Friday 17/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
आजादनगर में बीस साल बाद सड़क का शिलान्यासताबड़तोड़ शिलान्यास कर महापौर ने दी लाखों के विकास कार्यों की सौगातसड़क निर्माण की अनदेखी पर फूटा जनाक्रोश-जखण्ड-मैखण्डी मोटर मार्ग को लेकर आंदोलन की चेतावनी-16 अप्रैल से क्रमिक अनशन का ऐलानपौड़ी में कर्मचारी हितों को बड़ी सौगात-संघ भवन निर्माण की दिशा में तेजी,भूमि चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ीचारधाम यात्रा से पहले सख्त तैयारी-खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन का शिकंजा,लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाईअक्षय तृतीया पर कुरीति के खिलाफ निर्णायक पहल-बाल विवाह रोकने को छात्रों में जगाई कानूनी चेतनामसूरी में स्कूल से सड़क तक हरियाली’कृमसूरी को सुंदर बनाने की नई पहल, पर्यावरण दिवस से शुरू होगा अभियानम्सूरी, 17 अप्रैल मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी को और अधिक सुंदर, व्यवस्थित व पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक नई पहल की शुरुआत की है। इसी क्रम में एसडीएम राहुल आनंद की अध्यक्षता में एसडीएम कार्यालय में शहर के विभिन्न अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें “स्कूल से सड़क तक हरियाली” का खाका तैयार किया गया।बैठक में एसडीएम राहुल आनंद ने स्कूल प्रबंधन से अपील की कि जिस तरह वे अपने स्कूल परिसर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा रखते हैं, उसी तर्ज पर स्कूल के बाहर की सड़कों, दीवारों और आसपास के क्षेत्रों को भी आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि झड़ीपानी से लेकर हाथीपांव और टिहरी बस अडडे तक का क्षेत्र प्रतिष्ठित स्कूलों से जुड़ा हुआ है और यदि इन स्कूलों के बाहर का इलाका भी सुसज्जित किया जाए तो यह पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन सकता है।5 जून से अभियान की शुरुआत की तैयारीएसडीएम ने बताया कि आगामी विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से इस अभियान को शुरू करने की योजना है। इसके तहत बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा, साथ ही स्कूलों की बाहरी दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग, म्यूरल्स और आर्टवर्क भी तैयार किए जाएंगे, जिससे पूरा क्षेत्र रंगीन और जीवंत नजर आए।पर्यटन और ट्रैफिक प्लान से जुड़ी पहलएसडीएम ने कहा कि नगर पालिका द्वारा तैयार किए गए नए ट्रैफिक प्लान के तहत कई सड़कों को वन-वे बनाने की तैयारी है। ऐसे में इन मार्गों से गुजरने वाले पर्यटकों को अगर हरे-भरे और सजे-धजे स्कूल परिसर दिखाई देंगे, तो यह शहर की छवि को और बेहतर बनाएगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।स्कूलों से सुझाव, जल्द दूसरी बैठकयह पहली बैठक थी, जिसमें स्कूलों से सुझाव लिए गए और उन्हें इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। एसडीएम ने बताया कि अगले 15 दिनों में एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।होटल एसोसिएशन ने भी किया समर्थनमसूरी होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि विदेशों में संस्थान अपने परिसरों के साथ बाहरी क्षेत्रों को भी सुंदर बनाते हैं, जिससे पूरे शहर की छवि बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि मसूरी के प्रतिष्ठित स्कूल अगर इस दिशा में पहल करते हैं तो शहर का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है।बरसात से पहले हरियाली का लक्ष्यप्रशासन का लक्ष्य है कि बरसात से पहले पौधारोपण कर लिया जाए, ताकि पौधे अच्छी तरह विकसित हो सकें और आने वाले समय में मसूरी का पूरा क्षेत्र हरियाली और फूलों से आच्छादित नजर आए।पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा मसूरीइस पहल को प्रशासन, स्कूलों और स्थानीय स्टेकहोल्डर्स के संयुक्त प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अगर योजना सफल होती है तो मसूरी न केवल ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करेगा, बल्कि “ग्रीन टूरिज्म” के रूप में भी नई पहचान बना सकता है। इस मौके पर संजय अग्रवाल अध्यक्ष होटल एसोसिएशन, रजत अग्रवाल अध्यक्ष भाजपा मसूरी, गौरव भसीन अधिशासी अधिकारी मसूरी, अनिरुद्ध चौधरी कर अधीक्षक मसूरी सहित कई लोग मौजूद थे।मसूरी में गोल्फ कार्ट को लेकर टकराव गहराया, मजदूर संघ ने दी चक्का जाम की चेतावनीमसूरी, 17 अप्रैल मसूरी। नगर पालिका परिषद मसूरी में गोल्फ कार्ट संचालन को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। मजदूर संघ मसूरी ने अधिशासी अधिकारी को पत्र सौंपते हुए पूर्व में संचालित गोल्फ कार्ट को नये रिक्शा श्रमिकों को दी जाये व 40 नई गोल्फ को अभिलंभ लाया जाये। मांगें पूरी न होने पर 18 अप्रैल से धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम की चेतावनी दी गई है।मजदूर संघ के महामंत्री शोबन सिंह पवार और अध्यक्ष संपत लाल के नेतृत्व में दिए गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि पूर्व में संचालित 14 गोल्फ कार्ट को नये रिक्शा श्रमिकों को ही सौंपा जाए। उनका तर्क है कि इन गोल्फ कार्ट का संचालन सभी रिक्शा श्रमिकों का अधिकार है, जिन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके साथ ही संघ ने 40 नए गोल्फ कार्ट लाने की मांग भी उठाई है। मजदूर नेताओं का कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा पहले ही इसका आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।संघ ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में कुछ ऐसे लोग गोल्फ कार्ट चला रहे हैं, जो पहले इस कार्य से जुड़े है उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने पूर्व में कार्ट संचालित किए थे, उनसे कार्ट वापस लेकर नये श्रमिकों को दिए जाएं। इसमें रणजीत सिंह चौहान, संजय टम्टा और वीरेंद्र सहित अन्य नामों का भी उल्लेख किया गया है। मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 18 अप्रैल से नगर पालिका परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही शहर में चक्का जाम भी किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी। यह निर्णय मजदूर संघ की एक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए।मसूरी में पटरी व्यापारियों का आक्रोश बढ़ा, 25 अप्रैल तक मांगें न मानी गईं तो भूख हड़ताल की चेतावनी मसूरी पर्यटन नगरी मसूरी में पटरी व्यापारियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। रेडी-पटरी जन कल्याण समिति ने नगर पालिका प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि 25 अप्रैल तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगे। मसूरी के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के महासचिव संजय टम्टा और अध्यक्ष रामकिशन राही ने बताया कि समिति के सदस्य पिछले 12 दिनों से शहीद स्थल पर सांकेतिक धरना दे रहे हैं, लेकिन न तो प्रशासन और न ही नगर पालिका उनकी समस्याओं पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि अब पटरी व्यापारियों का सब्र जवाब देने लगा है। नेताओं ने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि सभी पटरी व्यापारियों को पूर्व की भांति माल रोड पर बैठने की अनुमति दी जाए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। वर्तमान स्थिति में कई व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कुछ व्यापारी अपने बच्चों की पढ़ाई तक छुड़ाने को मजबूर हो गए हैं। समिति ने यह भी मुद्दा उठाया कि सड़क किनारे बनाए गए वेंडिंग जोन पर भी अब आपत्तियां सामने आने लगी हैं, जिससे व्यापारियों की परेशानी और बढ़ गई है। साथ ही, सड़कों पर लगने वाले जाम को लेकर भी चिंता जताई गई और चेताया गया कि यदि उचित व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक नगर पालिका प्रशासन व्यवस्थित और स्थायी वेंडर जोन स्थापित नहीं करता, तब तक पटरी व्यापारियों को पूर्व की तरह निर्धारित स्थानों पर बैठने दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
उत्तराखण्डज़रा हटकेरुद्रपुर

जिले की समस्त बार एसोसिएशनों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा, पोर्टल से CSC सेन्टरों को हटा कर वकीलों व दस्तावेज लेखकों का पोर्टल बनाने की मांग

रूद्रपुर – समान नागरिक संहिता नियमावली उत्तराखण्ड 2025 के लागू होने के पश्चात विवाह पंजीकरण व इच्छा पत्र (वसीयतनामा) के कार्य से अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों को विरत किये जाने एवं पृथक पोर्टल न बनाये जाने के विरोध में जिला बार एसोसिएशन सहित जनपद की समस्त बार एसोसिएशन ने कार्य बहिष्कार कर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया और संयुक्त ज्ञापन जिलाधिकारी, ऊधमसिंह नगर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।

जनपद ऊधमसिंह नगर की समस्त बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, जिले के तमाम अधिवक्ता व दस्तावेज लेखक ए0आई0जी0 स्टाम्प कार्यालय के समीप भारी संख्या में एकत्र हुए तथा उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों को यू0सी0सी0 लागू होने के पश्चात विवाह व इच्छा पत्र (वसीयतनामा) के कार्य से बाहर किये जाने तथा प्रस्तावित पेपर लैस बैनामा पंजीकरण के कार्य से विरत किये जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

अधिवक्ताओं ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि सरकार ने यू0सी0सी0 पोर्टल में उनके स्थान पर सी0एस0सी0 सेन्टरों का पोर्टल बनाया है जिसका विरोध सम्पूर्ण उत्तराखण्ड में निरंतर जारी है और समस्त अधिवक्ता लगातार सरकार से यू0सी0सी0 पोटर्ल से सी0एस0सी0 सेन्टर को हटा कर अधिवक्ता व दस्तावेज लेखकों का पोर्टल बनाये जाने की मांग कर रहे है, उन्होंने कहा कि प्रारम्भ से ही सी0एस0सी0 सेंटरों के पोर्टल का विरोध किया जा रहा है।

और प्रदेश की अन्य तहसीलों के साथ-साथ लगातार पिछले 12 दिनों से जनपद की तहसीलों में अधिवक्ताआें व दस्तावेज लेखकों का धरना प्रदर्शन जारी है लेकिन अभी तक सरकार के किसी भी प्रतिनिधि व प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी है जिनको लेकर लगातार अधिवक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, वक्ताओं ने कहा कि सरकार अधिवक्ताओं के विरुद्ध नये कानून व अधिनियम लाकर उन्हें उनके कार्यों से विरत करने का काम कर रही है।

बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण बात है कि जो अधिवक्ता वर्ग हमेशा दूसरों के हितों के लिए लड़ता है आज उसे सड़कों पर आकर अपने लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा यूसीसी लागू करने के पश्चात विवाह व इच्छा पत्र (वसीयतनामा) पंजीकरण के कार्यों से अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों की सहभागिता से उन्हें बाहर कर दिया गया है और अब पेपर लैंस आनलाइन पंजीकरण के कार्य से भी सरकार द्वारा उन्हें बाहर किया जा सकता है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उन्होंने कहा कि संपूर्ण उत्तराखंड के अधिवक्ता लगातार अपना कार्य बहिष्कार करके आंदोलन कर रहे हैं।

और सरकार से मांग कर रहे हैं कि यूसीसी पोर्टल से सी एस सी सेंटरों को हटाकर उनका पोर्टल बनाया जाए और भविष्य में पेपर लैंस पंजीकरण के कार्यों से उन्हें अलग न किया जाए, इस दौरान जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडे, सचिव सर्वेश कुमार सिंह, जसपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुन्दर पाल सिंह, काशीपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश चौबे,

बाजपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय,बार अध्यक्ष खटीमा सूरज राणा,बार एसोसिएशन अध्यक्ष सितारगंज दयानंद सिंह,बार अध्यक्ष गदरपुर मदन लाल अरोरा, एडवोकेट विरेन्द्र कुशवाहा, अशोक कुमार सागर, राजीव सक्सेना, गुरदीप सिंह, निरंजन पंत, प्रमोद मित्तल, सुनील कुमार, दलजीत सिंह, जीवन जोशी शकील अहमद, विरेन्द्र गुप्ता, अशोक चन्द्र, रोहित गढाकोटी, दस्तावेज लेखक चंचल धपोला लक्ष्मी नारायण सक्सेना दिनेश कुमार भगवान दास सहित अन्य मौजूद थे।

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