ग्राम समितियों के गठन से मजबूत होगा एकल अभियान-स्वाभिमान पर्व की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। एकल अभियान को गांव-गांव तक मजबूत आधार देने तथा अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से पौड़ी अंचल की एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठनात्मक विस्तार,ग्राम एवं संच समितियों के गठन,कार्यकर्ताओं की सक्रियता,जनसंपर्क अभियान तथा आगामी रक्षाबंधन पर्व को व्यापक स्तर पर मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए एकल अभियान गढ़वाल मंडल (भाग) के अध्यक्ष कालिका प्रसाद सेमवाल ने कहा कि अभियान को धरातल पर मजबूत करने के लिए प्रत्येक गांव में ग्राम समिति का गठन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी आचार्यों से अपने-अपने गांवों में एकल ग्राम समितियों का गठन शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। साथ ही सभी संच प्रमुखों को अपने-अपने संच में संच समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समितियों के माध्यम से एकल अभियान की मूलभूत भावना और स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य गांव-गांव तक पहुंचेगा तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को अभियान से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। संगठन की मजबूती केवल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की संख्या से नहीं,बल्कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच और सक्रिय सहभागिता से सुनिश्चित होगी। सेमवाल ने बताया कि उन्हें पौड़ी अंचल का प्रभारी भी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि पौड़ी अंचल में जल्द से जल्द अंचल समिति का गठन कर संगठनात्मक गतिविधियों को और गति दी जाए। इस दिशा में पौड़ी अंचल की पालक भावना उपाध्याय,अभियान प्रमुख मुस्कान नेगी तथा कार्यालय प्रमुख कोमल व्यापक स्तर पर जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पौड़ी अंचल में एकल अभियान का विस्तार अभी नया है,लेकिन जिस निष्ठा,समर्पण और जिम्मेदारी के साथ विभिन्न स्तरों के कार्यकर्ता अपनी भूमिका निभा रहे हैं, वह निश्चित रूप से अभियान को मजबूत आधार प्रदान करेगा। उन्होंने प्रभाग एवं संभाग स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करने के साथ ही रक्षाबंधन पर्व को धूमधाम और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाने का भी आह्वान किया। बैठक में संभाग महिला प्रभारी दया पाण्डेय ने संगठनात्मक कार्यों में नियमितता और संवाद को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रत्येक आचार्य प्रतिदिन गूगल फॉर्म भरना सुनिश्चित करें। उन्होंने अंचल स्तर के कार्यकर्ताओं से प्रतिदिन कम से कम दस आचार्यों से फोन पर संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने और उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करने को कहा। दया पाण्डेय ने कहा कि कार्यकर्ताओं का क्षेत्रीय प्रवास भी केवल औपचारिक न होकर प्रभावी होना चाहिए। जब भी कार्यकर्ता प्रवास पर जाएं तो कम से कम 24 घंटे का प्रवास अवश्य करें,ताकि ग्रामीणों,आचार्यों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ पर्याप्त संवाद स्थापित हो सके और संगठन की वास्तविक स्थिति को समझते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बैठक में पौड़ी अंचल की अभियान प्रमुख मुस्कान नेगी ने अंचल की वर्तमान संगठनात्मक स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पौड़ी अंचल में कुल छह संच हैं। इनमें से तीन संचों में संच प्रमुख कार्यरत हैं,जबकि जिन तीन संचों में अभी संच प्रमुखों की नियुक्ति नहीं हुई है,वहां अंचल स्तर के कार्यकर्ता जिम्मेदारी संभालते हुए अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के विस्तार के साथ-साथ नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने,ग्राम स्तर पर समितियों के गठन और नियमित जनसंपर्क पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले समय में इन गतिविधियों को और व्यापक रूप दिया जाएगा,जिससे पौड़ी अंचल में एकल अभियान की मजबूत संगठनात्मक संरचना तैयार हो सके। बैठक में कार्यालय प्रमुख कोमल,अंचल अभियान प्रशिक्षक कीर्ति,रविन,प्रेमा,सरोजनी सहित अन्य कार्यकर्ता ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। पदाधिकारियों ने संगठन को गांव की मूल इकाई से मजबूत करने,कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और अभियान की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया। बैठक का मूल संदेश यही रहा कि गांव मजबूत होगा तो संगठन मजबूत होगा और संगठन मजबूत होगा तो एकल अभियान की सेवा,शिक्षा,संस्कार एवं स्वाभिमान की भावना समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगी।
