नौ साल का इंतजार खत्म,श्रीनगर की सड़कों पर फिर दौड़ी सिटी बस-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर दर्शन सिटी बस को दिखाई हरी झंडी

 

 

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि सांस्कृतिक,धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी श्रीनगर में जनसुविधाओं के विस्तार और महिला सशक्तीकरण की दिशा में शनिवार का दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों के नाम रहा। शहरवासियों के लंबे इंतजार को समाप्त करते हुए करीब नौ साल बाद श्रीनगर की सड़कों पर एक बार फिर सिटी बस सेवा शुरू हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 30 सीटर सिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रीनगर दर्शन नाम से शुरू हुई इस सेवा को महापौर आरती भण्डारी के उस संकल्प की महत्वपूर्ण परिणति माना जा रहा है,जिसमें उन्होंने महापौर बनने के बाद शहरवासियों को सस्ती और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का वादा किया था। इस अवसर पर महिला सशक्तीकरण को प्रोत्साहन देने के साथ स्वच्छता कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पर्यावरण मित्र महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। महापौर का वादा धरातल पर श्रीनगर में सिटी बस सेवा की पुनः शुरुआत केवल एक परिवहन सुविधा की बहाली नहीं,बल्कि शहर की लंबे समय से महसूस की जा रही जरूरत को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वर्ष 2017 तक शहर में सिटी बस का संचालन होता था,लेकिन इसके बंद होने के बाद विद्यार्थियों,नौकरीपेशा लोगों,व्यापारियों,बुजुर्गों और आम नागरिकों को आवागमन के लिए निजी वाहनों एवं अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा था। महापौर आरती भण्डारी ने नगर निगम की जिम्मेदारी संभालने के बाद शहरवासियों से सिटी बस सेवा दोबारा शुरू कराने का वादा किया था। इस दिशा में उन्होंने लगातार प्रयास किए और जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस.भदौरिया को प्रस्ताव भेजकर अनटाइड फंड से बस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसी क्रम में लगभग 22 लाख 48 हजार 514 रुपये की लागत से 30 सीटर बस उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बस को हरी झंडी दिखाने के साथ ही उसकी चाबी महापौर आरती भंडारी को सौंपी। महापौर ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत और जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया का आभार व्यक्त किया। श्रीनगर दर्शन नाम से संचालित होने वाली सिटी बस धारी देवी से कलियासौड़ होते हुए कीर्तिनगर पुल तक यात्रियों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराएगी। प्रारंभिक चरण में बस प्रतिदिन न्यूनतम पांच चक्कर लगाएगी। सर्दियों में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक तथा गर्मियों में सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक इसका संचालन प्रस्तावित है। यात्रियों की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर बस स्टॉप भी बनाए जाएंगे। न्यूनतम किराया निर्धारित किए जाने से विशेष रूप से छात्र-छात्राओं,कामकाजी महिलाओं,नौकरीपेशा लोगों,व्यापारियों और दैनिक आवागमन करने वाले नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। बस सेवा शुरू होने के अवसर पर नगर निगम के पार्षदों ने भी इसमें सफर किया। महापौर आरती भंडारी ने शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की परिवहन जरूरतों को देखते हुए एक और सिटी बस उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण को भी विशेष महत्व दिया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सशक्त बहना,सशक्त उत्तराखंड कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 2 लाख 1 हजार 530 रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने,उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों को मजबूत करना है। स्वयं सहायता समूह आज ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित कर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। ऐसे में प्रोत्साहन राशि महिलाओं के आत्मविश्वास और उद्यमशीलता को नई ऊर्जा देने वाली पहल है। नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में दिन-रात योगदान देने वाली 51 पर्यावरण मित्र महिलाओं को मुख्यमंत्री ने हेल्थ एवं हाइजीन किट वितरित की। यह पहल स्वच्छता कार्यों में जुटी महिला कार्मिकों के स्वास्थ्य,व्यक्तिगत स्वच्छता और कार्यस्थल पर उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में पर्यावरण मित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना भी नगर विकास का अहम हिस्सा है। हेल्थ एवं हाइजीन किट का वितरण इसी दिशा में एक सराहनीय कदम रहा। श्रीनगर में नौ साल बाद सिटी बस सेवा की वापसी और महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण से जुड़ी पहल ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। एक ओर सार्वजनिक परिवहन सुविधा शुरू होने से आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है,वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और पर्यावरण मित्र महिलाओं को प्रोत्साहन देकर उनके योगदान को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत,कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज,कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी,जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया,महापौर आरती भण्डारी,मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी,उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा सहित नगर निगम के पार्षद,जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। श्रीनगर में सिटी बस सेवा का पुनः संचालन महापौर आरती भण्डारी के जनसरोकारों से जुड़े प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बनकर सामने आया है। नौ वर्षों से प्रतीक्षित सुविधा की वापसी से शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण मित्र महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर उठाए गए कदमों ने यह संदेश दिया कि विकास का वास्तविक अर्थ केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं,बल्कि आम नागरिकों की सुविधाओं,महिलाओं की आत्मनिर्भरता और समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान से भी जुड़ा है।