पहाड़ से मुंबई तक पुलिस का शिकंजा-श्रीनगर की चोरी का मास्टरमाइंड अंतरराज्यीय अभियान में गिरफ्तार

श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस की सतर्कता,तकनीकी दक्षता और लगातार पीछा करने की रणनीति ने आखिरकार उस शातिर चोर को बेनकाब कर दिया,जिसने श्रीनगर में दुकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी को अंजाम दिया था। लंबी फरारी,ठिकाने बदलने और पहचान छिपाने के तमाम प्रयासों के बावजूद आरोपी कानून के शिकंजे से बच नहीं सका। प्रकरण दिनांक 31 दिसंबर 2024 का है,जब वादी गौरव सिलोडी निवासी श्रीनगर ने कोतवाली श्रीनगर में तहरीर देकर बताया कि अज्ञात चोर द्वारा उनकी दुकान का ताला तोड़कर लगभग 5 लाख रुपये की नगदी,300 डॉलर और एक डीएसएलआर कैमरा चोरी कर लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने तत्काल विशेष टीम गठित कर घटना के शीघ्र अनावरण और अभियुक्त की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर तथा क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार के पर्यवेक्षण में,प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीनगर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुनियोजित ढंग से जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन पड़ताल की,साथ ही स्थानीय सूचनातंत्र और मुखबिरों को सक्रिय कर संदिग्धों की जानकारी जुटाई। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार प्रयासों के बल पर पुलिस ने न केवल घटना का सफल अनावरण किया बल्कि अभियुक्त की पहचान भी सुनिश्चित कर ली। जांच में सामने आया कि आरोपी घटना के बाद लगातार ठिकाने बदलता रहा-पहले नेपाल में शरण ली और फिर महाराष्ट्र के मुंबई सहित विभिन्न स्थानों पर छिपता रहा,ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सके। लेकिन पौड़ी पुलिस ने हार नहीं मानी और अंतरराज्यीय स्तर पर सटीक रणनीति अपनाते हुए आखिरकार आरोपी को मुंबई से धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नीरक उर्फ नीर बहादूर शाही के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे मुंबई महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया,जहां आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक मुकेश भट्ट और उपनिरीक्षक सुरेश रतूड़ी,उपनिरीक्षक दीपक अरोड़ा साईबर सैल कोटद्वार,मुख्य आरक्षी मुकेश कुमार साईबर सैल कोटद्वार की महत्वपूर्ण भूमिका रही,जिनकी सतर्कता और समर्पण ने इस जटिल मामले को सुलझाने में अहम योगदान दिया। यह कार्रवाई न केवल पौड़ी पुलिस की कार्यकुशलता का प्रमाण है,बल्कि यह भी संदेश देती है कि अपराधी चाहे जितनी दूर क्यों न भाग जाए,कानून के हाथ उससे कहीं अधिक लंबे होते हैं।
