Tuesday 16/ 12/ 2025 

Bharat Najariya
नैनीताल ।विकास कार्यों में किसी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। ललित रयाल।रिपोर्ट। ललित जोशी।नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल से महज 22 किलोमीटर दूर भीमताल विकास भवन में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने राज्य केन्द्र, एवं बाह्य सहायतित योजनाओं व 20 सूत्री कार्यक्रम की मासिक बैठक लेते हुए विकास कार्यों की गहनता से समीक्षा की।जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों जिनके द्वारा वर्तमान तक कम धनराशि व्यय की गई है और धीमी प्रगति है उन विभागीय अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेते हुए 15 दिन के भीतर बेहतर प्रगति लाने के निर्देश दिए।पुलिस ने विद्यालय प्रबंधकों के साथ की बैठक स्टेशननेपाल सीमा से 2 करोड़ की स्मैक के साथ तीन शातिर स्मैक तस्कर गिरफ्तार चंपावत पुलिस की बड़ी सफलता।पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए महापौर को सौंपा ज्ञापनसितारगंज में धूमधाम से निकली बाबा खाटू श्याम की निशान यात्राबाबु जी की आंखें करेंगी किन्हीं दो लोगो के जीवन मे उजाला,किया महादान।
उत्तराखण्डकुमाऊँहल्द्वानी

हल्द्वानी_रेलवे स्टेशन के पास गौला नदी किनारे अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने किया ऐलान

हल्द्वानी – उत्तराखण्ड के हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास गौला नदी के किनारे अतिक्रमण कर झोपड़ी बनाकर रह रहे लोगों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर मुनादी कराई, जिसमें अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई कि वे एक सप्ताह के भीतर स्वयं अपना अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे स्टेशन के पास गौला नदी क्षेत्र में लंबे समय से झोपड़ी बनाकर अतिक्रमण किया जा रहा था। इस अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन और वन विभाग ने संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार की है। मुनादी के दौरान लोगों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि समय सीमा बीतने के बाद किसी को राहत नहीं दी जाएगी और बलपूर्वक अतिक्रमण हटाया जाएगा।

उपजिलाधिकारी नवाजिश अहमद, तहसीलदार सचिन कुमार, एसडीओ गोला रेंज अनिल जोशी, वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी समेत बड़ी संख्या में वन विभाग और पुलिस बल के जवान मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान प्रशासन ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया और संभावित कार्रवाई की तैयारियों का जायजा लिया।

प्रशासन की ओर से दी गई चेतावनी के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। कई अतिक्रमणकारियों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ अभी भी असमंजस में नजर आ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नदी क्षेत्र में अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने और बाढ़ जैसे हालात पैदा होने का खतरा बना रहता है।

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