
108 वें सुंदरकांड पाठ के साथ गूंजे श्रीराम-हनुमान के जयकारे,कमलेश्वर हनुमान मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भव्य हवन
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर गढ़वाल स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर कमलेश्वर में रविवार को आस्था,भक्ति और सनातन परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। संकट मोचन सेवा दल द्वारा वर्षों से निरंतर संचालित सुंदरकांड पाठ की श्रृंखला का 108 वां पाठ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर सुंदरकांड पाठ के उपरांत भव्य हवन-यज्ञ आयोजित किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि,शांति और लोककल्याण की कामना की। संकट मोचन सेवा दल के अध्यक्ष भगवती सिंह कठैत ने बताया कि सेवा दल पिछले कई वर्षों से श्रीक्षेत्र कमलेश्वर सहित आसपास के मंदिरों,शिवालयों,विवाह की पूर्व संध्या,मुंडन संस्कार,जन्मोत्सव तथा अन्य मांगलिक अवसरों पर निःस्वार्थ भाव से सुंदरकांड पाठ की सेवा करता आ रहा है। समिति का संकल्प था कि 108 सुंदरकांड पाठ पूर्ण होने पर भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी के चरणों में विशेष हवन-यज्ञ कर पूर्णाहुति अर्पित की जाएगी। उसी संकल्प की आज विधिवत पूर्ति हुई।उन्होंने कहा कि सुंदरकांड केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि जीवन में साहस,सेवा,समर्पण,सदाचार और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। समिति की कामना है कि श्रीराम और हनुमान की कृपा से श्रीक्षेत्र कमलेश्वर सहित पूरे क्षेत्र में सुख,शांति,समृद्धि और धार्मिक चेतना निरंतर बनी रहे तथा समाज सेवा,संस्कार और राष्ट्रहित की भावना मजबूत होती रहे। कार्यक्रम में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विद्वान आचार्य सुशील फोंदणी एवं मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जयप्रकाश डिमरी के सान्निध्य में हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। मंत्रोच्चार और यज्ञ की पावन आहुतियों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा। इस अवसर पर संकट मोचन सेवा दल के भगवती सिंह कठैत,हरि सिंह बिष्ट,रमेश चमोली,राजेंद्र प्रसाद बड़थ्वाल,हरिकृष्ण नौटियाल,अंशुल रावत सहित रमेश पडियार,गोपाल डुडेजा,सपलिक पालीवाल,रामचंद्र बड़ोनी,रमा कठैत,काका व्यास एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के बीच बूंदी,हलवा एवं पिंजरी-प्रसाद का वितरण किया गया। पूरा मंदिर परिसर जय श्रीराम और जय बजरंगबली के उद्घोष से देर तक गूंजता रहा।
