Wednesday 29/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
थलीसैंण में बदली सोच की तस्वीर-स्वास्थ्य विभाग की मुहिम से सुरक्षित मातृत्व की ओर मजबूत कदमश्रीनगर में रोजगार का उत्सव-43 कनिष्ठ सहायकों को मिला नियुक्ति पत्र,शिक्षा मंत्री ने खोले विकास के द्वारश्रीनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्री-लोक अदालत बैठकजिला योजना 2026-27 के परिव्यय पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित,विकास कार्यों में नवाचार व स्वरोजगार पर विशेष जोरदेवप्रयाग-कीर्तिनगर में गूंजा गौ सम्मान का आध्यात्मिक शंखनाद-संतों की अगुवाई में उठी राष्ट्रव्यापी चेतनासितारगंज में मानसिक गणना का महाकुंभ: 500+ प्रतिभागियों के बीच मुदित राठी बने “चैंपियन ऑफ चैंपियंस”।उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपद के मेधावी विद्यार्थियों के साथ आज एक प्रेरणादायी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने अपने छात्र जीवन से लेकर सिविल सेवा तक के संघर्षपूर्ण और प्रेरक सफर को साझा करते हुए विद्यार्थियों को सफलता के सूत्र बताए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान की भी सराहना करते हुए उन्हें भी शुभकामनाएं दीं।रुद्रपुर। उत्तराखंड सरकार द्वारा भाजपा नेता नितिन चरण वाल्मीकि को उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग में सदस्य नामित किए जाने पर आज वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया तथा मिठाई खिलाकर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के सरपंच राकेश बाल्मीकि ने कहा कि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला सदैव सर्व समाज के हित में कार्य करते हैं और हर वर्ग के लोगों से उनका सीधा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि आज उनके प्रयासों के चलते ही प्रदेश सरकार ने बाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि के रूप में नितिन चरण वाल्मीकि को उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग में सदस्य नामित कर समाज को सम्मानित करने का कार्य किया है। इसके लिए समस्त समाज प्रदेश सरकार एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का हृदय से आभारी है।पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए जा रहे ऐसे निर्णय सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ ही वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का कार्य कर रहे हैं। भाजपा अनुसूचित मोर्चा पूर्व जिला महामंत्री नितिन चरण वाल्मीकि का आयोग में सदस्य के रूप में मनोनयन निश्चित रूप से समाज के लिए गर्व का विषय है और इससे समाज के लोगों की आवाज को मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आगे भी इसी तरह सभी वर्गों के हित में कार्य करती रहेगी।इस दौरान समाज के वरिष्ठ नेता कल्लू चरन, राकेश वाल्मीकि, श्याम बाबू, मैकिल, धीरज लाल, मुकेश कुमार, रमेश वाल्मीकि, ईशा चरन, छत्रपाल सिंह पप्पू लाल, राजेंद्र कुमार, जॉनी वाल्मीकि, अरुन वाल्मीकि, विवेक कुमार, अंकित कुमार, राजू वाल्मीकि, संजू वाल्मीकि, नरेश कुमार, शिवम कुमार, राजीव वाल्मीकि, संदीप धानुक, मोंटी वाल्मीकि, सौरभ कुमार, अक्षय रावत, जेकब सिंह समेत बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग एवं स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित थे।जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सभागार में जनपद में मातृ मृत्यु दर की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मातृ मृत्यु के कारणों और भविष्य में रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हाई-रिस्क प्रेगनेंसी वाले मामलों की पहचान कर उनकी विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होने कहा कि आशा एवं एएनएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण एवं नियमित जांच में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। प्रसव के दौरान रेफरल सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में समय की बचत हो सके। उन्होने निर्देश देतु हुए कहा कि जनपद में पंजीकृत ऐसे चिकित्सालयों को चिन्हित किया जाए जहाँ पंजीकृत चिकित्सकों की निगरानी में प्रसव नहीं कराए जा रहे हैं ऐसे संस्थानों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण किया जाए तथा अनियमितता पाये जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गृह प्रसव कराने वाली दाइयों की भी सतत निगरानी रखी जाए। यदि कोई दाई अवैध रूप से प्रसव कराती हुई पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करायी जाए। उन्होने कहा कि गर्भवती महिलाओं को यदि आशा कार्यकत्री प्राइवेट चिकित्सालयों में ले जाते हुए पायी जाती है तो सम्बन्धित आशा वर्कर के खिलाफ कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाये। उन्होने कहा कि मातृ मृत्यु दर को कम करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 केके अग्रवाल ने बताया कि जनपद में अब तक कुल 18 मातृ मृत्यु के मामले सामने आए थे। जिसमे से 11 मामलों की विस्तृत समीक्षा पहले ही की जा चुकी है जबकि आज 7 नए मामलों की समीक्षा पूर्ण की गई। मृत्यु के कारणों का विश्लेषण अधिकारियों ने प्रत्येक केस की रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया। इसमें प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं, एनीमिया (खून की कमी), तथा समय पर अस्पताल न पहुँचने जैसे कारणों पर गंभीर चर्चा हुई।शहर की पहचान और आध्यात्मिक ऊर्जा का नया केंद्र बनेगा शिव कॉरिडोरः विकास शर्मा
राज्य

जिला योजना 2026-27 के परिव्यय पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित,विकास कार्यों में नवाचार व स्वरोजगार पर विशेष जोर


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनपद पौड़ी गढ़वाल में जिला योजना वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित परिव्यय पर चर्चा एवं समग्र समीक्षा के लिए विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता जनपद के प्रभारी मंत्री (पंचायती राज,आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास,आयुष एवं आयुष शिक्षा,पुनर्गठन एवं जनगणना) मदन कौशिक ने की। जनपद आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया,मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत तथा अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रभारी मंत्री,कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत तथ अन्य अतिथियों का स्वागत किया। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री द्वारा पौड़ी प्रगति पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिला योजना,राज्य सरकार,केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की पारदर्शी एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। जिलाधिकारी ने विगत वित्तीय वर्ष 2025-26 की जिला योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी दी। इनमें राजकीय जिला पुस्तकालय,राहु मंदिर,प्रेरणा कोचिंग,धारी देवी मंदिर परिसर में वॉल वॉशर लाइटिंग,विज्ञान संग्रहालय,पालकोट में प्रस्तावित ईको एडवेंचर पार्क तथा कंडोलिया इंडोर स्टेडियम,कंडोलिया मैदान सुदृढ़ीकरण,प्रोजेक्ट बचपन,बर्ड फेस्टिवल,नयार घाटी फेस्टिवल,मोहन चट्टी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल रहे। साथ ही उन्होंने प्रस्तावित अन्य कार्यों जैसे जेल संग्रहालय की भी जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों के प्रस्तुतिकरण एवं नेतृत्व क्षमता के लिए जिलाधिकारी तथा जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने सभी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं शत-प्रतिशत व्यय पर प्रसन्नता जताते हुए निर्देश दिए कि पुस्तकालय के लिए नवीन पुस्तकों की आवश्यकता संबंधी प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए भी आवश्यकतानुसार धनराशि उपलब्ध करायी जाएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 11,997.70 लाख रुपये के जिला योजना परिव्यय पर विस्तृत चर्चा के दौरान प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करें,ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर के सशक्त माध्यम होते हैं,जिन्हें क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं का गहन ज्ञान होता है। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व से लंबित एवं अधूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जिला योजना में शामिल किया जाए तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों को समान रूप से वरीयता दी जाए। प्रभारी मंत्री ने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026-27 की जिला योजना में कुल बजट का 15 प्रतिशत हिस्सा स्वरोजगार आधारित विभागों को आवंटित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने क्लस्टर आधारित कार्य योजनाओं को प्राथमिकता देने,नवाचार को बढ़ावा देने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व कार्यस्थलों के चयन एवं भूमि विवादों के निस्तारण को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। प्रभारी मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बजट का उपयोग अधिक उपयोगी,स्थायी एवं परिणामोन्मुखी विकास कार्यों में किया जाएगा। प्रभारी मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना एवं समयसीमा निर्धारित करे तथा उसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करे। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और कार्यों की निगरानी फील्ड स्तर पर नियमित रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग योजनाओं में नवाचार अपनाते हुए स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें तथा प्रत्येक योजना के परिणामों को मापने योग्य बनाया जाए। साथ ही सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें,ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। बैठक में प्रभारी मंत्री ने नए ब्लॉक प्रमुखों को इस संवादात्मक सत्र में शामिल होने के लिए उनके उज्जवल भविष्य की बधाई दी। बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत सहित विभिन्न विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए,जिन पर गंभीरता से विचार करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी,विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप रावत,जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला,उपाध्यक्ष आरती नेगी,नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी,ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी,मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवन्त,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी,जल निगम मो.मीशम,लोनिवि निर्भय सिंह,विवेक कुमार,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने,डीपीआरओ जितेंद्र कुमार,अपर मुख्य अधिकारी भावना रावत,जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी शैलेंद्र पाण्डे,मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश चंद्र काला सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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