,अनुभव और जीवन-दर्शन को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के ऐसे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.भानु प्रसाद नैथानी,प्रो.अनिल नौटियाल,बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेश चन्द्र जोशी और संरक्षक अनूप पांथरी,जयकृष्ण पैन्यूली,रोटरी क्लब से दिनेश जोशी और अनूप घिल्डियाल,प्रधान मरगांव गुड्डी देवी,पूनम रतूड़ी,सावेत्री देवी वीरेंद्र रतूड़ी,प्रभाकर बाबुलकर,प्रदीप अणथ्वाल,बंटी जोशी,प्रदीप तिवारी सहित शिक्षक संगठन से जुड़े अनेक लोग एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। पंचवेणी कोश संग्रह का विमोचन श्रीनगर की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक धरती पर लोकभाषा के संरक्षण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल के रूप में सामने आया। यह कृति उत्तराखंड की लोकवाणी में संचित अनुभव,हास्य,व्यंग्य,जीवन-दर्शन और सामाजिक चेतना को शब्दों में सहेजते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मूल्यवान भाषाई विरासत प्रस्तुत करती है।

राज्य

युवा संगम चरण-7 की मेजबानी करेगा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय उत्तराखंड-बंगाल के युवाओं के बीच होगा संस्कृति और ज्ञान का महासंगम

श्रीनगर गढ़वाल। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत आयोजित युवा संगम चरण-7…