राज्य
मसूरी शहीद स्थल पहुंचे धीरेंद्र प्रताप, राज्य आंदोलनकारियों के मुद्दों पर सरकार को घेरा,बोले- भ्रष्टाचार, पेपर लीक और महिला अपराधों से राज्य की छवि हो रही धूमिल कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी धीरेंद्र प्रताप ने शनिवार को मसूरी स्थित शहीद स्थल पहुंचकर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। शहीद स्थल पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि जिन मूल मुद्दों और जनभावनाओं को लेकर उत्तराखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी गई थी, आज सरकार उन्हें पूरी तरह भूल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, महिलाओं पर बढ़ते अपराध और लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं और आम जनता का भरोसा तोड़ा है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उत्तराखंड राज्य महिलाओं और आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान से बना है, लेकिन आज सबसे अधिक अत्याचार महिलाओं पर ही हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि महिला अपराध के मामलों में उत्तराखंड देश के पर्वतीय राज्यों में सबसे ऊपर पहुंच गया है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान “पानी और जवानी” बचाने की लड़ाई लड़ी गई थी, लेकिन आज युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और प्रदेश भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है। उन्होंने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अन्य देशों में परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने के लिए सख्त व्यवस्थाएं हैं, जबकि उत्तराखंड में आए दिन पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है और आज भी कई वास्तविक आंदोलनकारी चिन्हीकरण से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि जब वह पूर्व उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने चिन्हीकरण की प्रक्रिया शुरू करवाई थी, लेकिन आज भी कई पात्र आंदोलनकारियों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि आगामी छह माह के भीतर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए और जिलाधिकारियों को इस संबंध में विवेकाधीन अधिकार दिए जाएं। साथ ही आंदोलनकारियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सुविधाएं और सम्मान दिया जाए। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को राजनीति में भी उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और सभी दलों को उन्हें चुनाव में टिकट देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में विधान परिषद गठन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस दौरान उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का भी जिक्र करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई लगातार जारी है और सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, महेश चंद, राजीव अग्रवाल, दर्शन रावत, कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरिकृष्ण भट्ट, कमला पांडे, सावित्री नेगी तथा कांग्रेस प्रवक्ता महेश जोशी सहित कई राज्य आंदोलनकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

