Thursday 06/ 08/ 2026 

Bharat Najariya
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फिर दौड़ेगी ‘हिमालयन कार रैली’, उत्तराखंड के बर्फीले पहाड़ों से दुनिया को मिलेगा रोमांच का नया संदेश



उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वाकांक्षी कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुश्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों के बाद प्रदेश में एक बार फिर बहुप्रतीक्षित ‘हिमालयन कार रैली’ शुरू होने जा रही है। सरकार का मानना है कि यह रैली न केवल शीतकालीन पर्यटन को नई पहचान देगी, बल्कि पहाड़ों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग के अधिकारियों को रैली के आयोजन की तैयारियां तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य, बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखलाओं और दुर्गम मार्गों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देना जरूरी है।
शीतकालीन पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
अब तक उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियां मुख्य रूप से गर्मी और चारधाम यात्रा सीजन तक सीमित रहती हैं, लेकिन सरकार की कोशिश है कि सर्दियों के मौसम में भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़े। हिमालयन कार रैली इसी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। बर्फीले रास्तों, ऊंचे पहाड़ी दर्रों और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मार्गों पर आयोजित होने वाली यह रैली देश-विदेश के साहसिक खेल प्रेमियों को आकर्षित करेगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
सरकार का मानना है कि रैली के आयोजन से होटल, होमस्टे, टैक्सी, रेस्टोरेंट, स्थानीय हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से उन क्षेत्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जहां सर्दियों में पर्यटन गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहती हैं।
केएमवीएन और जीएमवीएन को मिली जिम्मेदारी
रैली के सफल संचालन की जिम्मेदारी कुमाउ मंडल विकास निगम, और गंढवाल मंडल विेकास निगम को सौंपी गई है। दोनों संस्थाएं रूट चयन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रतिभागियों के ठहराव और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं।
वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा उत्तराखंड
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयन कार रैली केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की ब्रांडिंग का बड़ा माध्यम बन सकती है। रैली के माध्यम से राज्य के दूरस्थ और प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी।
‘विंटर टूरिज्म हब’ बनने की ओर उत्तराखंड
मुख्यमंत्री धामी की पहल को उत्तराखंड को ‘विंटर टूरिज्म हब’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि हिमालयन कार रैली सफलतापूर्वक आयोजित होती है, तो यह राज्य के पर्यटन उद्योग में नई ऊर्जा का संचार करेगी और उत्तराखंड को रोमांचक पर्यटन गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

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