Tuesday 14/ 04/ 2026 

Bharat Najariya
मसूरी में अग्निशमन सेवा सप्ताह की शुरुआतरू ‘छोटी चिंगारी से बड़ा खतरा’, फायर सर्विस ने शहर को किया सतर्क मसूरी, 14 अप्रैल पर्यटन नगरी मसूरी में राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह 2026 के तहत फायर सर्विस ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को आग से बचाव के प्रति सतर्क किया। “सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित अस्पताल और जागरूक समाज मिलकर रोकें आग” थीम के साथ यह अभियान 14 अप्रैल से शुरू हुआ।अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस के मौके पर फायर अधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में फायर स्टेशन से मालिंगा चौक तक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान लोगों को बताया गया कि छोटी सी आग भी समय पर काबू न पाने पर बड़ा हादसा बन सकती है।फायर टीम ने आमजन को समझाया कि आग लगने के शुरुआती मिनट सबसे अहम होते हैं मौके पर मौजूद दो लोग मिलकर तुरंत आग बुझाने का प्रयास करें। पानी, रेत या कंबल का इस्तेमाल करें, बिना देर किए 112 नंबर पर सूचना दें। अग्निशमन विभाग ने संस्थानों के लिए भी जरूरी गाइडलाइन जारी की स्कूलों के लिए पुराने बिजली तार और खराब स्विच तुरंत बदलें आपातकालीन निकास द्वार हमेशा खाली रखें व अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर के पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें स्टाफ को फायर एक्सटिंग्यूशर चलाने की ट्रेनिंग दें। मरीजों को सुरक्षित निकालने की विशेष व्यवस्था रखें।फायर सर्विस ने लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में बरती जाने वाली सावधानियों पर भी जोर दिया जिसमें खाना बनाने के बाद गैस रेगुलेटर बंद करें। एक सॉकेट में ज्यादा उपकरण न लगाएंआग लगने पर झुककर बाहर निकलें, लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, कपड़ों में आग लगने पर “स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल” अपनाएं, माचिस-लाइटर बच्चों की पहुंच से दूर रखें।कार्यक्रम की शुरुआत में मुंबई अग्निकांड में शहीद हुए 67 अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इसी घटना के बाद से पूरे देश में यह सप्ताह मनाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। अग्निशमन अधिकारी धीरज सिंह तड़ियाल ने कहा कि आग से बचाव सिर्फ फायर सर्विस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सतर्कता से ही बड़े हादसों को रोका जा सकता है।संघर्ष की मशाल,जनसेवा की मिसाल-स्व.रणजीत सिंह भण्डारी पुन्नी को उमड़े जनसैलाब ने दी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलिबैसाखी पर सेवा का संकल्प,अंबेडकर जयंती पर स्वच्छता का संदेश-अलकनंदा तट से उठी जागरूकता की मिसालशाश्वत धाम लक्ष्मोली में गूंजेगा सनातन का शंखनाद-जेष्ठ माह में भव्य भागवत कथा,सैकड़ों विद्वानों का होगा आध्यात्मिक समागमपुरानी पेंशन बहाली को लेकर देहरादून में गरजे कर्मचारी-प्रधानमंत्री के दौरे के बीच एनओपीआरयूएफ का जोरदार प्रदर्शनअंबेडकर जयंती पर सेवा का संकल्प-श्रीनगर बेस चिकित्सालय में रक्तदान शिविर,एमबीबीएस छात्रों ने दिखाई मानवता की मिसालसमानता और संविधान के शिल्पकार को नमन-पौड़ी में धूमधाम से मनाई गई अंबेडकर जयंती,संयुक्त मजिस्ट्रेट ने किया माल्यार्पणमहापौर विकास शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकातशहीद भगत सिंह की कांस्य प्रतिमा का हुआ भव्य अनावरण
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पशुपालकों के लिए बड़ी पहल-पौड़ी जनपद में खुरपका-मुंहपका से बचाव हेतु वृहद टीकाकरण अभियान शुरू


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पशुधन की सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में पौड़ी जनपद में खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव हेतु वृहद टीकाकरण अभियान का शुभारंभ कर दिया गया है। यह राज्यव्यापी अभियान 4 अक्टूबर से 17 नवंबर 2025 तक चलेगा,जिसके अंतर्गत जिले के प्रत्येक विकासखंड में पशुओं को इस संक्रामक रोग से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाएगा। विकास भवन परिसर से मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने टीकाकरण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन की सुरक्षा के लिए यह अभियान अत्यंत आवश्यक है। हमारा उद्देश्य केवल रोग से बचाव नहीं,बल्कि पशुपालकों की आय में स्थिरता और वृद्धि सुनिश्चित करना है। सीडीओ गुणवंत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के किसी भी गांव या पशुपालक को टीकाकरण से वंचित न रहने दिया जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएं ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस मुहिम से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि पशुपालन केवल एक जीविका का साधन नहीं,बल्कि ग्रामीण समृद्धि की धुरी है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि जनपद भर में 66 टीकाकरण दल गठित किए गए हैं,जो गांव-गांव जाकर पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेंगे। अभियान के तहत लगभग 1 लाख 60 हजार बड़े पशुधन (गाय,भैंस,बैल) और 1 लाख 35 हजार छोटे पशुधन (भेड़,बकरी आदि) को टीका लगाया जाएगा। डॉ.शर्मा ने कहा कि यह 45 दिवसीय अभियान केवल पशुओं की सेहत ही नहीं,बल्कि प्रदेश की पशु संपदा की सुरक्षा का भी एक बड़ा कदम है। यदि सभी पशुपालक सक्रिय सहयोग दें,तो निकट भविष्य में उत्तराखंड को खुरपका-मुंहपका मुक्त राज्य घोषित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक विकासखंड में टीकाकरण कार्यक्रम का सघन निरीक्षण किया जाएगा,ताकि कहीं भी लापरवाही न हो। साथ ही पशुपालकों को रोग के लक्षण,रोकथाम और उपचार के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार,उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.नंदन,पशु चिकित्साधिकारी डॉ.एकता बिष्ट,डॉ.सीमांत नौटियाल,पशुधन प्रसार अधिकारी विवेक कुमार,परीक्षित काला,पायल सैनी,धीरज पंवार,कविता नेगी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और पशुपालक मौजूद रहे। अभियान की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण अंचलों में उत्साह का माहौल है। पशुपालकों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से जहां रोगों पर नियंत्रण संभव होगा,वहीं दूध,ऊन और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

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