सीमांत क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया बल्द त्यार(बैलत्योहार)

बैलों की की गई पूजा अर्चना खिलाए गए विशेष पकवान
देवउठनी एकादशी, इगास पर बल्द त्यार(बैल त्योहार)चम्पावत जिले में धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर आज लोहाघाट के सीमांत क्षेत्र बगोटी , सुल्ला, पासम आदि क्षेत्र के किसानों के द्वारा आज सुबह अपने बैलों को नहला धुलाकर, हल्दी , उबटन, तेल से मालिस कर उन्हें विभिन्न प्रकार की मालाओ से सजाकर उनकी पूजा की तथा उनके सहयोग से उगाए गए अनाज से ही उन्हें खिचड़ी , पूए पकवान खिलाकर उनसे धनधान्य का आशीर्वाद लिया । क्षेत्र के किसान पंडित प्रवीन पांडे ने बताया यह पर्व बैलों व इंसान के बीच मेहनत , समर्पण व सम्मान का पर्व है । जिसे प्रतिवर्ष कार्तिक मास की एकादशी को मनाया जाता है । चम्पावत जिले के खेतीहर क्षेत्रो में यह किसी उत्सव से कम नही है । कहा आज जिले के सीमावर्ती पंचेश्वर,गुमदेश,मंच , तामली, आदि क्षेत्रों में सुबह से इसके प्रति खास उत्साह देखने को मिला । उन्होंने कहा आज पर्वतीय क्षेत्र में भी पावर ट्रेलर चलने से किसानों ने बैलों को पालना कम कर दिया है तथा लोगों का खेती के प्रति रुझान भी काम हो चुका है।लेकिन सीमांत क्षेत्रों में आज भी किसानों के द्वारा बैलों के माध्यम से खेती की जाती है और अपने बैलों का विशेष ध्यान रखा जाता है उन्होंने कहा बेल सदियों से किसानों के सच्चे साथी रहे है। आज बल्द त्योहार पर उनकी पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। मालूम हो पर्वतीय क्षेत्र में ईगॉस पर्व पर सदियों से यह उत्सव मनाया जाता है।