Wednesday 11/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
नियमितीकरण की मांग को लेकर महापौर और नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापननगर निगम की गौशाला के लिए 84 लाख की अतिरिक्त राशि स्वीकृतएनएसएस स्वयंसेवियों ने निकाली पर्यावरण संरक्षण व एड्स जागरूकता रैली, युवाओं को बताया समाज की जिम्मेदारी।ग्रीष्मकालीन धान नष्ट करने के विरोध में किसानों का उग्र प्रदर्शन, सितारगंज तहसील में दिया धरना सितारगंज। प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन धान की फसल नष्ट किए जाने के विरोध में क्षेत्र के किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसानों ने सितारगंज तहसील परिसर में एकत्र होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।धरने का नेतृत्व पूर्व पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे और कांग्रेस नेता नवतेज पाल सिंह ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार की गई ग्रीष्मकालीन धान की फसल को नष्ट कर प्रशासन ने किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए या किसानों की बात सुने इस प्रकार की कार्रवाई करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।धरने को संबोधित करते हुए पूर्व पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे ने कहा कि किसान पहले ही बढ़ती लागत, मौसम की मार और बाजार की अनिश्चितता से जूझ रहा है। ऐसे समय में प्रशासन द्वारा फसल को नष्ट करना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई और समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।कांग्रेस नेता नवतेज पाल सिंह ने कहा कि सरकार को किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत किसानों की फसल ही उजाड़ दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि जिन किसानों की फसल नष्ट की गई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले किसानों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।धरने के दौरान किसानों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रीष्मकालीन धान को नष्ट करने की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की। प्रदर्शन में क्षेत्र के कई किसान नेता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।एलपीजी की कमी से होटल-रेस्टोरेंट पर संकट, पेट्रोलियम दानों (कच्चा माल) के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की चीजें भी हो सकती हैं महंगी :– संजय जुनेजाअवैध स्मैक के साथ एक तस्कर को भगवानपुर पुलिस में गिरफ्तार कियानैनीताल महिला आयोग आपके द्वार के तहत जनसुनवाई कार्यक्रम हुआ आयोजित । सरोवर नगरी नैनीताल राज्य अतिथि गृह सभागार में महिला आयोग आपके द्वार के तहत जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो ने कहा राज्य सरकार और महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े रामपुर तिराहा कांड मामले सुनवाई हुई जिसमें निर्णय सुरक्षित रख दिया है। सरोवर नगरी नैनीताल केउत्तराखंड हाईकोर्ट में उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े बहुचर्चित रामपुर तिराहा कांड मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।महिला दिवस पर खटीमा में मिलेट मेले की धूम, लेकिन मुख्य अतिथि महिला ब्लॉक प्रमुख ही रहीं नदारद !
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महिला दिवस पर खटीमा में मिलेट मेले की धूम, लेकिन मुख्य अतिथि महिला ब्लॉक प्रमुख ही रहीं नदारद !

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जहाँ पूरी दुनिया नारी शक्ति का जश्न मना रही है, वहीं उत्तराखंड के खटीमा में एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। ब्लॉक सभागार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भव्य मिलेट मेले का आयोजन किया गया था। विडंबना देखिए, जिस कार्यक्रम की मुख्य शोभा महिला ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा को बढ़ानी थी, वे खुद इस खास मौके पर कार्यक्रम से नदारद रहीं। मेले में सजे स्टॉल, उपस्थित महिलाएं और खाली मुख्य अतिथि की कुर्सी, खटीमा के ब्लॉक सभागार में सुबह से ही गहमागहमी रही। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कृषि और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मोटे अनाज यानी ‘मिलेट’ को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी लगाई गई थी। मेले में क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी प्रतिभा व उत्पादों का प्रदर्शन किया।
लेकिन, जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, चर्चा का विषय महिला सशक्तिकरण से हटकर ब्लॉक प्रमुख की गैर-मौजूदगी पर टिक गया। आयोजन की सूचना और निमंत्रण के बावजूद, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा कार्यक्रम में नहीं पहुँचीं। हालांकि, ब्लॉक प्रमुख की अनुपस्थिति के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने कार्यक्रम को जारी रखा। मेले का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को “श्री अन्न” मिलेट की खेती और उसके पौष्टिक फायदों के प्रति जागरूक करना था। स्टॉल्स पर मांडवा, झंगोरा और अन्य स्थानीय उत्पादों के व्यंजन परोसे गए, जिन्हें लोगों ने खूब सराहा। सवाल तो अब यह उठ रहा है कि क्या यह केवल समय की कमी थी या कोई आपसी खींचतान, मीडिया द्वारा सवाल पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं मिला।

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