दिल्ली में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन-उत्तराखंड के दिग्गज नेताओं की घर वापसी,गणेश गोदियाल का बढ़ा सियासी कद

नई दिल्ली/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आज उस समय सियासी हलचल तेज हो गई,जब उत्तराखंड की राजनीति के कई प्रभावशाली और जनाधार वाले नेताओं ने विधिवत रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम को उत्तराखंड की राजनीति में बड़े बदलाव और शक्ति संतुलन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा,सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा,सहप्रभारी मनोज यादव,प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल,नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा,दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन तथा एआईसीसी सचिव गुरुदीप सप्पल,पूर्व मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड के कई प्रमुख नेताओं ने कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास जताते हुए पार्टी का दामन थामा। इनमें पूर्व विधायक भीमलाल आर्य,पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल,पूर्व विधायक नारायण पाल,वरिष्ठ नेता लाखन सिंह,रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल तथा मसूरी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी नवागंतुक नेताओं का पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। नेताओं ने कांग्रेस की नीतियों और जनहितकारी सोच में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वे राज्य में जनसमस्याओं को मजबूती से उठाने और संगठन को सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का सियासी कद इस मौके पर और अधिक मजबूत होता दिखाई दिया। उनके नेतृत्व में लगातार बढ़ती सक्रियता और संगठन विस्तार के प्रयासों का ही परिणाम है कि पार्टी में दिग्गज नेताओं की वापसी और नए चेहरों का जुड़ाव तेज हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह घटनाक्रम आगामी चुनावी परिदृश्य में कांग्रेस को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान कर सकता है। नई दिल्ली में हुआ यह शक्ति प्रदर्शन साफ संकेत दे रहा है कि उत्तराखंड में कांग्रेस अब नए तेवर और व्यापक जनसमर्थन के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है-जहां संगठनात्मक मजबूती के साथ नेतृत्व की पकड़ भी लगातार सुदृढ़ हो रही है।
