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मसूरी कंक्रीट के जंगल में हो रही तब्दील, नियोजित विकास पर उठे सवालभाजपा नेता रविंद्र ने कहा- केयरिंग कैपेसिटी की अनदेखी से बढ़ रहा दबाव, 2027 में मसूरी से टिकट का भी जताया दावा भाजपा के वरिष्ठ नेता रविन्द्र जुगराण ने पत्रकार वार्ता कर मसूरी में हो रहे विकास कार्यों और बढ़ते अनियोजित निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पर्यटन नगरी मसूरी धीरे-धीरे कंक्रीट के जंगल में तब्दील होती जा रही है, जबकि शहर की केयरिंग कैपेसिटी को लेकर कई बार विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों द्वारा चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बावजूद न तो विभागीय स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और न ही आसपास के क्षेत्रों को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है।द उन्होंने कहा कि मसूरी पर लगातार बढ़ते दबाव को कम करने के लिए आसपास के क्षेत्रों को “स्मॉल मसूरी” के रूप में विकसित किया जा सकता है, लेकिन संबंधित विभाग इस दिशा में गंभीरता से कार्य नहीं कर रहे हैं। इसका परिणाम यह हो रहा है कि शहर में आए दिन जाम, पार्किंग संकट और अवैध निर्माण जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। रविंद्र ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का गठन शहर के नियोजित विकास के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन आज स्थिति यह है कि नियोजित विकास की जगह “अनियोजित विकास” तेजी से बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से अधिकारियों की लापरवाही और इच्छाशक्ति की कमी के कारण मसूरी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हुआ है।उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 के बाद से शहर के सुनियोजित विकास को लेकर अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हुआ। पहाड़ों पर लगातार बढ़ रहे निर्माण कार्यों ने पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर डाला है। उन्होंने कहा कि मसूरी की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार मसूरी और आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेष जोषी की सराहना करते हुए कहा कि वे कई योजनाओं के माध्यम से मसूरी के विकास को गति देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है, लेकिन कुछ अधिकारियों की कार्यशैली के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यदि योजनाओं को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए तो मसूरी को एक बेहतर और व्यवस्थित पर्यटन नगर बनाया जा सकता है।पत्रकारों द्वारा 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर रविंद्र ने कहा कि वह मसूरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं और जनता के बीच उनकी साफ एवं ईमानदार छवि है। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी नेतृत्व उनकी सक्रियता और जनसेवा को देखते हुए उन्हें अवसर देगा। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें टिकट मिलता है तो वह मसूरी के समुचित और पारदर्शी विकास के लिए कार्य करेंगे तथा वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों को भी उजागर करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देती तब भी वह भाजपा के साथ मजबूती से जुड़े रहेंगे और पार्टी संगठन को मजबूत करने का कार्य करते रहेंगे। रविंद्र ने कहा कि मसूरी विधानसभा उनके लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र है और उनका लक्ष्य क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान करना है, ताकि पर्यटन नगरी का प्राकृतिक स्वरूप और पहचान सुरक्षित रह सके। इस मौके पर सुनील रतूडी, नरेन्द्र पडियार, डा.दीपक जोशी, अनिल गोदियाल, गंभीर पंवार, अरविंद गुसाई, अनिल पेटवाल, विजय रमोला मौजूद थे।

