Monday 20/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
भगवान परशुराम के नाम से बनेगा तीन मंजिला कम्युनिटी हॉलः विकास शर्माबंग भवन के लिए नई भूमि चिन्हितकांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा हुआ बेनकाबः विकास शर्माकराटे ग्रेडिंग टेस्ट में छात्रों ने किया शानदार प्रदर्शन, तीन छात्रों को मिला ब्लैक बेल्टगुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारों का संगम ही उज्जवल भविष्य की कुंजी–देवेन्द्र गौड़चारधाम यात्रा से पहले प्रशासन एक्शन मोड में-जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर परखी हर व्यवस्थादेवभूमि गीतों की गूंज से सराबोर हुआ श्रीनगर-नरेन्द्र संगीत सप्ताह में लोकधुनों ने बांधा समांकैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यो की समीक्षामसूरी क्षेत्र के ग्राम सभा दूधली में जमीन-वन विवाद भड़का, सैकड़ों ग्रामीण कोतवाली पहुंचे, भू-माफियाओं पर कब्जे और गोली की धमकी के आरोपपुलिस की भूमिका पर भी सवाल, वन भूमि पर अवैध तारबाड़ से बढ़ा खतराकृ, डीएफओ से हस्तक्षेप की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनीमसूरी, 18 अप्रैल मसूरी क्षेत्र के ग्राम सभा दूधली (भद्राज ) में जमीन और वन अधिकार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शनिवार को सैकड़ों ग्रामीण मसूरी कोतवाली पहुंच गए और भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर आक्रोश जताया।ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ भू-माफिया उनकी पुश्तैनी जमीन और सामुदायिक वन क्षेत्र पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर उन्हें गोली मारने तक की धमकी दी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में तीखा विवाद हुआ, जिसमें हालात तनावपूर्ण हो गए।पुलिस पर संरक्षण देने के आरोपमामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब ग्रामीणों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए। उनका आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, बल्कि भ्रष्टाचार में लिप्त होकर भू-माफियाओं को संरक्षण दिया। इस आरोप ने पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोपग्रामीणों ने वन विभाग की भूमि पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से तारबाड़ (फेंसिंग) की जा रही है। इससे न केवल वन क्षेत्र पर कब्जे की आशंका बढ़ रही है, बल्कि जंगली जानवरों के प्राकृतिक रास्ते भी बाधित हो रहे हैं। परिणामस्वरूप जंगली जानवर अब गांव की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में अमित कुवर (डीएफओ, मसूरी) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके।ग्राम सभा का सख्त रुख, सीमांकन और टोल बैरियरसमाजिक कार्यकर्ता जब्बर वर्मा ने बताया कि बढ़ते विवाद के बीच ग्राम सभा दूधली में आयोजित बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। वनाधिकार कानून 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधनों का सीमांकन किया गया और पारंपरिक सीमाओं पर बॉर्डर चिन्ह लगाए गए। साथ ही दूधली चौक पर टोल बैरियर स्थापित कर क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों का रिकॉर्ड रखने का निर्णय लिया गया।ग्राम सभा ने साफ किया कि उसकी पारंपरिक सीमा में किसी भी बाहरी व्यक्ति को अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वनाधिकार कानून के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सीमांकन कार्य में बाधा डालने और झूठी शिकायत करने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।महिलाओं को धमकाने और माहौल बिगाड़ने के आरोपग्रामीणों ने कुछ असामाजिक तत्वों पर महिलाओं को धमकाने और गांव का माहौल खराब करने के आरोप भी लगाए। ऐसे मामलों में भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है।‘जन अधिकारों की लड़ाई’, ग्रामीणों का ऐलानटिहरी जनपद के जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत और पूर्व पालिकाध्यक्ष मसूरी मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि यह केवल जमीन का नहीं, बल्कि उनके परंपरागत अधिकारों और अस्तित्व का सवाल है। यदि प्रशासन और वन विभाग ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर सभासद जसबीर कौर, सिकंदर सिंह, राजेश सिंह, दिनेश पुंडीर, दिनेश सिंह, राजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र रावत, विजेन्द्र रावत, सुरेन्द्र सिह रावत के साथ अन्य लोग मौजूद थे।
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारों का संगम ही उज्जवल भविष्य की कुंजी–देवेन्द्र गौड़


श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा केवल अंकों और प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं,बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और संस्कारों की नींव है-इसी सार्थक संदेश के साथ खंदूखाल स्थित एंजल हेवन स्कूल में आयोजित कार्यक्रम एक प्रेरक संवाद में तब्दील हो गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं बालिका-महिला क्रिकेट के संस्थापक देवेन्द्र गौड़ ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा में सुधार के साथ-साथ संस्कारों का समावेश अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में विद्यालय और अभिभावक दोनों की साझा जिम्मेदारी होती है और इनके बीच संतुलित समन्वय ही बेहतर परिणाम दे सकता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को सुझाव दिया कि अभिभावकों की शिकायतों का निष्पक्ष और संवेदनशील समाधान किया जाए,वहीं अभिभावकों से भी अपेक्षा जताई कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए बच्चों के विकास में सहयोगी भूमिका निभाएं। देवेन्द्र गौड़ ने एक महत्वपूर्ण बात पर जोर देते हुए कहा कि अभिभावकों को केवल अधिक छात्र संख्या वाले या नामी विद्यालयों की ओर आकर्षित होने के बजाय शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षा ही सार्थक है,जिसमें ज्ञान के साथ-साथ संस्कृति,परंपरा और नैतिक मूल्यों का भी समावेश हो। कार्यक्रम में गांव की बात रेडियो से जुड़ी सदस्या अमृता बहुगुणा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विभिन्न विद्यालयों के भ्रमण के दौरान यहां के विद्यार्थियों में जो आत्मविश्वास,शिष्टाचार और अनुशासन देखने को मिला,वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों की चकाचौंध छोड़कर पहाड़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना एक सकारात्मक और प्रेरणादायक निर्णय है। विद्यालय की प्रधानाचार्या विभा भट्ट ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि देवेन्द्र गौड़ द्वारा मातृशक्ति और बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयास समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयासों का भविष्य में व्यापक और सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति,शिक्षकगण,अभिभावक एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कांता भण्डारी,प्रबंधक जेन्द्र भट्ट,विवेक कुमार,शुभाष चन्द्र,शशिकला,कमला नेगी,गीता नेगी,पूनम पंत सहित कई लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट रूप से स्थापित किया कि जब शिक्षा में संस्कार,अनुशासन और सामाजिक मूल्यों का समावेश होता है,तभी एक सशक्त,संवेदनशील और जिम्मेदार समाज की नींव रखी जा सकती है।

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