Tuesday 18/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
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विभाजन का दर्द झेलने वाले लोगों को समर्पित एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया

विभाजन में लाखों लोगों ने गवाए थे प्राण
14 अगस्त को होगा शहनाई वाटिका में त्रासदी झेलने वालों का सम्मान
इतिहास में है सबसे दर्दनाक अध्याय। गुंजन सुखीजा
गदरपुर । भाजपा जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा ने बताया कि “विभाजन भारतीय इतिहास का सबसे दर्दनाक अध्याय है जो आज भी लोगों को आहत करता है 14 अगस्त 3:00 बजे शहनाई वाटिका में किया जा रहा है जिसमें पूर्व रक्षा एवं राज्य पर्यटन मंत्री एवं नैनीताल उधम सिंह नगर लोकसभा से सांसद अजय भट्ट जी मुख्य अतिथि के रूप में रहेंगे। 14 अगस्त 1947- यह वह तारीख है जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता।एक तरफ देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्ति मिल रही थी तो दूसरी तरफ इसकी कीमत देश को विभाजन के रूप में चुकानी पड़ी थी ।विभाजन के परिणाम स्वरुप लाखों लोग बेघर हो गए उन्हें रातों-रात पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा,कई लोग तो ऐसे भी रहे जिन्हें आजादी की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। देश के विभाजन के दौरान सबसे अधिक पीड़ा महिलाओं को उठानी पड़ी उनका अपहरण कर लिया और उनके साथ दुष्कर्म किया गया कुछ महिलाओं को अपना धर्म बदलने और अपने परिवार की हत्या करने वाले लोगों से शादी करने के लिए मजबूर किया गया जो कि बहुत दर्दनाक रहा होगा। लाहौर में हुए एक हमले ने कैसे 5 लाख से अधिक लोगों के नरसंहार का रूप ले लिया यह किसी को नहीं पता चला। विभाजन के बाद पलायन कर रहे लोगों को न सिर्फ प्रचंड गर्मी झेलनी पड़ी बल्कि मूसलाधार बारिश में भी भूखे प्यासे मीलों-मील पैदल चलना पड़ा,न जाने कितने लोग गर्मी भी से और न जाने कितने लोग भुखमरी से मर गए ।विभाजन की विभीषिका मे अपने प्राण गंवाने वाले और विस्थापन का दर्द झेलने वाले लाखों भारतीयों को हम नमन करते हैं ।”