Thursday 06/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
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राज्य

मसूरी में मानसून से पहले ही ‘दरकने’ लगे पहाड़, स्प्रिंग रोड पर हर बारिश के साथ गिर रहा मलबा


सड़क चौड़ीकरण के बाद पहाड़ों का नहीं हुआ ट्रीटमेंट, स्थानीय लोगों ने जताई बड़े हादसे की आशंका

पहाड़ों की रानी मसूरी में मानसून ने अभी पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन आपदा के संकेत दिखाई देने लगे हैं। मसूरी के स्प्रिंग रोड स्थित गुरु नानक स्कूल जाने वाले मार्ग पर हल्की बारिश के बाद ही पहाड़ों से पत्थर और मलबा सड़क पर गिरने लगा है। इससे स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और राहगीरों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद द्वारा कुछ समय पूर्व सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पहाड़ का बड़ा हिस्सा काटा गया था, लेकिन कटान के बाद ढलानों का वैज्ञानिक ट्रीटमेंट और सुरक्षा कार्य नहीं किए गए। नतीजतन बारिश शुरू होते ही पहाड़ दरकने लगे हैं और लगातार मलबा सड़क पर गिर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य यातायात सुविधा बढ़ाना था, लेकिन अधूरे कार्यों के कारण अब वही परियोजना लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही है। उनका कहना है कि कटे हुए पहाड़ों पर न तो रिटेनिंग वॉल बनाई गई, न जाल लगाए गए और न ही ढलानों को स्थिर करने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया।
गुरु नानक स्कूल जाने वाला यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में पहाड़ से गिरते पत्थर कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार छोटे-बड़े पत्थर सड़क पर गिर चुके हैं, लेकिन संबंधित विभागों ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अभी तो केवल शुरुआती बारिश हो रही है। यदि मानसून के दौरान लगातार और तेज बारिश हुई तो स्थिति और भयावह हो सकती है। लोगों ने आशंका जताई कि समय रहते पहाड़ियों का ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो सड़क बंद होने, भूस्खलन और जनहानि जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होगा, तब तक जिम्मेदार विभाग शायद जागेंगे नहीं।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, नगर पालिका और आपदा प्रबंधन विभाग से मांग की है कि मानसून के चरम पर पहुंचने से पहले संवेदनशील ढलानों का निरीक्षण कराया जाए। साथ ही रिटेनिंग वॉल, वायर मैश, शॉटक्रिट और अन्य सुरक्षा उपायों के जरिए पहाड़ों को सुरक्षित किया जाए ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अभी भी चेतावनी को नजरअंदाज किया गया तो आने वाले दिनों में स्प्रिंग रोड क्षेत्र मानसून की बड़ी आपदा का केंद्र बन सकता है। मसूरी में हर वर्ष भूस्खलन और पहाड़ी दरकने की घटनाएं सामने आती हैं, ऐसे में यह मामला प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।

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