मसूरी में आस्था, लोक संस्कृति और परंपरा के रंगों में रंगा दशहरा, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजे बाजार

 

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में दशहरे का पर्व आस्था, उल्लास और पारंपरिक संस्कृति के रंगों के बीच धूमधाम से मनाया गया। सनातन धर्म सभा की ओर से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में जहां भगवान राम के जीवन से जुड़ी झांकियों ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, वहीं उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोक कलाकारों के नृत्य ने पर्व की रौनक बढ़ा दी। बाजारों में दिनभर चहल-पहल रही और जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत कर भगवान राम की झांकियों पर पुष्पवर्षा की। गांधी चौक पर रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। दशहरे के अवसर पर श्री सनातन धर्म मंदिर में विधि-विधान से भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मंदिर से बैंड-बाजों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ भव्य शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा मलिंगार चौक, गुरुद्वारा चौक, लंढौर बाजार, घंटाघर, कुलड़ी और माल रोड होते हुए गांधी चौक पहुंची। रास्तेभर श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते रहे और धार्मिक वातावरण भक्तिमय बना रहा।शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, राम दरबार, वनवासी राम परिवार, भगवान शिव और मां दुर्गा की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह झांकियों पर पुष्पवर्षा कर भगवान राम का स्वागत किया। स्थानीय लोक कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य करते हुए आगे बढ़े, जिससे शोभायात्रा में धार्मिक उत्साह के साथ लोक संस्कृति का रंग भी देखने को मिला। मसूरी की दशहरा शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत भी दिखाई दी। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पर्व को स्थानीय रंग दिया। पर्यटन नगरी के बाजारों से गुजरती शोभायात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। इससे बाजारों में भी खास रौनक रही और दशहरे का उत्सव धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक मेल-मिलाप का अवसर भी बना। शोभायात्रा के कुलड़ी पहुंचने पर श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति की ओर से भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद शोभायात्रा गांधी चौक पहुंची, जहां श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर समिति की ओर से पूजा की गई और प्रसाद बांटा गया। गांधी चौक पर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी एकत्र हुए। उनकी मौजूदगी में बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन के साथ ही लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। रावण दहन के बाद शोभायात्रा वापस श्री सनातन धर्म मंदिर पहुंची, जहां भगवान श्रीराम का राजतिलक किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। दशहरे को लेकर मसूरी के बाजारों में भी अच्छी-खासी रौनक देखने को मिली। शोभायात्रा के विभिन्न बाजारों से गुजरने के दौरान स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। धार्मिक आयोजन ने शहर के पारंपरिक उत्सव की झलक पेश की। दशहरे के माध्यम से लोगों ने एक बार फिर यह संदेश याद किया कि असत्य और अहंकार चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। इस मौके पर सनातन धर्म मंदिर सभा के अध्यक्ष दीपक गुप्ता, मंत्री नीरज अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, कांग्रेस नेता उपेंद्र थापली, गोविंद पुंडीर, अमित गुप्ता, अनिल गोयल, अनुज तायल, वैभव तायल, उपेंद्र पंवार, संदीप अग्रवाल, रवि गोयल, अतुल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।