जागरूकता की पाठशाला-श्रीनगर पुलिस ने छात्राओं को दिया सुरक्षा व आत्मविश्वास का संदेश

गढ़वाल। सुरक्षित समाज की बुनियाद है जागरूक नागरिकता। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से श्रीनगर पुलिस ने आज महिलाओं,छात्राओं और युवाओं को सुरक्षा,आत्मरक्षा और करियर मार्गदर्शन का संदेश देते हुए एक प्रेरणादायी पहल की। कोतवाली श्रीनगर पुलिस टीम एवं महिला थाना श्रीनगर द्वारा संयुक्त रूप से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उफल्डा में महिला सुरक्षा,साइबर जागरूकता और करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का संचालन क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार एवं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जयपाल सिंह नेगी के निर्देशन में हुआ,जबकि महिला उप निरीक्षक भावना भट्ट और महिला थाना टीम ने छात्र-छात्राओं को सुरक्षा,जागरूकता और करियर दिशा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। विद्यालय की प्रधानाचार्या सुमन लता पंवार,समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं और छात्र इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को महिला एवं बाल अपराधों,छेड़खानी (गुड टच-बैड टच),साइबर अपराधों,नशा उन्मूलन और यातायात नियमों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि आज के डिजिटल युग में फिशिंग,फर्जी लिंक,डिजिटल अर्रेस्टिंग जैसे नए साइबर फ्रॉड तरीकों से सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक,इंस्टाग्राम,ट्विटर और व्हाट्सएप पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। महिला उप निरीक्षक भावना भट्ट ने कहा सुरक्षा जागरूकता ही आत्मरक्षा का पहला कदम है। हर छात्रा को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। बच्चों को समझाया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या या अपराध की स्थिति में इमरजेंसी नंबर-112 साइबर हेल्पलाइन नंबर-1930 नशा उन्मूलन हेतु 1933 तथा गौरा शक्ति ऐप का उपयोग तुरंत करें। कार्यक्रम में छात्रों को व्यावहारिक डेमो के माध्यम से आत्मरक्षा और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई तथा उनके कैरियर से संबंधित प्रश्नों का समाधान प्रेरक और सहज शैली में किया गया। साथ ही नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी दूर रखेंगे के संकल्प के साथ विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। विद्यालय परिवार ने पुलिस विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम न केवल सुरक्षा की भावना को मजबूत करते हैं,बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।