Monday 11/ 05/ 2026 

Bharat Najariya
महापौर ने संजय नगर खेड़ा से किया ‘महापौर जनता के द्वार’ अभियान का आगाजसिंह कालोनी में महापौर ने दी 26 लाख के विकास कार्यों की सौगातसितारगंज पुलिस बनी आमजन की उम्मीद और भरोसे की मिसाल: गुमशुदा मोबाइल लौटाकर जीता लोगों का दिल, ईमानदार और संवेदनशील पुलिसिंग की हर ओर गूंजती सराहना।वरिष्ठ पत्रकार भरत सिंह चुफाल के निधन पर पत्रकार जगत में शोक की लहरजे. पी. एस. जूनियर में मातृ दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन, माताओं का हुआ सम्मानजेसीज पब्लिक स्कूल जूनियर में आज मातृ दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य एवं आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरा विद्यालय परिसर प्रेम, स्नेह और मातृ सम्मान की भावनाओं से ओत-प्रोत रहा।मसूरी पब्लिक स्कूल में सांस्कृतिक दिवस की धूम, लोक नृत्य और कला प्रस्तुतियों ने मोहा मसूरी पब्लिक स्कूल में शनिवार को सांस्कृतिक दिवस उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और कला से जुड़ी विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यालय परिसर पूरे दिन सांस्कृतिक रंगों और उत्साह से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य विषाल सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विभिन्न सदनों धर्मा सदन, ज्वाला सदन, सूर्य सदन और नारायणा सदन के विद्यार्थियों ने अलग-अलग सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया। सांस्कृतिक दिवस के दौरान विद्यार्थियों ने लोक नृत्य, लोक गायन, सांस्कृतिक भ्रमण, शिरोवस्त्र निर्माण, प्रतिभा प्रदर्शन, अग्नि हीन कुकिंग, कला प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रदर्शन और श्लोक पाठ जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की रंग-बिरंगी वेशभूषा और परंपरा प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया। लोक नृत्य और लोक गायन प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। वहीं अग्नि हीन कुकिंग और कला प्रतियोगिता में बच्चों की रचनात्मकता की भी खूब सराहना हुई। इस अवसर पर प्रधानाचार्य विशाल सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सांस्कृतिक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक दिवस विविधता में एकता और भारत की समृद्ध विरासत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संस्कृति केवल नृत्य, संगीत या पहनावे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन जीने का तरीका, रीति-रिवाज, खान-पान और वे संस्कार हैं जो समाज को एक सूत्र में बांधते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।भाजयुमो में आर्यन देव उनियाल को बड़ी जिम्मेदारी, पौड़ी जिला प्रभारी नियुक्तम्सूरी, उत्तराखंड भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विपुल मेनदोली द्वारा संगठनात्मक जिलों के लिए जिला प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की घोषणा की गई।इसी क्रम में भाजयुमो के प्रदेश मंत्री आर्यन देव उनियाल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए जनपद पौडी का जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है। संगठन की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना में उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। आर्यन देव उनियाल लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और युवा कार्यकर्ताओं के बीच प्रभावी नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। पार्टी कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी को देखते हुए संगठन ने उन पर भरोसा जताया है। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का कहना है कि आर्यन देव उनियाल की संगठनात्मक क्षमता, युवाओं के बीच मजबूत पकड़ और पार्टी के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नियुक्ति से युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। नियुक्ति की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन जनपद पौड़ी में और अधिक मजबूती के साथ कार्य करेगा तथा युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने में सफलता मिलेगी। भाजयुमो नेताओं ने कहा कि संगठन लगातार युवाओं को नेतृत्व के अवसर देकर उन्हें जिम्मेदार भूमिकाओं में आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में आर्यन देव उनियाल की नियुक्ति को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।मसूरी में साईं भक्ति का महासंगमरू विशाल भंडारे में उमड़े हजारों श्रद्धालु, गूंजे “साईं राम” के जयकारे मसूरी में शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कुलड़ी स्थित षिरडी साई बाबा मंदिर मसूरी के 31वें प्राण प्रतिष्ठा एवं स्थापना दिवस समारोह के तहत निकली भव्य शोभायात्रा और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर साईं बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे क्षेत्र में “साईं राम” के जयकारों, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। दो दिवसीय स्थापना दिवस समारोह के प्रथम दिन सनातन धर्म मंदिर लंढौर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों के साथ निकली यात्रा लंढौर बाजार, घंटाघर, माल रोड और शहीद स्थल होते हुए पुनः साईं मंदिर पहुंची। यात्रा में शामिल श्रद्धालु पूरे रास्ते भजन-कीर्तन करते रहे और जगह-जगह प्रसाद वितरण किया गया। शोभायात्रा में साईं बाबा की सजी-धजी पालकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। बाबा के जीवन प्रसंगों को दर्शाती रंग-बिरंगी झांकियों के साथ भगवान शिव-पार्वती की भव्य प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। बड़ी संख्या में महिलाएं भजन गाते हुए पालकी के साथ चल रही थीं। मंदिर के पुजारी ैनदपस छंनजपलंस श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते नजर आए। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों ने भी साईं बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन साईं मंदिर के सामने विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर साईं बाबा का आशीर्वाद लिया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पूरे क्षेत्र में भक्ति और सेवा का माहौल बना रहा। भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थीं। मंदिर समिति और स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से प्रसाद वितरित किया गया। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंदिर के इतिहास और उसकी धार्मिक मान्यता को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। मंदिर के पुजारी सुनील नौटियाल, सभासद अमित भटट और व्यापार मंडल के महामंत्री जगजीत कुकरेजा ने श्रद्धालुओं को मंदिर की स्थापना, साईं बाबा की शिक्षाओं और मंदिर की विशेष मान्यताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साईं बाबा ने हमेशा मानवता, सेवा और समानता का संदेश दिया और यही कारण है कि आज देशभर से श्रद्धालु साईं बाबा के प्रति अटूट आस्था रखते हैं।गुरु नानक स्कूल के वार्षिक मेले में उमड़ी रौनक, खेल, संगीत और लकी ड्रॉ ने बढ़ाया उत्साह मसूरी गुरु नानक स्कूल में षनिवार को आयोजित वार्षिक मेले में उत्साह, रंगारंग गतिविधियों और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्यालय परिसर पूरे दिन बच्चों की चहल-पहल, संगीत और रंग-बिरंगी सजावट से गुलजार रहा। मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल तिवारी ने फीता काटकर किया। विद्यालय द्वारा आयोजित मेले में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे उत्सव जैसा माहौल बना रहा। पृष्ठभूमि में बजता संगीत और बच्चों का उत्साह कार्यक्रम में चार चांद लगा रहा था। मेले में विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। विभिन्न स्टॉलों को बेहद रचनात्मक और सांस्कृतिक अंदाज में सजाया गया था, जो एक अलग छाप छोड़ रहे थे। बच्चों ने मनोरंजक खेलों और गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। एक ओर बच्चे हुपला, रोलेट, हिट द पिरामिड, ट्रिपल योर मनी, ट्रेजर हंट, सुपर सिक्स और लकी डिप जैसे खेलों का आनंद ले रहे थे, वहीं दूसरी ओर स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉलों पर भी भारी भीड़ देखने को मिली। बच्चों और अभिभावकों ने मेले का जमकर आनंद उठाया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने डीजे प्वाइंट पर अपने दोस्तों और शिक्षकों को गाने समर्पित कर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। मेले में आयोजित लकी ड्रॉ को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। सभी बेसब्री से विजेताओं की घोषणा का इंतजार कर रहे थे। लकी ड्रॉ में प्रथम पुरस्कार के रूप में टैबलेट, द्वितीय पुरस्कार में अकाई म्यूजिक सिस्टम और तृतीय पुरस्कार में एयर फ्रायर दिया गया। इसके अलावा कई सांत्वना पुरस्कार भी वितरित किए गए। पुरस्कार जीतने वाले बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनिल तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, सामूहिक कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ इस तरह की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। कार्यक्रम में कुलदीप सिंह, सुनील बक्षीख् विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम उल्लास और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ।मसूरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 55 मामलों का निस्तारण, साढ़े 34 लाख रुपये के चैक बाउंस दो बड़े मामलों में हुआ समझौता मसूरी न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। लोक अदालत में करीब 55 मामलों को सुना गया और उनका विधिवत समाधान कराया गया। इस दौरान कई पक्षकारों ने आपसी समझौते के जरिए वर्षों पुराने विवादों को समाप्त किया।लोक अदालत की अध्यक्षता कर रहे मनोज सिंह राणा न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज मसूरी ने बताया कि उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पूरे देश में समय-समय पर राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सुलभ, त्वरित और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है।साढ़े 34 लाख रुपये के दो बड़े मामलों में हुआ समझौतासिविल जज मनोज सिंह राणा ने बताया कि लोक अदालत में मुख्य रूप से कंपाउंडेबल मामलों का निस्तारण किया जाता है। इनमें विशेष रूप से नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के मामले, क्रिमिनल कंपाउंडेबल केस और मोटर व्हीकल एक्ट के चालान शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार आयोजित लोक अदालत में 55 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें कुछ बड़े और महत्वपूर्ण मामले भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि दो प्रमुख मामलों में लगभग साढ़े 34 लाख रुपये चैकं बाउंस के केस का समझौता कराया गया, जो लोक अदालत की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।“लोक अदालत से समय और धन दोनों की बचत”मनोज सिंह राणा ने कहा कि कई मामलों में दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करना चाहते हैं, लेकिन यदि वही मामले नियमित अदालतों में चलते रहते हैं तो प्रक्रिया काफी लंबी हो जाती है। इससे समय और धन दोनों का नुकसान होता है।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में दोनों पक्ष बातचीत और समझौते के जरिए विवाद सुलझा लेते हैं, जिससे न केवल अदालतों का बोझ कम होता है बल्कि पक्षकारों के बीच का मनमुटाव भी समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था को सरल और जनसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।लोगों में बढ़ रही जागरूकतासिविल जज मनोज सिंह राणा ने बताया कि अब लोगों में लोक अदालत को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण संभव है, वे लोक अदालत में आसानी से सुलझ जाते हैं और इससे लोगों को काफी राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोग भी इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार हर महीने या हर दूसरे महीने विभिन्न क्षेत्रों में लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है।त्वरित न्याय की दिशा में प्रभावी पहलमनोज सिंह राणा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को न्यायपालिका की एक ऐसी पहल माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण करना और लोगों को सस्ता एवं सरल न्याय उपलब्ध कराना है। मसूरी में आयोजित लोक अदालत में भी बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपने मामलों का समाधान कराया और इस पहल की सराहना की। इस मौके पर कैलाष कन्याल, सुमित निराला, राकेष कुमार पांडेख् सुमित सिंह बिश्ठ सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे।
राज्य

मसूरी क्षेत्र के ग्राम सभा दूधली में जमीन-वन विवाद भड़का, सैकड़ों ग्रामीण कोतवाली पहुंचे, भू-माफियाओं पर कब्जे और गोली की धमकी के आरोपपुलिस की भूमिका पर भी सवाल, वन भूमि पर अवैध तारबाड़ से बढ़ा खतराकृ, डीएफओ से हस्तक्षेप की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनीमसूरी, 18 अप्रैल मसूरी क्षेत्र के ग्राम सभा दूधली (भद्राज ) में जमीन और वन अधिकार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शनिवार को सैकड़ों ग्रामीण मसूरी कोतवाली पहुंच गए और भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर आक्रोश जताया।ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ भू-माफिया उनकी पुश्तैनी जमीन और सामुदायिक वन क्षेत्र पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर उन्हें गोली मारने तक की धमकी दी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में तीखा विवाद हुआ, जिसमें हालात तनावपूर्ण हो गए।पुलिस पर संरक्षण देने के आरोपमामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब ग्रामीणों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए। उनका आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, बल्कि भ्रष्टाचार में लिप्त होकर भू-माफियाओं को संरक्षण दिया। इस आरोप ने पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोपग्रामीणों ने वन विभाग की भूमि पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से तारबाड़ (फेंसिंग) की जा रही है। इससे न केवल वन क्षेत्र पर कब्जे की आशंका बढ़ रही है, बल्कि जंगली जानवरों के प्राकृतिक रास्ते भी बाधित हो रहे हैं। परिणामस्वरूप जंगली जानवर अब गांव की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में अमित कुवर (डीएफओ, मसूरी) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके।ग्राम सभा का सख्त रुख, सीमांकन और टोल बैरियरसमाजिक कार्यकर्ता जब्बर वर्मा ने बताया कि बढ़ते विवाद के बीच ग्राम सभा दूधली में आयोजित बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। वनाधिकार कानून 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधनों का सीमांकन किया गया और पारंपरिक सीमाओं पर बॉर्डर चिन्ह लगाए गए। साथ ही दूधली चौक पर टोल बैरियर स्थापित कर क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों का रिकॉर्ड रखने का निर्णय लिया गया।ग्राम सभा ने साफ किया कि उसकी पारंपरिक सीमा में किसी भी बाहरी व्यक्ति को अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वनाधिकार कानून के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सीमांकन कार्य में बाधा डालने और झूठी शिकायत करने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।महिलाओं को धमकाने और माहौल बिगाड़ने के आरोपग्रामीणों ने कुछ असामाजिक तत्वों पर महिलाओं को धमकाने और गांव का माहौल खराब करने के आरोप भी लगाए। ऐसे मामलों में भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है।‘जन अधिकारों की लड़ाई’, ग्रामीणों का ऐलानटिहरी जनपद के जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत और पूर्व पालिकाध्यक्ष मसूरी मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि यह केवल जमीन का नहीं, बल्कि उनके परंपरागत अधिकारों और अस्तित्व का सवाल है। यदि प्रशासन और वन विभाग ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर सभासद जसबीर कौर, सिकंदर सिंह, राजेश सिंह, दिनेश पुंडीर, दिनेश सिंह, राजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र रावत, विजेन्द्र रावत, सुरेन्द्र सिह रावत के साथ अन्य लोग मौजूद थे।

Check Also
Close