Tuesday 17/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
मिलावटखोरों के विरूद्ध प्रदेशभर में चलेगा विशेष अभियान–डाॅ.धन सिंह रावतविधिक सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्राविधिक स्वयंसेवकों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजितएलपीजी आपूर्ति व्यवस्था पर सख्ती,जनपद में 60 प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षणआपदा से पहले तैयारी पुख्ता,जनपद में बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल सफलअवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: 14 स्टोन क्रेशर सील, 10 करोड़ से अधिक के जुर्माने की तैयारी रुद्रपुर/लक्सर, 17 मार्च। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तराखंड में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लक्सर व हरिद्वार क्षेत्र में 14 स्टोन क्रेशरों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, देहरादून के निर्देशन में गठित प्रवर्तन दल द्वारा की गई।जानकारी के अनुसार, निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने तहसील लक्सर के विभिन्न गांवों—बाड़ीटीप, मेहतौली, मुजफ्फरपुर गुर्जर और जबरदस्तपुर (ईंट भट्ठा क्षेत्र) में स्थित स्टोन क्रेशरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई क्रेशर बिना वैध अनुमति के संचालित पाए गए।इन सभी 14 स्टोन क्रेशरों को एमएमडीआर एक्ट, 1957 की धारा 23सी तथा उत्तराखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2021 के तहत मौके पर ही सील कर दिया गया।प्रशासन ने बताया कि संबंधित स्टोन क्रेशरों पर प्रथम दृष्टया 10 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड निर्धारित किया जा रहा है, जिसकी वसूली की प्रक्रिया अलग से की जाएगी।इन स्टोन क्रेशरों पर हुई कार्रवाई:हाईवे कंस्ट्रक्शन एंड क्रेशर, मोहित स्टोन क्रेशर, किसान स्टोन क्रेशर, राहुल स्टोन क्रेशर, रईस स्टोन क्रेशर, तुलसी स्टोन क्रेशर, संगम एसोसिएट्स, हिमालय इंटरप्राइजेज, नूर स्टोन क्रेशर, गणपति स्टोन क्रेशर, दीपांशु स्टोन क्रेशर, मां गंगा स्टोन क्रेशर, अल्कनंदा स्टोन क्रेशर व एनएसए स्टोन क्रेशर शामिल हैं।कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारी:प्रवर्तन दल में उप निदेशक, खान अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, मानचित्रकार, सर्वेक्षक और सहायक खनन प्रबंधक सहित भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।जखोली में शौर्य और श्रद्धा का प्रतीक बना शहीद नरेन्द्र सिंह नेगी स्मृति द्वार,पूरे क्षेत्र ने दी भावभीनी श्रद्धांजलिगढ़वाल विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक-शैक्षणिक प्रतिभाओं का महाकुंभ शुरू,अंतर-संकाय प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभसोशल मीडिया पर विधायक विनोद कंडारी के खिलाफ दुष्प्रचार पर भाजपा का प्रहार,कीर्तिनगर थाने में दर्ज कराई शिकायतएसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में नशा तस्करों पर कार्यवाही लगातार जारी।सितारगंज के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय थारू बघोरी में आज एक सराहनीय सामाजिक पहल देखने को मिली,

सड़को पर आवारा पशु, दुर्घटना की आंशका।

लोहाघाट/चंपावत/टनकपुर/ संवादाता रमेश राम। राजधानी की सड़को पर अजब हाल हैं यहां की सड़को पर वाहनों के रेले के साथ आवारा पशुओं के भी दर्शन हो जाते हैं जिसके चलते दुर्घटना की स्थिति बन जाती हैं और वाहन चालक चोटिल हो जाते हैं शहर के मुख्य मार्गो के साथ –साथ संपर्क मार्गो पर भी पशुओं की बेतकल्लुपी देखने को मिलती हैं जिन पर नियंत्रण करने वाला कोई नही हैं तेज रफ्तार से चलते वाहन चालक इन आवारा पशुओं के कारण कई बार अपना नियंत्रण खो बैठते हैं और घायल हो जाते हैं वहीं, पशु भी सड़कों पर एक दूसरे से धींगामुश्ती करते नजर आते हैं, आपस मे लड़ते इन पशुओं के कारण लोग किसी तरह जान बचाकर उस छेत्र से निकलने में ही अपनी भलाई समझते है। दून में आवारा पशु की तादाद में निरंतर इजाफ हो रहा हैं इससे वाहन चालकों के साथ ही राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं आवारा पशु के नगर में झुंडो के चलते कई बार जाम की स्थिति पैदा हो जाती हैं। यही नहीं यह पशु नगर पालिका के कूड़ेदानों के कूड़े निकाल हाइवे पर जहा–तहां बिखेर देते हैं। परंतु इसे रोकने वाला कोई नही हैं नगर निगम पर इन आवारा पशुओं को रोकने की जिम्मेदारी हैं लेकिन वह भी आंख बूंदे बैठा है ऐसे मे शहर की सड़को पर हालत विकट होते जा रहे हैं व्यस्ततम सड़को पर आवारा जानवरों की होने वाली वाहन चालको की मुसीबत का सबब बन गई हैं शहर मे रहने वाले हो या ग्रामीण क्षेत्र के लोग, यह धन देने वाली गाय और काम ना कर सकने लायक बैल को छोड़ देते हैं। इससे इनकी संख्या में बड़ोतरी होते जा रही हैं आवारा पशुओं के झुंड शहर में कई स्थानों पर देखे जा सकते हैं झुंडो के रूप में आवारा पशु बीच सड़क पर आने से वाहन चालको को आवाजाही करने में खासी दिक्खतो का सामना करना पड़ रहा हैं यात्रा सीजन में वाहनों का दबाव बढ़ने से यह समस्या और भी जटिल हो जाती हैं यह आवारा पशुओं खाने के लिए व्यापारियों की दुकानों पर मुंह मार रही हैं साथ ही यह पशु शहर में लगे कूड़ेदान से कूड़े को इधर–उधर फैलने मे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है जिससे सड़को पर कूड़ा फैलने से कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। वाहनों दबाव बढ़ने से यह पशु वाहनों के नीचे आ जाते हैं।