Thursday 06/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
काशीपुर बाईपास से हटने वाले व्यापारियों के पुनर्वास की कवायद तेजमसूरी पालिका बोर्ड बैठक में बवाल, लेनदेन के आरोपों पर सभासद धरने पर बैठे, पर्यटन प्रभारी ने इस्तीफे की पेशकश कीजवाडी दरमोला मोटर मार्ग लेकर ग्रामीणों ने किया आंदोलन।कंपनी खिलाफ बैठे ग्रामीणों धरने पर।जनता की समस्याओं पर जिलाधिकारी ने श्रीनगर तहसील दिवस में दिए समयबद्ध समाधान और लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के कड़े निर्देशपॉलीहाउस से किसानों की आय में होगी उल्लेखनीय वृद्धि,आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर दिया जोरवाल्मीकि समाज को मिली बड़ी सौगात-भूमि दान से भव्य स्वरूप में विकसित होगा बाल्मीकि चौकमां धारी देवी के आशीर्वाद से निभाऊंगा नई जिम्मेदारी-चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को मिलेगी नई गति–डॉ.आशुतोष सयानाउत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने दी बधाईमसूरी में तंबाकू बेचने के लिए लेना होगा लाइसेंस, बिना अनुमति बिक्री पर होगी कार्रवाईपालिका ने तैयार की नई उपविधि, स्कूलों से 100 गज के भीतर दुकान पर रोक, खुली सिगरेट की बिक्री भी होगी प्रतिबंधितमानव सेवा की मिसाल बना रोटरी क्लब-पुलिसकर्मियों और जरूरतमंद व्यापारियों को वितरित किए स्टैंड वाले छाते
राज्य

31 वर्षों से लापता 11वें पंचेन लामा की रिहाई की मांग, मसूरी में तिब्बती समुदाय का कैंडल मार्चहैप्पी वैली से बडोनी चौक तक निकाला गया मार्च, हाथों में मोमबत्तियां और तस्वीरें लेकर जताया विरोधतिब्बती महिला संगठन बोला- धार्मिक स्वतंत्रता पर हो रहा हमला  पर्यटन नगरी मसूरी में रविवार शाम तिब्बती महिला संगठन के नेतृत्व में तिब्बती समुदाय के लोगों ने 11वें पंचेन लामा की रिहाई की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला। हैप्पी वैली से शुरू हुआ यह मार्च लाइब्रेरी चौक होे हुए बडोनी चौक पहुचा और वहा से वापस हैप्पी वैली तक पहुंचा, जहां लोगों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए चीन सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पंचेन लामा की सुरक्षित रिहाई की मांग उठाई। मार्च में शामिल लोगों के हाथों में मोमबत्तियां और 11वें पंचेन लामा की तस्वीरें थीं। तिब्बती समुदाय के लोगों ने कहा कि 11वें पंचेन लामा को वर्ष 1995 में मात्र छह वर्ष की आयु में उनके परिवार सहित गायब कर दिया गया था और पिछले 31 वर्षों से उनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। तिब्बती महिला संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 14वें दलाई लामा दलाई लामा ने 14 मई 1995 को गेदुन चोएक्यी न्यिमा को 10वें पंचेन लामा का वास्तविक पुनर्जन्म घोषित किया था। इसके तीन दिन बाद ही कथित तौर पर चीनी सरकार द्वारा उन्हें और उनके परिवार को हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया। तिब्बती समुदाय के लोगों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की गुमशुदगी का मामला नहीं, बल्कि तिब्बती धार्मिक परंपराओं और मानवाधिकारों पर सीधा हमला है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चीन सरकार तिब्बती बौद्ध परंपराओं में हस्तक्षेप कर धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर रही है। तिब्बती महिला संगठन के पदाधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों से दुनिया भर के तिब्बती संगठन लगातार पंचेन लामा की रिहाई और उनकी स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह तिब्बती लोगों के धार्मिक अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि पंचेन लामा की सुरक्षित वापसी तिब्बती समुदाय की सबसे बड़ी मांगों में शामिल है।

Check Also
Close