Monday 22/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारत विकास परिषद की चारों शाखाओं द्वारा सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजितरुद्रपुर, 21 जून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद की रुद्रपुर, विवेकानंद, उधम सिंह एवं वीर सावरकर शाखाओं के संयुक्त तत्वावधान में सरस्वती विद्या मंदिर, आदर्श कॉलोनी, रुद्रपुर में सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक श्री रवि प्रजापति ने उपस्थित सदस्यों एवं नागरिकों को विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने की एक जीवन पद्धति है। नियमित योग से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रह सकता है।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज विश्वभर में योग की बढ़ती स्वीकार्यता भारत की प्राचीन संस्कृति एवं जीवन दर्शन की वैश्विक मान्यता का प्रतीक है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हमें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम में श्री विजय भूषण गर्ग, प्रांतीय अध्यक्ष श्री मनोज अरोड़ा, भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा अध्यक्ष श्री हरीश ग्रोवर, वीर सावरकर शाखा अध्यक्ष श्री सनी धवन, परिषद महामंत्री श्री राजेश सलूज, विष्णु सक्सेना, संजय ठुकराल, विपिन गुलाटी, विपिन लूथरा, प्रतीक तुलस्यान, हेमेंद्र गंगवार, संजय खेड़ा, ललित मोहन गोयल, उत्सव अग्रवाल, राहुल सिंघल, संजीव अरोड़ा, अंजू रामपाल सिंह, मिथिलेश गंगवार, स्नेहा राठौर, हंसी सक्सेना, नीलम हुरिया, शिखा हुरिया, विशाल हुंडिया, केशव खेड़ा, अभिनव खेड़ा, अमन अरोड़ा, विकास गोयल, अभि अग्रवाल एवं सार्थक गोयल उपस्थित रहे।अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने तथा स्वस्थ, समर्थ एवं संस्कारित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के उपरांत सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था भी की गई।रुद्रपुर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए एक बालक का सुराग नहीं लगने से नाराज परिजनों ने रविवार को पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ पुलिस चौकी पहुंचकर घेराव किया। उन्होंने पुलिस से बालक की शीघ्र तलाश कर सकुशल बरामद करने की मांग की। रम्पुरा वार्ड संख्या 21 निवासी जगदीश राठौर ने बताया कि उनका पुत्र शिव उर्फ पल्लू शनिवार दोपहर घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रिश्तेदारों और सभी संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। उन्होंने आशंका जताई कि बालक के साथ कोई अप्रिय घटना भी हो सकती है। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पुलिस अधिकारियों से मामले में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए लापता बालक की शीघ्र तलाश करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को तत्काल प्रभाव से सभी आवश्यक कदम उठाकर बालक की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि परिजनों की चिंता दूर हो सके। इस दौरान मीना, रामगोपाल राठौर, राहुल, धर्मेंद्र, राजू, करण, रितेश, पुष्पा देवी, आकाश, विद्या देवी, चमेली देवी, रमेश, सतीश, बबलू, महेश, पूजा, कुंवर पाल, कांति देवी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने दिया योग अपनाने का संदेशस्वस्थ रुद्रपुर के संकल्प के साथ मनाया योग दिवसआज ऑल इंडिया‌ मतूआ महासंघ udham सिंह नगर जिला अध्यक्ष, श्री विधान पांडे जी के नेतृत्व में एक मीटिंग का आयोजन किया गया।निरंकारी मिशन का योग दिवसरोज़गार की तलाश में नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करने गए काशीपुर निवासी युवक समीर की अपने ही सहकर्मियों की कथित शरारत के कारण दर्दनाक मौत हो गई।उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को मिला प्रतिष्ठित गोल्ड स्कॉच अवॉर्ड*सामूहिक कन्या विवाह समारोहमसूरी में ‘वीआईपी रौब’ दिखाना पड़ा महंगा, हूटर-लालबत्ती लगी दिल्ली की कार सीज
राज्य

योग केवल व्यायाम नहीं,बल्कि वसुधैव कुटुंबकम् को चरितार्थ करने वाला सार्वभौमिक विज्ञान–मुख्यमंत्री


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित 38 वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के अवसर पर मां गंगा की भव्य आरती में सम्मिलित होकर पूजा-अर्चना की। विधानसभा के बजट सत्र के बीच सीधे ऋषिकेश पहुंचे मुख्यमंत्री ने मां गंगा से समस्त प्रदेशवासियों की सुख,शांति और चहुंमुखी समृद्धि के लिए मंगल कामना की। 9 से 15 मार्च तक चल रहे इस पावन अवसर पर ऋषिकेश की वैश्विक महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योग नगरी ने न केवल भारत,बल्कि संपूर्ण विश्व के मानचित्र पर अपनी एक विशिष्ट आध्यात्मिक पहचान स्थापित की है। उन्होंने महोत्सव में 80 से अधिक देशों से पधारे पर्यटकों और योग साधकों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि ऋषिकेश आज अध्यात्म,योग और मानसिक शांति की खोज में जुटे दुनिया भर के लोगों की पहली पसंद बन चुका है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संजोने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने योग और आयुष के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए देश की प्रथम योग नीति-2025 लागू की है। इस नीति के तहत योग और ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए 20 लाख रुपए तक की सब्सिडी तथा शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु 10 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पांच नए योग हब स्थापित किए जा रहे हैं और आयुष एवं वेलनेस केंद्रों में योग सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्राकृतिक चिकित्सा को प्रोत्साहन देने का ही परिणाम है कि प्रदेश में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं,जबकि प्रत्येक जनपद में 50 बेड के आयुष चिकित्सालयों की स्थापना की जा रही है। नागरिकों को सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने हेतु ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से 70 से अधिक विशेषज्ञ आयुष परामर्श दे रहे हैं। सरकार उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधीय पौधों,वेलनेस शिक्षा और शोध के संवर्धन हेतु ठोस कदम उठा रही है। साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा,योग और आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दोनों मंडलों में स्पेशल इकोनॉमिक जोन की स्थापना की जा रही है,जिसके लिए 10 करोड़ रुपए के बजट का विशेष प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग मात्र एक शारीरिक क्रिया नहीं,बल्कि हमारी प्राचीन गौरवशाली विधा और एक ऐसा सार्वभौमिक विज्ञान है,जो मनुष्य के मन,शरीर और आत्मा के बीच उत्कृष्ट संतुलन स्थापित करता है। एक नेचुरल वैल्यू सिस्टम के रूप में यह हमारे जीवन में मानसिक शांति का संचार करता है और आधुनिक समय की चुनौतियों के बीच मन एवं शरीर को पूर्णतः तनाव मुक्त रखने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि योग के माध्यम से न केवल एकाग्रता बढ़ती है,बल्कि व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। यह एक ऐसी शक्ति है जो जाति,भाषा,धर्म और भूगोल की तमाम सीमाओं को लांघकर संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में पिरोती है। उदारचरितानाम् तु वसुधैव कुटुंबकम् के ऋषि-मुनियों के संदेश को योग ने आज पूरी दुनिया में चरितार्थ किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी प्रयासों से ही आज विश्व योग दिवस के माध्यम से हमारी इस महान थाती को वैश्विक मान्यता मिली है। प्रदेश की आध्यात्मिक महत्ता का वर्णन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी यह पावन धरती केवल देवभूमि ही नहीं,बल्कि योग,अध्यात्म और आयुष की भी महान संगम स्थली है। यह ऋषियों,मुनियों और तपस्वियों की वह पावन तपोभूमि है,जिन्होंने सदियों तक यहां साधना कर संपूर्ण मानवता को कल्याण का मार्ग दिखाया है। वर्तमान सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी के रूप में सुदृढ़ता से स्थापित किया जा रहा है,ताकि विश्व भर से शांति और स्वास्थ्य की खोज में आने वाले साधकों को यहां एक श्रेष्ठ वातावरण उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आज के युद्धग्रस्त विश्व में योग ही मानवता के लिए शांति का एकमात्र मार्ग है। महोत्सव की संध्या को और भी दिव्य बनाते हुए सुप्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर ने अपनी सुरीली और भक्तिमयी प्रस्तुतियों से वहां उपस्थित समस्त जनसमूह का मन मोह लिया। उनकी मधुर आवाज और आध्यात्मिक भजनों ने गंगा घाट के वातावरण को पूरी तरह शिवमय और भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज,साध्वी भगवती सरस्वती,जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया,एसएसपी सर्वेश पंवार,मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत सहित भारी संख्या में विदेशी पर्यटक एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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