Thursday 24/ 09/ 2026 

Bharat Najariya
महिला सशक्तिकरण और रोजगार के लिए रीड इंडिया की पहल,रुद्रपुर में शुरू हुआ नया प्रशिक्षण केंद्र।मुखर्जीनगर में 400 श्रमिकों को विधायक शिव अरोरा ने बाटी लेबर किट, विधायक बोले—हर पात्र श्रमिक तक पहुंच रहा है सरकार की योजना का लाभ1200 नशीले कैप्सूल के साथ एक तस्कर गिरफ्तार, 462 ग्राम मनःप्रभावी औषधि बरामदकिच्छा। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ रुद्रपुर और कोतवाली किच्छा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक व्यक्ति को 1200 SPASMED BLUE कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद कैप्सूल का कुल वजन करीब 462 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार बरामद मात्रा वाणिज्यिक श्रेणी में आती है।पुलिस के मुताबिक 23 सितंबर को क्षेत्राधिकारी एएनटीएफ प्रशांत कुमार के पर्यवेक्षण में एएनटीएफ रुद्रपुर और किच्छा पुलिस की टीम दरऊ चौकी क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान वीरूनगला जाने वाले रास्ते पर मोटरसाइकिल सवार एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से 1200 SPASMED BLUE कैप्सूल बरामद हुए।पुलिस ने आरोपी की पहचान 40 वर्षीय छोटे खां पुत्र शोहराब खान, निवासी ईश्वरीपुर, थाना शीशगढ़, जिला बरेली के रूप में की है। उसके पास से कैप्सूल के अलावा एक पैशन मोटरसाइकिल, 650 रुपये नकद और एक वीवो मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली किच्छा में धारा 8/22/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।क्लिनिक की आड़ में नशीले कैप्सूल बेचने का आरोपपुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कैप्सूल किच्छा निवासी अनीस अहमद से प्राप्त करता था और नशे के आदी युवकों को बेचता था। पूछताछ में टांडा बहेड़ी क्षेत्र में क्लिनिक की आड़ में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूलों के कारोबार की जानकारी भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई। पुलिस का कहना है कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।नियमितीकरण और नियुक्ति की मांग को लेकर सफाई कर्मचारी पुनःधरने परमुख्यमंत्री ने हल्दी घेरा खटीमा में 722.76 लाख की लागत से नवनिर्मित गौशाला का लोकार्पण एवं 10884.28 लाख की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया।कपड़ों के गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों रुपये के नुकसान की आशंकाहल्द्वानी। भोलेनाथ गार्डन में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मकान की दूसरी मंजिल पर बने कपड़ों के गोदाम से अचानक धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखा कपड़ों का सामान धू-धूकर जलने लगा। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जुट गई।सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गोदाम गली के भीतर होने के कारण दमकल कर्मियों को आग तक पहुंचने और राहत-बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल की दो गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। फायर कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) गौरव किरार भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग से गोदाम में रखा कपड़ों का काफी सामान जलकर राख हो गया। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। फिलहाल लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है। आग की घटना के चलते आसपास के क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।सितारगंज महिला ग्राम प्रधान पर आरोपों को लेकर प्रधान संघ का विरोधउत्तराखंड युवा कांग्रेस का तीन दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण शिविर आयोजित, वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को दिए दिशा निर्देश​रामनगर।उत्तराखंड युवा कांग्रेस द्वारा तीन दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक एवं प्रदेश प्रभारी सुरभि द्विवेदी द्वारा संयुक्त रूप से की गई। शिविर में राज्य भर से युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।​कार्यकर्ताओं को वैचारिक, रणनीतिक और संगठनात्मक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में दिल्ली से आई तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किया।​शिविर के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की और युवा पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया।​प्रदेश कांग्रेस के उपनेता भुवन कापड़ी और विधायक काजी निजामुद्दीन ने युवाओं को जन-मुद्दों पर संघर्ष करने और जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत करने का आह्वान किया।​प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और गुरदीप सप्पल ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए और संगठन की भावी रणनीति साझा की।​प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक और प्रदेश प्रभारी सुरभि द्विवेदी ने कहा कि तीन दिनों के इस गहन प्रशिक्षण से पदाधिकारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। शिविर से प्राप्त सीख के आधार पर युवा कांग्रेस पूरे प्रदेश में जनता के अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूती से लड़ेगी।इस दौरान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिवसुमित लोहनी,प्रदेश महासचिव चांद खान, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव अब्दुल रहमान, युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट फैजुल हक,विकाश कुमार आर्य,अमरजोत, नितिन शाह, अभय कत्यूरा,सचिन चौधरी,जुगल कंबोज,अर्णव कंबोज,गौरव सागर,उदित थपलियाल आदि मौजूद रहें।रामनगर में अवैध लीसा तस्करी का भंडाफोड़, कैंटर से 9 लांख के करीब के 390 कनस्तर लीसा बरामद; एक आरोपी गिरफ्ताररामनगर के पीरूमदारा स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं को लेकर विधि प्रकोष्ठ, युवा कांग्रेस ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ब्लॉक इंचार्ज से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापन
राज्य

रक्तदाता देवदूत से कम नहीं – रितु डोभाल

डॉ. अनिल वर्मा को डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर रक्तदान क्रांतिवीर अवार्ड से नवाज़ा* रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, कौशल विकास, आजीविका एवं पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से समाज कल्याण में अग्रणी संस्था "वीरा फाउंडेशन" द्वारा विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष में रक्त संचरण के जनक डॉ. कार्लस्टीनर की स्मृति में शिमला बाईपास स्थित कार्यालय में एक रक्तदान जागरूकता संगोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा, रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा कार्लस्टीनर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सन 1900 -1901 में उन्होंने आधुनिक चिकित्सा की महानतम खोजों में से एक रक्त संचरण में "ए बी ओ" ब्लड ग्रुपों का अविष्कार करके क्रांति कर दी थी। इसके कुछ समय बाद ही उनके सहयोगियों ने "ए बी" ब्लड ग्रुप की। सन 1940 में डॉ. लैंडस्टीनर एवं डॉ. अलेक्जेन्डर वीनर ने मिलकर "आरएच फैक्टर" की खोज करके महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान और रक्ताधान में होने वाली जटिलताओं को रोकने में मदद की। चिकित्सा जगत में इस अति विशिष्ट उपलब्धि जिसके फलस्वरूप रक्तदाता विश्व भर में प्रतिदिन अनगिनत लोगों की जान बचा रहे थे, इसे दृष्टिगत रखते हुए डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर को सन 1930 में रक्त को ही ट्रान्सफ्यूजन मेडिसिन के रूप में खोजने के लिए विश्व के सर्वोच्च पुरस्कार " नोबेल पुरस्कार" से नवाज़ा गया। विश्व भर में आज करोड़ों लोग इस रक्त औषधि के कारण जिन्दा हैं, बल्कि प्रतिदिन लाखों लोगों की जान बचाई जाती है। अतः हमें ना केवल स्वेच्छापूर्वक स्वयं रक्तदान करना चाहिए बल्कि अपने परिवार और मित्रों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। मैंने स्वयं अब तक 155 से अधिक बार रक्तदान किया है बल्कि सौ से अधिक रक्तदान शिविर, दस हज़ार से ज्यादा रक्तदान तथा एक लाख से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर रक्तदान हेतु प्रेरित किया है। इसके अतिरिक्त विगत 55 वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर लगातार विभिन्न स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों तथा संस्थाओं में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट -गाइड, रेडक्रॉस तथा एफबीडीओ आई के माध्यम से एनीमिया, थैलासेमिया रक्तदान जागरूकता अभियान चला रहे हैं। डॉ. वर्मा ने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य है कि कोई भी मरीज रक्त के अभाव में ना मरे और कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान किये बिना ना मरे। इतना ही नहीं उन्होंने अपना और धर्मपत्नी का दधीचि देहदान समिति में नेत्रदान, अंगदान तथा सम्पूर्ण देहदान संकल्प का रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। इसमें मृत्यु के उपरांत नेत्रदान श्री महंत इन्द्रेश हॉस्पिटल के लिए तथा सम्पूर्ण शरीर का दान राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून के लिए किया गया है। इससे पूर्व यूथ रेडक्रॉस सोसाइटी के रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा को 155 बार रक्तदान करने तथा नेत्रदान सहित सम्पूर्ण देहदान संकल्प के लिए "डॉ कार्ल लैंडस्टीनर रक्तदान क्रांतिवीर अवार्ड" प्रदान करके सम्मानित किया। वीरा फाउंडेशन की सीईओ रितु डोभाल ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। किसी भी अस्पताल में रक्त की कमी के कारण बहुत से मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है।अन्य दवाइयों के तो अक्सर अनेक विकल्प मौजूद होते हैं परन्तु रक्त का कोई विकल्प अभी तक नहीं है। जब मरीज की उम्मीदें केवल और केवल किसी रक्तदानी का रक्त मिलने पर ही टिकी हों तो रक्तदानी उसके लिए देवदूत से कम नहीं होता।अतः हमें दूसरों के दुःख को समझना चाहिए और इस पूजा समान रक्तदान को अपनाना चाहिए। फाउंडेशन के चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफिसर विनोद डोभाल डोभाल ने बताया कि उनकी संस्था रक्तदान को समाज सेवा का सर्वोत्तम माध्यम मानती है। एक व्यक्ति का रक्त कम्पोनेंट थेरेपी के कारण 3-4 लोगों की जान बचा सकता है। हम लगातार छोटे - छोटे रक्तदान शिविर आयोजित करते रहते हैं ताकि ब्लड बैंकों को रक्त की आपूर्ति होती रहे। अब तक हम 35 शिविर लगा चुके हैं। संस्था के सह-संस्थापक यशवीर सिंह राणा ने कहा कि रक्तदान को सही अर्थो में परोपकार का पर्याय कहना चाहिये। निःस्वार्थ भाव से परमार्थ के कारण अपने शरीर का रक्त किसी अनजान व्यक्ति को देकर उसका जीवन बचाना महापुण्य का कार्य है। संगोष्ठी में संस्था की पर्यावरण विभाग अधिकारी प्रेरणा प्रजापति, वित्त विभाग प्रभारी अदिति डंग तथा प्रशिक्षु पर्यावरण विभाग आर्यन सिंह मिंगवाल आदि ने रक्तदान के प्रति युवाओं को और अधिक प्रेरित करने हेतु अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का संचालन ऋचा उनियाल र्तथा धन्यवाद ज्ञापन निरंजन कौर ने किया।

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