Sunday 21/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
निरंकारी मिशन का योग दिवसरोज़गार की तलाश में नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करने गए काशीपुर निवासी युवक समीर की अपने ही सहकर्मियों की कथित शरारत के कारण दर्दनाक मौत हो गई।उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को मिला प्रतिष्ठित गोल्ड स्कॉच अवॉर्ड*सामूहिक कन्या विवाह समारोहमसूरी में ‘वीआईपी रौब’ दिखाना पड़ा महंगा, हूटर-लालबत्ती लगी दिल्ली की कार सीजको माननीय आबकारी आयुक्त महोदया के आदेशानुसार क्षेत्र-03 काशीपुर, ऊधम सिंह नगर में संयुक्त आबकारी आयुक्त कुमायूॅ मण्डल हल्द्वानी श्री केे0 के0 काण्डपाल एवं जिला आबकारी अधिकारी ऊधम सिंह नगर श्री महेन्द्र सिंह बिष्ट के निर्देशन में ग्राम कलियावाला और गढीहुसैन में अवैध कच्ची शराब बेचने के संबंध में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए जनपदीय प्रवर्तन दल, क्षेत्र -04 बाजपुर व क्षेत्र-03 काशीपुर की आबकारी टीम द्वारा ग्राम कलियावाला और गढ़ीहुसैन में संयुक्त रुप से दबिश दी गई। दबिश के दौरान ग्राम कलियावाला से कुलदीप सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह के घर पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कुलदीप सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह के घर से 30 ली0 अवैध कच्ची शराब बरामद की गई, जिस पर कुलदीप सिंह के भाई संदीप पुत्र सुरेन्द्र सिंह के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 में मुकदमा दर्ज किया गया। ग्राम कलियावाला में एक अन्य घर की तलाशी के दौरान लगभग 50 ली0 अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। पिंकी कौर पत्नी रोहित सिंह के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही हैै। इसी तरह ग्राम गढ़ी हुसैन में तलाशी के दौरान 35 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। जिसमें अज्ञात के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया। टीम में महेंद्र सिंह बिष्ट, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र- 04 बाजपुर, धर्मेन्द्र सिंह, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र- 03 काशीपुर, कैलाश भट्ट प्रधान आबकारी सिपाही, सुमन आर्या आबकारी सिपाही, नैनिका राणा आबकारी सिपाही व जनपदीय प्रवर्तन का स्टाफ मौजूद रहें। कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना एवं पं0 दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होम स्टे) विकास योजना हेतू बैठकभीषण गर्मी से राहत के लिए पर्यावरण मित्रों को बांटे ग्लूकोज पैकेट और कैपरम्पुरा में 23 लाख की सड़क की सौगातपरशुराम चौक कट बंद करने के विरोध में कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, सड़क पर उल्टा चलकर और काले झंडे दिखाकर जताया विरोध
राज्य

आस्था का अद्भुत महाकुंभ-गढ़खालेश्वर धाम भटोली में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब,गुरु गोरखनाथ जन्मोत्सव बना जनआस्था का विराट उत्सव


श्रीनगर/पौड़ी गढ़वाल। वैशाख मास की पावन बेला में गढ़वाल की पुण्यधरा एक बार फिर गहरी आस्था,श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास खण्ड खिर्सू में स्थित भटोली में गढ़खालेश्वर धाम से प्रसिद्ध प्राचीन शिव गोरखनाथ गढ़कालेश्वर महादेव मंदिर में गुरु गोरखनाथ जन्मोत्सव अत्यंत भव्य,दिव्य और गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं,क्षेत्रवासियों,महिलाओं,युवाओं और जनप्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को एक विराट जनआस्था के महोत्सव का स्वरूप प्रदान कर दिया। मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन,पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों की मधुर ध्वनि गूंजती रही,जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। कार्यक्रम के दौरान शिव गोरखनाथ गढ़कालेश्वर महादेव मंदिर समिति द्वारा ब्लॉक प्रमुख खिर्सू अनिल भण्डारी का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उन्हें सम्मान स्वरूप रुपयों की माला पहनाकर आस्था और सम्मान का अनूठा प्रतीक प्रस्तुत किया गया,जिसने उपस्थित जनसमूह के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा,बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता,सामाजिक समरसता और परंपराओं के संरक्षण का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। श्रद्धालुओं की आस्था,सेवा भाव और सहभागिता ने यह संदेश दिया कि गढ़वाल की धार्मिक जड़ें आज भी उतनी ही मजबूत और जीवंत हैं। मंदिर के महंत नरेश भारती के सान्निध्य में आयोजित इस पावन कार्यक्रम में अनुशासन,श्रद्धा और सेवा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। पूरा आयोजन एक आदर्श धार्मिक परंपरा का प्रतिबिंब बनकर सामने आया,जिसने हर श्रद्धालु के मन में गहरी छाप छोड़ी। ब्लॉक प्रमुख अनिल भण्डारी के विचार-गढ़खालेश्वर धाम की यह पावन भूमि केवल आस्था का केंद्र ही नहीं,बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं की आत्मा है। इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने,नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराने और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करते हैं। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर मिला। महंत नरेश भारती के विचार-गुरु गोरखनाथ की कृपा से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह केवल उत्सव नहीं,बल्कि आस्था,सेवा और संस्कारों का संगम है। हम सभी का कर्तव्य है कि इस धाम की पवित्रता और परंपराओं को बनाए रखते हुए समाज को आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर करें। अंततः यह भव्य आयोजन एक प्रेरणा बनकर सामने आया,जिसने यह सिद्ध कर दिया कि जब आस्था और समाज एक साथ चलते हैं,तो ऐसे आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं रहते,बल्कि इतिहास और परंपरा के जीवंत अध्याय बन जाते हैं।

Check Also
Close