Sunday 26/ 07/ 2026 

Bharat Najariya
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पशुपालकों के लिए बड़ी पहल-पौड़ी जनपद में खुरपका-मुंहपका से बचाव हेतु वृहद टीकाकरण अभियान शुरू


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पशुधन की सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में पौड़ी जनपद में खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव हेतु वृहद टीकाकरण अभियान का शुभारंभ कर दिया गया है। यह राज्यव्यापी अभियान 4 अक्टूबर से 17 नवंबर 2025 तक चलेगा,जिसके अंतर्गत जिले के प्रत्येक विकासखंड में पशुओं को इस संक्रामक रोग से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाएगा। विकास भवन परिसर से मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने टीकाकरण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन की सुरक्षा के लिए यह अभियान अत्यंत आवश्यक है। हमारा उद्देश्य केवल रोग से बचाव नहीं,बल्कि पशुपालकों की आय में स्थिरता और वृद्धि सुनिश्चित करना है। सीडीओ गुणवंत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के किसी भी गांव या पशुपालक को टीकाकरण से वंचित न रहने दिया जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएं ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस मुहिम से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि पशुपालन केवल एक जीविका का साधन नहीं,बल्कि ग्रामीण समृद्धि की धुरी है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि जनपद भर में 66 टीकाकरण दल गठित किए गए हैं,जो गांव-गांव जाकर पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेंगे। अभियान के तहत लगभग 1 लाख 60 हजार बड़े पशुधन (गाय,भैंस,बैल) और 1 लाख 35 हजार छोटे पशुधन (भेड़,बकरी आदि) को टीका लगाया जाएगा। डॉ.शर्मा ने कहा कि यह 45 दिवसीय अभियान केवल पशुओं की सेहत ही नहीं,बल्कि प्रदेश की पशु संपदा की सुरक्षा का भी एक बड़ा कदम है। यदि सभी पशुपालक सक्रिय सहयोग दें,तो निकट भविष्य में उत्तराखंड को खुरपका-मुंहपका मुक्त राज्य घोषित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक विकासखंड में टीकाकरण कार्यक्रम का सघन निरीक्षण किया जाएगा,ताकि कहीं भी लापरवाही न हो। साथ ही पशुपालकों को रोग के लक्षण,रोकथाम और उपचार के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार,उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.नंदन,पशु चिकित्साधिकारी डॉ.एकता बिष्ट,डॉ.सीमांत नौटियाल,पशुधन प्रसार अधिकारी विवेक कुमार,परीक्षित काला,पायल सैनी,धीरज पंवार,कविता नेगी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और पशुपालक मौजूद रहे। अभियान की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण अंचलों में उत्साह का माहौल है। पशुपालकों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से जहां रोगों पर नियंत्रण संभव होगा,वहीं दूध,ऊन और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

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