Sunday 10/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
महापौर ने किया सब्जी मण्डी पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यासडीपीएस रुद्रपुर में “कॉम्पोजिट स्किल लैब” का भव्य उद्घाटन रुद्रपुर। दिल्ली पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर में अत्याधुनिक “कॉम्पोजिट स्किल लैब” का भव्य उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री पंकज शुक्ला जी (कोषाधिकारी) द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. अमृता शर्मा (उप जिलाधिकारी, बाजपुर), निर्मला बिष्ट (महाप्रबंधक प्रशासन, मंडी समिति) एवं तेजू बघेल (प्रबंध निदेशक, ऑटोटेक) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, अभिभावक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।विद्यालय में स्थापित यह आधुनिक “कॉम्पोजिट स्किल लैब” उधम सिंह नगर क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक कॉम्पोजिट स्किल लैब है, जहाँ विद्यार्थियों को एयरोमॉडलिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीएनसी मशीन, डिज़ाइन थिंकिंग एवं DIY साइंस प्रोजेक्ट्स जैसी तकनीकी एवं नवाचार आधारित गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह लैब विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक, तकनीकी एवं रचनात्मक शिक्षा से जोड़ने का कार्य करेगी। इसके माध्यम से विद्यार्थी नई तकनीकों को समझने, मॉडल निर्माण, मशीन संचालन, नवाचार आधारित सोच तथा वैज्ञानिक प्रयोगों को व्यवहारिक रूप से सीख सकेंगे।उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि श्री पंकज शुक्ला जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि वर्तमान समय तकनीक, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा का युग है। आने वाले वर्षों में वही विद्यार्थी सफल होंगे जो केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित न रहकर नई तकनीकों को समझने, प्रयोग करने और अपने विचारों को वास्तविक रूप देने की क्षमता रखते हों। उन्होंने कहा कि डीपीएस रुद्रपुर द्वारा स्थापित यह कॉम्पोजिट स्किल लैब विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय एवं दूरदर्शी पहल है।उन्होंने आगे कहा कि एयरोमॉडलिंग, रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्र आज विश्व स्तर पर तेजी से विकसित हो रहे हैं और भविष्य में इनका महत्व और अधिक बढ़ने वाला है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही इन आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।अंत में विद्यालय के चेयरमैन सुरजीत सिंह ग्रोवर एवं वाइस चेयरमैन हरमन सिंह ग्रोवर ने अपने संयुक्त संदेश में कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य की आधुनिक तकनीकों, नवाचार एवं कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि कॉम्पोजिट स्किल लैब विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं तकनीकी दक्षता विकसित करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगी।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, नवाचारी एवं वैश्विक स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिवार, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को इस नई उपलब्धि के लिए शुभकामनाएँ दीं।मसूरी में फ्लैशलाइट और हूटर लगाकर वीआईपी रौब झाड़ना पड़ा भारी, मसूरी पुलिस ने सीज की कारमसूरी,पर्यटन सीजन के बीच मसूरी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत नियम तोड़कर वीआईपी रौब गांठने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बुधवार की देर षाम को मसूरी के लाइब्रेरी चौक पर चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने लाल-नीली फ्लैशलाइट, हूटर और काले शीशों वाली एक लग्जरी कार को पकड़कर सीज कर दिया।जानकारी के अनुसार कोतवाली मसूरी पुलिस लाइब्रेरी चौक पर सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान कैंपटी रोड की ओर से एक काले रंग की मारुति सियाज कार ( आरजे 45-सीवी-6666) फ्लैशलाइट जलाते हुए तेज रफ्तार में मसूरी की ओर आती दिखाई दी। कार पर लाल-नीली बत्ती और हूटर लगा होने से पुलिस को संदेह हुआ, जिस पर वाहन को तुरंत रोक लिया गया।पुलिस पूछताछ में चालक ने खुद को केंद्रीय मंत्रालय का अधिकारी बताते हुए पुलिसकर्मियों पर प्रभाव बनाने की कोशिश की, लेकिन जब उससे वाहन के वैध दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस मांगा गया तो वह कोई मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। जांच में यह भी सामने आया कि चालक चप्पल पहनकर वाहन चला रहा था और कार पर अवैध काली फिल्म भी लगी हुई थी।सख्ती से पूछताछ करने पर चालक ने स्वीकार किया कि उसने जाम और टोल टैक्स से बचने तथा रास्तों में वीआईपी ट्रीटमेंट पाने के लिए वाहन पर फ्लैशलाइट और हूटर लगाया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही हूटर और फ्लैशलाइट उतरवाकर वाहन को सीज कर दिया।मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर ऑपरेशन प्रहार के तहत पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने, फर्जी वीआईपी कल्चर दिखाने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।पर्यटन सीजन में मसूरी में बढ़ते ट्रैफिक और वीआईपी कल्चर के बीच पुलिस की इस कार्रवाई को आम लोगों ने भी सराहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोग लाल-नीली बत्ती और हूटर लगाकर नियमों को ताक पर रख देते हैं, जिससे आम जनता को परेशानी होती है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।मसूरी में षौच के दौरान 100 मीटर गहरी खाई में गिरा युवक, मसूरी पुलिस और फायर टीम ने रात में चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन  पर्यटन नगरी मसूरी में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा टल गया, जब धनोल्टी रोड पर एक युवक अचानक करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, फायर सर्विस और 108 एंबुलेंस की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार बुधवार की देर रात करीब 12 बजे एक व्यक्ति ने मसूरी पुलिस को सुचना दी कि वुड स्टॉक स्कूल से आगे धनोल्टी रोड पर एक व्यक्ति सड़क से नीचे खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी पुलिस आपदा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। वहीं फायर सर्विस मसूरी और 108 एंबुलेंस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। अंधेरी रात और दुर्गम खाई के बावजूद पुलिस और फायर कर्मियों ने रस्सियों व अन्य आपदा उपकरणों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया और करीब 100 मीटर नीचे गिरे युवक को बाहर निकाला। घायल युवक की पहचान नरेश पुत्र हुकम सिंह निवासी सिविल रोड, रावत मेडिकल स्टोर मसूरी, उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई। रेस्क्यू के बाद युवक को तुरंत 108 एंबुलेंस से सिविल अस्पताल मसूरी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर पर गंभीर चोट होने पर पांच टांके लगाए। सूचना मिलने पर युवक के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को परिजन अपने साथ घर ले गए।पुलिस जांच में सामने आया कि युवक सड़क किनारे लघुशंका करने के दौरान संतुलन बिगड़ने से खाई में गिर गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस, फायर सर्विस और 108 टीम के त्वरित रेस्क्यू अभियान की सराहना की है, जिसकी बदौलत युवक की जान बच सकी।9 करोड़ की मसूरी माल रोड बदहाल, मोती लाल नेहरू मार्ग की सडक में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क’ , पूव ्रपालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल ने पीडब्लूडी पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप  पर्यटन नगरी मसूरी की बदहाल सड़कों को लेकर पूर्व पालिका अध्यक्ष ओपी उनियाल ने लोक निर्माण विभाग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग की खराब हालत को लेकर विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।पत्रकारों से वार्ता करते हुए ओपी उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के प्रयासों से करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से माल रोड का सौंदर्यीकरण और डामरीकरण कराया गया था, लेकिन विभागीय इंजीनियरों की लापरवाही के चलते आज माल रोड की हालत फिर बदतर हो गई है। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होते ही करीब दो किलोमीटर लंबी माल रोड पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे बनी नालियां मलबे और गंदगी से पटी पड़ी हैं, जबकि पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।ओपी उनियाल ने मोतीलाल नेहरू मार्ग की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से हुए डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि छह महीने के भीतर ही सड़क जगह-जगह टूट गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब यह समझना मुश्किल है कि “सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क।” उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि खराब निर्माण कार्यों से सरकार और जनप्रतिनिधियों की छवि भी प्रभावित हो रही है। पूर्व पालिका अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी देहरादून से मांग की कि माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग पर हुए निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सरकारी धन की रिकवरी की जाए।
राज्य

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को बड़ी सौगात-पीजी सीटों में इजाफा,एमडी-एमएस के तीन पाठ्यक्रमों को एनएमसी की मंजूरी

श्रीनगर गढ़वाल। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 एक नई उपलब्धि लेकर आया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने मेडिकल कॉलेज को विभिन्न स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में 10 नई सीटों की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही कॉलेज में पीजी सीटों की कुल संख्या बढ़कर 62 हो गई है,जो उत्तराखंड में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड द्वारा विशेषज्ञों के दल और समीक्षा समिति के माध्यम से संस्थान का भौतिक निरीक्षण किया गया। मानक मूल्यांकन प्रपत्र के तहत कॉलेज की शैक्षणिक,चिकित्सीय,अधोसंरचना और फैकल्टी से संबंधित व्यवस्थाओं का गहन आकलन किया गया। साथ ही संस्थान द्वारा प्रस्तुत स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट की भी विस्तृत समीक्षा की गई। यह पूरी प्रक्रिया चिकित्सा संस्थानों की स्थापना,मूल्यांकन एवं रेटिंग विनियम तथा स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हुई। समीक्षा के उपरांत राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए मेडिकल कॉलेज को डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (एमडी) बाल रोग में 4 सीटें,एमडी एनेस्थीसियोलॉजी में 4 सीटें तथा मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) प्रसूति एवं स्त्री रोग में 2 सीटें स्वीकृत की गई हैं। इन तीनों पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु अनुमति पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया है। आयोग द्वारा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि एमडी जनरल मेडिसिन,त्वचा एवं यौन रोग,जैव रसायन विज्ञान तथा एमएस जनरल सर्जरी एवं अस्थि रोग विभागों में आवश्यक मानकों की पूर्ति करते हुए संस्थान 15 दिनों के भीतर पुनः अपील प्रस्तुत कर सकता है। इससे आने वाले समय में इन विभागों में भी पीजी सीटें बढ़ने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के सतत प्रयासों से मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी सुदृढ़ीकरण,आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर जारी है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को लगातार नए पीजी पाठ्यक्रमों और सीटों की स्वीकृति मिल रही है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने इस उपलब्धि को संस्थान के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि पीजी सीटों में वृद्धि से न केवल कॉलेज की शैक्षणिक क्षमता मजबूत होगी,बल्कि राज्य को अधिक संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक भी उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि शेष विभागों में आवश्यक मानकों की पूर्ति शीघ्र कर पुनः आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा,जिससे भविष्य में और अधिक पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिल सके। कुल मिलाकर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटों का यह विस्तार न सिर्फ गढ़वाल क्षेत्र बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और दूरगामी कदम माना जा रहा है।

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