Tuesday 19/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मसूरी में कांग्रेस का प्रदर्शनभाजपा सरकार का पुतला फूंका, कांग्रेस नेताओं ने केंद्र पर साधा निशाना मसूरी में देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मसूरी के पिक्चर पैलेस चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि आम जनता को राहत देने के लिए महंगाई और बेरोजगारी पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता लगातार आर्थिक संकट का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार जनता की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही। इस मौके पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि आज देश की जनता महंगाई की मार से परेशान है, जबकि केंद्र सरकार केवल बड़े-बड़े दावे करने में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं और युवा भविष्य को लेकर चिंतित हैं।वहीं पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और आर्थिक फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान नीतियों के कारण देश कई आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगों के बंद होने और कंपनियों के दूसरे देशों में जाने से बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्ष 2014 में किए गए कई वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब सरकार की नीतियों को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी। इस मौके पर अनुज गुप्ता, जसबीर कौर, जगपाल गुसाई, सौरभ सोनकर, राजीव अग्रवाल, महिमानंद, तेजपाल रौथाण, वसीम खान, नागेन्द्र उनियाल सहित कई लोग मौजूद थे।मसूरी में रिस्पना नदी किनारे सड़क निर्माण से बढ़ा खतरा, ग्रामीणों ने जताई बाढ़ और भू-स्खलन की आशंकामलबा डंपिंग को लेकर उठे सवाल, पर्यावरण और गांवों की सुरक्षा पर चिंतापिछले वर्ष के क्लाउडबर्स्ट के बाद सहमे ग्रामीण, प्रशासन से कार्रवाई की मांग मसूरी क्षेत्र में रिस्पना नदी के किनारे चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में चिंता बढ़ने लगी है। बार्लाेगंज से चामासारी गांव तक बनाई जा रही करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के दौरान निकाले जा रहे मलबे और मिट्टी के निस्तारण को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य से निकलने वाला मलबा नदी किनारे और पहाड़ी ढलानों पर डाला जा रहा है, जिससे भविष्य में बाढ़ और भू-स्खलन जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है। जानकारी के अनुसार मसूरी नगर पालिका परिषद की ओर से लगभग 76 लाख रुपये की लागत से यह सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण विकास के लिए जरूरी है, लेकिन यदि पर्यावरणीय मानकों और सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया तो इसका खामियाजा नीचे बसे गांवों को भुगतना पड़ सकता है।खेतवाला गांव निवासी सुरेंद्र पंवार ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण से निकलने वाला मलबा रिस्पना नदी के बेसिन में जमा हो रहा है, जिससे खेतवाला, चामासारी और मक्रेती गांवों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी की ओर से उचित डंपिंग जोन का पालन नहीं किया जा रहा और मलबे को पहाड़ियों के किनारे फेंका जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष 16 सितंबर को क्षेत्र में आए क्लाउडबर्स्ट की त्रासदी अभी भी लोगों के जहन में ताजा है। उस घटना में कई घरों को नुकसान पहुंचा था और एक दंपती की मौत हो गई थी। ऐसे में लोग किसी भी प्रकार के पर्यावरणीय खतरे को लेकर अधिक संवेदनशील हो गए हैं।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की पर्यावरणीय जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि मलबे का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से निर्धारित डंपिंग जोन में ही हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के दौरान नदी का बहाव प्रभावित हो सकता है और निचले इलाकों में तबाही की स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे के लिए निर्धारित डंपिंग जोन चिन्हित किया गया है और उसी स्थान पर मलबा डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए कार्य कर रहा है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल कागजों में नियमों का पालन दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर निगरानी और पारदर्शिता जरूरी है। पर्यावरणविदों का भी मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान मलबा प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े प्राकृतिक संकट को जन्म दे सकती है। बरसात का मौसम नजदीक आने के साथ ही क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और रिस्पना नदी क्षेत्र को किसी भी संभावित पर्यावरणीय खतरे से सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।सप्लाई-किमाड़ी मोटर मार्ग चौड़ीकरण का शिलान्यास, मसूरी क्षेत्र को मिलेगी बड़ी राहतकैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने 14.55 करोड़ की परियोजना का किया शुभारंभ  कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को गजियावाला क्षेत्र में मसूरी विधानसभा अंतर्गत देहरादून-किमाड़ी-लम्बीधार-कार्ट मैकेन्जी-कम्पनी गार्डन मोटर मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत सप्लाई कैंट से लम्बीधार, बासागाड़ होते हुए मसूरी तक सिंगल लेन सड़क को इंटरमीडिएट लेन में परिवर्तित किया जाएगा। करीब 14 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना में अतिरिक्त पहाड़ कटान, क्रॉस ड्रेन, सुरक्षा दीवारों और सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य निर्माण कार्य भी किए जाएंगे।शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी क्षेत्र के लिए यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण से स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सड़क के सुधारीकरण से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। कैबिनेट मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय सीमा के भीतर परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मंत्री ने यह भी घोषणा की कि गजियावाला क्षेत्र में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल का निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम हो सकेगी। गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क संपर्क मजबूत करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का उल्लेख करते हुए “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान के तहत लोगों से सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” अपनाने की अपील भी की।उन्होंने कहा कि लोग सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों का उपयोग कम कर पैदल चलने या साइकिल का प्रयोग करें। इससे ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। कार्यक्रम में मंडल महामंत्री किरण मन्युड़ी, लक्ष्मण सिंह रावत, ग्राम प्रधान सुनील क्षेत्री, विक्रम थपलियाल, विनोद अवस्थी, आरती, जगदीश रेगमी, सीमा पुंडीर, ज्योति कोटिया, लीला शर्मा, वंदना बिष्ट, जितेंद्र राणा, सतीश शर्मा, युवा मोर्चा महानगर उपाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह, अनुराग सिंह तथा लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।31 वर्षों से लापता 11वें पंचेन लामा की रिहाई की मांग, मसूरी में तिब्बती समुदाय का कैंडल मार्चहैप्पी वैली से बडोनी चौक तक निकाला गया मार्च, हाथों में मोमबत्तियां और तस्वीरें लेकर जताया विरोधतिब्बती महिला संगठन बोला- धार्मिक स्वतंत्रता पर हो रहा हमला  पर्यटन नगरी मसूरी में रविवार शाम तिब्बती महिला संगठन के नेतृत्व में तिब्बती समुदाय के लोगों ने 11वें पंचेन लामा की रिहाई की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला। हैप्पी वैली से शुरू हुआ यह मार्च लाइब्रेरी चौक होे हुए बडोनी चौक पहुचा और वहा से वापस हैप्पी वैली तक पहुंचा, जहां लोगों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए चीन सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पंचेन लामा की सुरक्षित रिहाई की मांग उठाई। मार्च में शामिल लोगों के हाथों में मोमबत्तियां और 11वें पंचेन लामा की तस्वीरें थीं। तिब्बती समुदाय के लोगों ने कहा कि 11वें पंचेन लामा को वर्ष 1995 में मात्र छह वर्ष की आयु में उनके परिवार सहित गायब कर दिया गया था और पिछले 31 वर्षों से उनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। तिब्बती महिला संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 14वें दलाई लामा दलाई लामा ने 14 मई 1995 को गेदुन चोएक्यी न्यिमा को 10वें पंचेन लामा का वास्तविक पुनर्जन्म घोषित किया था। इसके तीन दिन बाद ही कथित तौर पर चीनी सरकार द्वारा उन्हें और उनके परिवार को हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया। तिब्बती समुदाय के लोगों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की गुमशुदगी का मामला नहीं, बल्कि तिब्बती धार्मिक परंपराओं और मानवाधिकारों पर सीधा हमला है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चीन सरकार तिब्बती बौद्ध परंपराओं में हस्तक्षेप कर धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर रही है। तिब्बती महिला संगठन के पदाधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों से दुनिया भर के तिब्बती संगठन लगातार पंचेन लामा की रिहाई और उनकी स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह तिब्बती लोगों के धार्मिक अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि पंचेन लामा की सुरक्षित वापसी तिब्बती समुदाय की सबसे बड़ी मांगों में शामिल है।मसूरी लंढौर बाजार भू-धंसाव क्षेत्र पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, जल्द ट्रीटमेंट कार्य शुरू करने के निर्देशपीड़ित महिला से मुलाकात कर सुनी समस्या, विस्थापन और मुआवजे पर हुई चर्चा26 लाख की लागत से होगा मार्ग उपचार, माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग की मरम्मत भी जल्द पर्यटन नगरी मसूरी के लंढौर बाजार में लगातार बढ़ रहे भू-धंसाव को लेकर शनिवार को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया और नगर पालिका परिषद मसूरी को जल्द से जल्द मार्ग के ट्रीटमेंट कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने भू-धंसाव से प्रभावित विधवा महिला और संबंधित भू-स्वामी से मुलाकात कर दोनों पक्षों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर उनका उचित विस्थापन सुनिश्चित किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने भी पीड़ित महिला का पक्ष रखते हुए कहा कि केवल एक महिला को नोटिस देना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित महिला का सम्मानजनक विस्थापन किया जाए और उसे उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि लंढौर बाजार के भू-धंसाव क्षेत्र के उपचार और सड़क मरम्मत के लिए लगभग 26 लाख रुपये की लागत से कार्य कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले सभी जरूरी सुरक्षा और मरम्मत कार्य पूरे करने का प्रयास किया जाएगा ताकि क्षेत्र में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना न रहे। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि लंढौर बाजार भू-धंसाव क्षेत्र के उपचार कार्य के लिए नगर पालिका की ओर से लोक निर्माण विभाग को 26 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है और जल्द कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका लगातार लंढौर बाजार को विकसित करने और पर्यटन से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है, लेकिन वर्तमान में प्राथमिकता सड़क और भू-धंसाव क्षेत्र को सुरक्षित करना है ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे। इस दौरान ईओ गौरव भसीन, भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल, अनीता सक्सेना, विजय रमोला सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोल्फ कार्ट से पहुंचकर किया मसूरी पब्लिक स्कूल मेले का उद्घाटनइंधन बचाने की अपील के साथ स्कूल को दो स्मार्ट बोर्ड देने की घोषणाबोले- देश कठिन दौर से गुजर रहा, सभी लोग करें सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग पर्यटन नगरी मसूरी में आयोजित मसूरी पब्लिक स्कूल के वार्षिक मेले का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया। इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने माल रोड से स्कूल तक गोल्फ कार्ट के माध्यम से पहुंचकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और इंधन बचत का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में देश कई वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में सभी नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को गंभीरता से लेते हुए पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को जहां तक संभव हो निजी वाहनों का कम उपयोग करना चाहिए और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिए। इससे न केवल इंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में भी मदद मिलेगी। मेले के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां लगाए गए व्यंजनों का स्वाद भी लिया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से आग्रह किया कि भविष्य में आयोजित होने वाले ऐसे मेलों में स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों से बने व्यंजनों को भी प्रमुखता दी जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल सके और क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्कूल प्रबंधन की मांग पर मुसूरी पब्लिक स्कूल को दो स्मार्ट बोर्ड देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के इस दौर में डिजिटल तकनीक बेहद आवश्यक हो चुकी है और बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना समय की जरूरत है। इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य विशाल सिंह ने कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री गणेश जोशी हमेशा शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो स्मार्ट बोर्ड मिलने से स्कूल के छात्र-छात्राओं को आधुनिक डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आएगा। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने भी लोगों से इंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं और मसूरी जैसे पर्यटन शहर में पर्यावरण संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।मसूरी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताई सख्तीबोले- मरीजों को बाहर की दवा लिखी तो होगी कार्रवाईमोतीलाल नेहरू मार्ग की बदहाल स्थिति पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को लगाई फटकार कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को मसूरी स्थित उप जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के रहते मरीजों को बाहर की दवाइयां न लिखी जाएं। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में संसाधनों की कोई कमी है तो उसकी जानकारी सीधे शासन स्तर तक पहुंचाई जाए ताकि समय पर समाधान किया जा सके। मंत्री के निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्टाफ नर्सों और कर्मचारियों ने फोर्थ क्लास कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। इस पर गणेश जोशी ने अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह जल्द स्वास्थ्य सचिव से वार्ता कर इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जा सके और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में बने पांच बेड के आईसीयू को लेकर भी चर्चा हुई। अस्पताल प्रबंधन ने मंत्री को बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण आईसीयू का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। इस पर मंत्री ने कहा कि आईसीयू को जल्द संचालित कराने के लिए आवश्यक स्टाफ और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने यह भी बताया कि मसूरी में लंबे समय से लंबित पोस्टमार्टम हाउस निर्माण की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है और संबंधित विभागों से लगातार समन्वय किया जा रहा है।मोतीलाल नेहरू मार्ग की बदहाल स्थिति पर जताई नाराजगीअस्पताल निरीक्षण के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग का भी निरीक्षण किया। सड़क की खराब स्थिति और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी देखकर मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाह अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।मंत्री ने कहा कि लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से मोतीलाल नेहरू मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन सड़क की हालत देखकर साफ प्रतीत हो रहा है कि कार्य की गुणवत्ता में गंभीर कमी रही है। उन्होंने तत्काल सड़क की मरम्मत और सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सड़क किनारे रेलिंग लगाने, ब्लॉक नालियों की मरम्मत और कल्वर्ट निर्माण कार्यों को भी बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए।गणेश जोशी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने भी सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं, जिस पर उन्होंने जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, कुषाल राणा, सभासद विषाल खरोला, पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल, विजय रमोला, सतीश ढौंडियाल, अतुल अग्रवाल, रणवीर कंडारी, उज्जवल नेगी सहित कई लोग मौजूद थे।मसूरी शहीद स्थल पहुंचे धीरेंद्र प्रताप, राज्य आंदोलनकारियों के मुद्दों पर सरकार को घेरा,बोले- भ्रष्टाचार, पेपर लीक और महिला अपराधों से राज्य की छवि हो रही धूमिल  कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी धीरेंद्र प्रताप ने शनिवार को मसूरी स्थित शहीद स्थल पहुंचकर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। शहीद स्थल पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि जिन मूल मुद्दों और जनभावनाओं को लेकर उत्तराखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी गई थी, आज सरकार उन्हें पूरी तरह भूल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, महिलाओं पर बढ़ते अपराध और लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं और आम जनता का भरोसा तोड़ा है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उत्तराखंड राज्य महिलाओं और आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान से बना है, लेकिन आज सबसे अधिक अत्याचार महिलाओं पर ही हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि महिला अपराध के मामलों में उत्तराखंड देश के पर्वतीय राज्यों में सबसे ऊपर पहुंच गया है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान “पानी और जवानी” बचाने की लड़ाई लड़ी गई थी, लेकिन आज युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और प्रदेश भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है। उन्होंने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अन्य देशों में परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने के लिए सख्त व्यवस्थाएं हैं, जबकि उत्तराखंड में आए दिन पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है और आज भी कई वास्तविक आंदोलनकारी चिन्हीकरण से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि जब वह पूर्व उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने चिन्हीकरण की प्रक्रिया शुरू करवाई थी, लेकिन आज भी कई पात्र आंदोलनकारियों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि आगामी छह माह के भीतर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए और जिलाधिकारियों को इस संबंध में विवेकाधीन अधिकार दिए जाएं। साथ ही आंदोलनकारियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सुविधाएं और सम्मान दिया जाए। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को राजनीति में भी उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और सभी दलों को उन्हें चुनाव में टिकट देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में विधान परिषद गठन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस दौरान उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का भी जिक्र करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई लगातार जारी है और सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, महेश चंद, राजीव अग्रवाल, दर्शन रावत, कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरिकृष्ण भट्ट, कमला पांडे, सावित्री नेगी तथा कांग्रेस प्रवक्ता महेश जोशी सहित कई राज्य आंदोलनकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री ने त्रिशूल चौक की भव्यता को सराहा
राज्य

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोल्फ कार्ट से पहुंचकर किया मसूरी पब्लिक स्कूल मेले का उद्घाटनइंधन बचाने की अपील के साथ स्कूल को दो स्मार्ट बोर्ड देने की घोषणाबोले- देश कठिन दौर से गुजर रहा, सभी लोग करें सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग पर्यटन नगरी मसूरी में आयोजित मसूरी पब्लिक स्कूल के वार्षिक मेले का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया। इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने माल रोड से स्कूल तक गोल्फ कार्ट के माध्यम से पहुंचकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और इंधन बचत का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में देश कई वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में सभी नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को गंभीरता से लेते हुए पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को जहां तक संभव हो निजी वाहनों का कम उपयोग करना चाहिए और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिए। इससे न केवल इंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में भी मदद मिलेगी। मेले के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां लगाए गए व्यंजनों का स्वाद भी लिया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से आग्रह किया कि भविष्य में आयोजित होने वाले ऐसे मेलों में स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों से बने व्यंजनों को भी प्रमुखता दी जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल सके और क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्कूल प्रबंधन की मांग पर मुसूरी पब्लिक स्कूल को दो स्मार्ट बोर्ड देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के इस दौर में डिजिटल तकनीक बेहद आवश्यक हो चुकी है और बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना समय की जरूरत है। इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य विशाल सिंह ने कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री गणेश जोशी हमेशा शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो स्मार्ट बोर्ड मिलने से स्कूल के छात्र-छात्राओं को आधुनिक डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आएगा। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने भी लोगों से इंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं और मसूरी जैसे पर्यटन शहर में पर्यावरण संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।

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