सितारगंज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर नगर पालिका में श्रद्धांजलि, ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ जनसेवा का लिया प्रण

सितारगंज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। नगर पालिका परिषद परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उनके जीवन, विचारों और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया गया।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुंच और जनकल्याण के विचारों को समर्पित रहा। उनका ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत आज भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान की प्रेरणा देता है पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने एक ऐसे समाज और राष्ट्र की कल्पना की, जिसमें विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति स्वयं को विकास की मुख्यधारा से अलग महसूस न करे। उनके विचारों ने भारतीय राजनीति और सामाजिक चिंतन को एक अलग दिशा देने का काम किया।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी जनसेवा और राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचारों को आत्मसात कर समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्ग तक विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी इस दौरान सभी ने उनके आदर्शों और विचारों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि राष्ट्र की प्रगति तभी सार्थक है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे। उनके विचार और ‘अंत्योदय’ का मंत्र आने वाली पीढ़ियों को भी जनसेवा और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को कोटि-कोटि नमन।
