Saturday 26/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
सचिव महोदय के आदेशानुस स्थान- आदर्श थारू राजकीय इंटर कॉलेज खटीमा में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में व मुख्य अतिथि डॉक्टर देश दीपक गॉड( M.O )व डॉक्टर सुनाक्षी सक्सेना ( l.M.O) , की उपस्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निशुल्क सेवाओं हेतु कैंप का आयोजन किया गया मंच का संचालन पैरा लीगल वॉलियंटर गीता शर्मा द्वारा किया गया और छात्र-छात्राओं को बताया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उधम सिंह नगर द्वारा कमजोर वर्ग के लोगों के लिए, सिविल कोर्ट खटीमा मै 10 पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई और सिविल कोर्ट खटीमा में ई- सेवा केंद्र और ग्रामीण विधिक सेवा सहायता केंद्र तीन खोले गए जिसमें हर क्षेत्र के पीड़ित ग्रामीण क्षेत्र से आए व्यक्ति , अपनी समस्या का समाधान निशुल्क तरीके से ले सके और अन्य समस्याओं , के प्रति कमजोर वर्ग के लोगों को निशुल्क सुविधा और न्याय मिल पाए बच्चों को पोक्सो एक्ट अधिनियम की जानकारी दी और घरेलू हिंसा भरण पोषण चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 बताकर सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जानकारी देकर सड़क सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 112 व नालसा टोल नंबर फ्री 0 – 15100 इत्यादि की जानकारी दी गई डॉक्टर देश दीपक गॉड द्वारा छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम बाल विवाह मानव तस्करी और मानसिक तनाव के प्रति जानकारी देकर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया डॉक्टर सुनाक्षी, सक्सेना जी द्वारा छात्र-छात्राओं को हेल्थ हाइजीन से संबंधित जानकारी दी और बीमार बच्चों को निशुल्क उपचार कर निशुल्क औषधि प्रदान की गई छात्र-छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य के लिए नशे से होने वाले , दुष्परिणाम के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देकर जागरूक किया गया डॉक्टर टीम ए द्वारा 130 बच्चों का हेल्थ चेकअप, किया कैंप में क्लास 9th बी निवासी पकरिया जंगलात चौकी के सामने रहने वाली मूल निवासी है मल्लिका यादव बच्ची की उम्र 15 साल हाइट 4 फुट बताइ और मल्लिका बच्ची, को बोना पैंशन, के बारे में जानकारी दी तो मल्लिका द्वारा बताया गया कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी मैंने कोई फॉर्म नहीं भरा है मुझे यह पता नहीं था मल्लिका यादव की समस्या नोट किया और गीता शर्मा द्वारा पेंशन फॉर्म भरने की सलाह दी और फैजान और गोटिया की निवासी सलमा बेगम w/0 मो0 सलीम का आधार कार्ड अपडेट करने में सहायता ki लाभार्थियों की संख्या 130 रही टीम नंबर 36 से पैरालेगल वॉलंटरी गीता शर्मा तहसील खटीमा से रिपोर्ट प्रस्तुत है ।सितारगंज के निकट जल पूनिया नदी के ऊपर गांव वालों के सहयोग से किया जा रहा पुल का निर्माणभूरारानी–शांति विहार–छतरपुर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू, विधायक शिव अरोरा ने फीता काटकर किया शुभारंभ2.47 करोड़ की लागत से 5 किलोमीटर हॉटमिक्स सड़क का होगा निर्माण, 12-15 वर्षों से जर्जर मार्ग से मिलेगी क्षेत्रवासियों को राहतसितारगंज उप जिला चिकित्सालय में मनाया गया फार्मासिस्ट दिवसबेहड़ प्रकरण ने पकड़ा सियासी तूल, आमने-सामने कांग्रेस और भाजपा खेमेमुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दी श्रद्धांजलि,चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन।जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की, पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थल चिह्नित करने के निर्देशसितारगंज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर नगर पालिका में श्रद्धांजलि, ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ जनसेवा का लिया प्रणमहिला सशक्तिकरण और रोजगार के लिए रीड इंडिया की पहल,रुद्रपुर में शुरू हुआ नया प्रशिक्षण केंद्र।मुखर्जीनगर में 400 श्रमिकों को विधायक शिव अरोरा ने बाटी लेबर किट, विधायक बोले—हर पात्र श्रमिक तक पहुंच रहा है सरकार की योजना का लाभ
राज्य

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज बना स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नई प्रयोगशाला


श्रीनगर गढ़वाल। अलकनंदा तट पर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर अब उत्तराखंड ही नहीं,बल्कि पूरे उत्तर भारत में स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार करने का उभरता हुआ प्रमुख केंद्र बन गया है। जहां पहले केवल एमबीबीएस शिक्षा प्रदान की जाती थी,वहीं अब यह संस्थान पीजी,एमडी-एमएस और डीएनबी जैसे उच्च स्तरीय विशेषज्ञता कोर्सों का सुदृढ़ केन्द्र बन चुका है। कॉलेज ने अब तक 65 से अधिक स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार किए हैं,जो वर्तमान में प्रदेश ही नहीं,बल्कि देश के विभिन्न प्रतिष्ठित अस्पतालों में महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। यही नहीं कॉलेज में वर्तमान में 52 सीटों पर पीजी व डीएनबी कोर्स सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं और 34 नई सीटों के लिए एनएमसी में आवेदन किया जा चुका है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे उत्तराखंड के स्वास्थ्य तंत्र के लिए मील का पत्थर है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 2014 में एनाटॉमी विभाग में शुरू हुआ पीजी कोर्स अब 11 विभागों तक विस्तार पा चुका है। वर्ष 2021 के बाद से कॉलेज को कई विभागों में पीजी अनुमोदन प्राप्त हुआ,जिसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टर प्रशिक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव आया। वर्तमान में संचालित कोर्स-एमडी-एमएस कोर्स-24 सीटें,डीएनबी डिप्लोमा कोर्स-38 सीटें,कुल सीटें-52,एनएमसी में आवेदन की गई नई सीटें-34,2021-2023 के बीच 65 स्पेशलिस्ट तैयार-पीजी कार्यक्रमों के शुरू होने के बाद कॉलेज ने मात्र तीन वर्षों में 65 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार किए,जो प्रदेश के समस्त जनपदों और अन्य राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बन रहे हैं। किन विभागों से तैयार हुए स्पेशलिस्ट डॉक्टर,एमडी-एमएस 20 डॉक्टर-फिजियोलॉजी,फार्माकोलॉजी,माइक्रोबायोलॉजी,फॉरेंसिक मेडिसिन,पैथोलॉजी,कम्युनिटी मेडिसिन,ऑफ्थैल्मोलॉजी। डीएनबी 45 डॉक्टर ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी,ईएनटी,पीडियाट्रिक्स,ऑप्थैल्मोलॉजी,एनेस्थीसिया। कॉलेज में चल रहे ये कोर्स न केवल युवा डॉक्टरों के लिए नई संभावनाओं को खोल रहे हैं,बल्कि पहाड़ों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी तेजी से कम हो रही है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज अब विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने की पहली पसंद बन गया है। बेहतर शिक्षण,अनुभवी संकाय और अत्याधुनिक सुविधाओं ने इसे मजबूत आधार दिया है। वर्तमान में 52 सीटों पर प्रशिक्षण चल रहा है और 34 अतिरिक्त सीटों के लिए एनएमसी में आवेदन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीजी पूरा करने के बाद डॉक्टरों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाती है,जिसके आधार पर उन्हें प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में नियुक्त किया जाता है। वहीं ऑल इंडिया कोटा से आए डॉक्टर अपने-अपने राज्यों में सीनियर रेज़िडेंट के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज द्वारा 65 से अधिक स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार किए जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की उपलब्धि है। पीजी,एमडी-एमएस और डीएनबी कोर्सों के सफल संचालन ने उत्तराखंड को मेडिकल शिक्षा का सशक्त केंद्र बना दिया है। सरकारी प्रयासों से जल्द ही पीजी सीटों में और बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी और पहाड़ी क्षेत्रों में भी बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी। प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के बीच स्थित श्रीनगर मेडिकल कॉलेज आधुनिक सुविधाओं,अनुभवी संकाय और उन्नत तकनीक के साथ अब एक मॉडल मेडिकल संस्थान के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार करने की इसकी क्षमता आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाली है। यह उपलब्धि श्रीनगर ही नहीं पूरे गढ़वाल और उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है,अब पहाड़ खुद अपने विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार कर रहा है।

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