जखोली में शौर्य और श्रद्धा का प्रतीक बना शहीद नरेन्द्र सिंह नेगी स्मृति द्वार,पूरे क्षेत्र ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

जखोली/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की वीरभूमि जखोली में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सपूत शहीद नरेन्द्र सिंह नेगी की स्मृति में निर्मित शौर्य द्वार अब क्षेत्र की पहचान बन गया है। विकासखण्ड जखोली मुख्यालय में जखोली-चौरा मोटर मार्ग के प्रवेश द्वार पर निर्मित शहीद नरेन्द्र सिंह नेगी स्मृति द्वार का विधिवत लोकार्पण रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र सिंह भण्डारी एवं जिला पंचायत सदस्य नीता बुटोला द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई,जिसमें शहीद की नवविवाहित पुत्री अम्बिका एवं दामाद विकास राणा ने भावुक वातावरण में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीद को नमन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का सम्मान केवल स्मारकों तक सीमित नहीं होना चाहिए,बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने एक स्वर में ममणी-जखोली-चौंरा मोटर मार्ग का नाम शहीद नरेन्द्र सिंह नेगी के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा,जिस पर विधायक के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र सिंह भण्डारी ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार द्वारा सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के हित में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार सदैव सैनिक परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस स्मृति द्वार का निर्माण जिला पंचायत द्वारा राज्य वित्त से लगभग 6.50 लाख रुपये की लागत से कराया गया है,जो अब क्षेत्र में देशभक्ति और प्रेरणा का स्थायी प्रतीक बनकर खड़ा रहेगा। कार्यक्रम के आयोजक एवं शहीद के परिजनों में शिवराज सिंह नेगी,धनपाल सिंह नेगी,ग्राम प्रधान विनीता देवी,पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रो.महावीर सिंह नेगी,दिगपाल नेगी,पूर्व प्रधान महावीर पंवार ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्मृति द्वार आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की अमर गाथा से प्रेरित करता रहेगा। इस दौरान राघव नेगी,अंजलि पंवार,वीर विक्रम सिंह रावत,दयाल सिंह खण्डा,वरुण रावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक,जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल एक स्मारक के लोकार्पण का अवसर था,बल्कि पूरे क्षेत्र में देशभक्ति,गौरव और एकजुटता की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करने का सशक्त माध्यम भी बना।
