Tuesday 24/ 02/ 2026 

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उत्तराखण्ड

आपदा प्रबंधन में युवाओं की नई पहल-एनसीसी कैडेट बनेंगे आपदा मित्र


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश में आपदा प्रबंधन को सशक्त और जनसहभागिता पर आधारित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जनपद मुख्यालय पौड़ी स्थित एसएसबी कैंप नागदेव में युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत 50 एनसीसी कैडेटों के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण में 25 छात्राएं और 25 छात्र सहभागिता कर रहे हैं। शिविर के प्रथम दिवस पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पौड़ी के मुख्य प्रशिक्षक किशन सिंह पंवार ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005,आपदाओं के प्रकार जोखिम आकलन,तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर जागरूक और प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। युवा आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित कैडेट अपने-अपने क्षेत्रों में पहले उत्तरदाता के रूप में राहत और बचाव कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में एनसीसी के कमांडिंग अधिकारी कर्नल देवेंद्र नेगी ने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं में कर्तव्यनिष्ठा,अनुशासन और सेवा भाव को सशक्त करेगा। उन्होंने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए),गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से की जा रही है। इस योजना के तहत उत्तराखंड राज्य में एनएसएस,एनसीसी,नेहरू युवा केंद्र संगठन और भारत स्काउट-गाइड के 4310 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाना प्रस्तावित है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन की तकनीकी जानकारी देकर उन्हें समाज के ऐसे जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है जो संकट की घड़ी में तुरंत सहायता पहुंचा सकें। प्रशिक्षित युवाओं को राहत,बचाव,प्राथमिक उपचार,आपातकालीन संचार और सुरक्षित निकासी जैसी तकनीकों में दक्ष बनाया जाएगा। कार्यक्रम से स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। प्रशिक्षित कैडेट अपने क्षेत्र में जन-जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को भूकंप,भूस्खलन,आगजनी और बादल फटने जैसी आपदाओं से निपटने के उपाय सिखाएंगे। आपदा मित्र केवल राहतकर्मी नहीं,बल्कि समाज के जागरूक प्रहरी हैं जो संकट की घड़ी में जनसेवा का नया उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।

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