Wednesday 01/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
नशे की कमाई पर पुलिस का शिकंजा-तस्कर की कार कुर्क,सप्लाई चेन तोड़ने की सख्त कार्रवाईश्रीनगर में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर शिकंजा,वितरण वाहन में मिले 9 भरे सिलेंडरकैबिनेट मंत्री बनने पर पहली बार जखोली पहुंचने पर विधायक भरत सिंह चौधरी का लोगों ने किया जगह-जगह जोरदार स्वागतगढ़वाल विश्वविद्यालय में संयोगिता मंच भारतीय भाषा उत्सव के अंतर्गत प्रतियोगिता में झलकी भाषाई विविधता और सांस्कृतिक एकताअहिंसा परमो धर्म की गूंज से गुंजायमान हुआ श्रीनगर प्रभात फेरी से शुरू हुआ उत्सव,भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाबदेवदारों की गोद में बसा ताड़केश्वर-जहां आस्था,प्रकृति और शांति का अद्भुत संगमरूद्रपुर। पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल ने ग्राम सुंदरपुर स्थित मंदिर प्रांगण में आयोजित अखण्ड महानाम संकीर्तन में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने संकीर्तन मंडली के साथ बैठकर श्हरे रामा हरे कृष्णाश् महामंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया। ठुकराल ने इस धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होकर क्षेत्रवासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में पहुँचने पर आयोजक समिति द्वारा पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल को अंग वस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर राजकुमार ठुकराल ने कहा कि भक्ति और कीर्तन से मन को शांति मिलती है और समाज में आपसी भाईचारे एवं सौहार्द का संचार होता है। उन्होंने कहा कि महानाम संकीर्तन जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को जीवित रखते हैं। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलता है। इस धार्मिक कार्यक्रम में मुख्य रूप से आनंद शर्मा, गगन ग्रोवर, सुदीप ठाकुर, केरू मण्डल, विजय बाछाड़, ठाकुर राय, जितेन्द्र राय, दुलाल मण्डल, महानंद मण्डल, तारक मण्डल, बाबू मण्डल, सुभाष मण्डल, देवु मण्डल, अतुल कृष्ण, प्रदीप मण्डल, भवतोष बाछाड़, परि बाछाड़, दिलीप ढाली, तपन ढाली, तरूण मण्डल, बनमाली मिस्त्री, निमाई ढाली, शुभांकर मण्डल, गौरपद सरकार, राजीव गुप्ता सहित भारी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।भाजपा जिला कार्यालय रुद्रपुर में संगठनात्मक बैठक, विनय रुहेला बोले – अब समय आ गया है चुनाव का, कार्यकर्ता हों सक्रियहल्द्वानी में कालाबाजारी करते मिले इंडेन कर्मचारी,दीपक रावत के निर्देश पर एफआईआर दर्ज..
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अहिंसा परमो धर्म की गूंज से गुंजायमान हुआ श्रीनगर प्रभात फेरी से शुरू हुआ उत्सव,भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब


श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की पावन नगरी श्रीनगर आज अहिंसा परमो धर्म के दिव्य संदेश से अनुप्राणित हो उठी,जब जैन समुदाय द्वारा भगवान महावीर जयंती अत्यंत श्रद्धा,उल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई। पूरे नगर में दिनभर भक्ति,अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण बना रहा। इस पावन अवसर की शुरुआत प्रात-5.30 बजे भव्य प्रभात फेरी के साथ हुई,जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से प्रभु के गुणगान करते हुए नगर को आध्यात्मिक चेतना से जागृत किया। प्रभात फेरी के साथ ही महावीर जयंती उत्सव का शुभारंभ हुआ,जिसने पूरे आयोजन को एक दिव्य स्वर प्रदान किया। इसके उपरांत जैन मंदिर से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा में भगवान महावीर की सुसज्जित प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा जैन मंदिर से निकलकर अप्पर बाजार,गणेश बाजार,वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग,आढ़त बाजार,काला रोड एवं ऐतिहासिक गोला बाजार होते हुए पुनः जैन मंदिर पहुंची। नगर की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब श्रद्धा और उत्साह का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। महिलाएं,पुरुष,युवा एवं बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर भक्ति,अनुशासन और संस्कृति का जीवंत उदाहरण बनते नजर आए। अहिंसा परमो धर्म एवं जीव दया के गगनभेदी उद्घोषों से पूरा श्रीनगर गुंजायमान हो उठा। इस पावन अवसर पर संजय कुमार जैन,डॉ.राकेश जैन,मनोज कुमार जैन,नवनीत जैन,श्रवण कुमार जैन,अरुण जैन,पंकज जैन,पुनीत जैन,विकास जैन,शुभम जैन,अक्षत जैन,विवेक जैन,लखपत सिंह भण्डारी,राजीव विश्नोई,प्रवीण अग्रवाल,श्रीनगर व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल,उम्मेद सिंह मेहरा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मातृशक्ति में शकुंतला जैन,ममता जैन,रशिका जैन,अपूर्वा जैन,अनू जैन,चंचल जैन सहित बड़ी संख्या में महिलाएं,युवा वर्ग एवं छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हुए। कार्यक्रम का सफल आयोजन जैन समुदाय द्वारा सामूहिक सहयोग,समर्पण और अनुशासन के साथ किया गया,जो समाज की एकजुटता का प्रेरणादायक उदाहरण बना। आज भी उतना ही प्रासंगिक भगवान महावीर के जीवन और उपदेश केवल धार्मिक नहीं,बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए जीवन जीने की सर्वोत्तम दिशा प्रदान करते हैं। अहिंसा-मन,वचन और कर्म से किसी भी जीव को कष्ट न पहुंचाना ही सर्वोच्च धर्म सत्य-सत्य का पालन आत्मा की शुद्धि और मोक्ष का मार्ग अपरिग्रह-सीमित आवश्यकताएं,लोभ और मोह से मुक्ति,समता और करुणा: हर जीव के प्रति समान भाव और दया ही सच्ची मानवता,आज जब समाज विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है,महावीर का यह संदेश शांति,सहिष्णुता और आपसी सद्भाव की दिशा में एक प्रकाश स्तंभ की तरह मार्गदर्शन करता है। आस्था के साथ सामाजिक एकता का सशक्त संदेश श्रीनगर में आयोजित यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना,बल्कि सामाजिक एकता,भाईचारे और सांस्कृतिक जागरूकता का सशक्त संदेश भी देता नजर आया। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करते हैं। अहिंसा ही सबसे बड़ा धर्म है-यही महावीर का मार्ग,यही मानवता का सार।

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