Tuesday 18/ 08/ 2026 

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टीएमयू में जुटेंगे आईसीएआरके सीनियर्स वैज्ञानिक,आधुनिकखेती पर घंटों होगा महामंथन

मुरादाबाद मंडल के धरतीपुत्रों के संग सीधा संवाद करेंगे इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टिट्यूट- आईसीएआर दिल्ली के कृषि वैज्ञानिक और शिक्षाविद्

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज में 15 जुलाई को मंडलीय किसान गोष्ठी एवम् कृषक-वैज्ञानिक संवाद में इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टिट्यूट- आईसीएआर दिल्ली के एग्रोनॉमी के हेड डॉ. संजय सिंह राठौर, सीनियर साइंटिस्ट डॉ. ऋषिराज, साइंटिस्ट डॉ. प्रवीन कुमार उपाध्याय धरतीपुत्रों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत एवम् क्षेत्रानुकूल बीजों, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक प्रयोग, जल प्रबंधन, फसल सुरक्षा और बदलती जलवायु के अनुसार कृषि प्रबंधन के टिप्स देंगे। गोष्ठी में टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन के संग-संग मुरादाबाद के डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर डॉ. ऋषि कांत सिंह आदि की भी उल्लेखनीय मौजूदगी रहेगी। आईसीएआर के वैज्ञानिक किसानों को अनुसंधान आधारित नवीन तकनीकों के अलावा जलवायु अनुकूल खेती, सूखा, अत्यधिक वर्षा से फसलों की सुरक्षा, नवीन कृषि पद्धतियों, जैविक संसाधनों के संतुलित उपयोग, फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के उपायों पर भी जानकारी देंगे।

कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डीन डॉ. प्रवीन कुमार जैन ने यह जानकारी देते हुए बताया, गोष्ठी में परम्परागत खेती के साथ-साथ संरक्षित खेती, सब्जी उत्पादन, बागवानी, मधुमक्खी पालन, कृषि विविधीकरण और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। विशेषज्ञ किसानों को समझाएंगे कि केवल कच्ची कृषि उपज बेचने के बजाए उसकी ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और बेहतर विपणन के माध्यम से अतिरिक्त आय कैसे अर्जित की जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई, यूनिवर्सिटी का प्रयास कृषि शिक्षा को केवल कक्षाओं और प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखते हुए किसानों के खेतों और ग्रामीण समुदायों से जोड़ना है। किसान गोष्ठी के जरिए एग्रीकल्चर कॉलेज के स्टुडेंट्स भी किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और अनुभवी कृषि वैज्ञानिकों- अधिकारियों से सीखने का अवसर प्राप्त होगा।

किसान गोष्ठी के समन्वयक एवम् आनुवांशिकी एवम् पादप प्रजनन विभाग के हेड डॉ. अनिल कुमार चौधरी ने बताया, संगोष्ठी में किसान अपनी फसलों से जुड़ी समस्याएं सीधे विशेषज्ञों के सामने रख सकेंगे। फसलों में लगने वाले रोगों और कीटों, बीजों की गुणवत्ता, सिंचाई, मृदा परीक्षण, उर्वरकों की उचित मात्रा, खरपतवार नियंत्रण तथा कृषि उपज के विपणन से जुड़े प्रश्नों पर वैज्ञानिक व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करेंगे। कृषि अधिकारियों की ओर से किसानों को केन्द्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न कृषि कल्याण योजनाओं, अनुदान सुविधाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि यंत्रीकरण, फसल बीमा, किसान उत्पादक संगठन और विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी। किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया, पात्रता और दस्तावेजों के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। गोष्ठी में कृषि विज्ञान केन्द्र, मुरादाबाद के डॉ. मनोज कुमार, डॉ. विश्वेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहेंगे।

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