चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र बनकर शुक्रवार को तैयार हो जाएगा। इसके बाद अधिकारी ऑफलाइन पंजीकरण कर ट्रायल लेंगे। ट्रायल सफल होने पर 27 अप्रैल के बाद यात्रियों के भी पंजीकरण शुरू किए जा सकते हैं।
उत्तराखंड में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा में सबसे पहले 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुल जाएंगे। दोे मई को बाबा केदारनाथ और चार मई को बदरीनाथ मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यात्रा के लिए धर्मनगरी में 26 की शाम से अप्रैल से यात्रियों के पहुंचने की संभावनाएं हैं।
कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने जिला प्रशासन को 25 अप्रैल तक ऋषिकुल मैदान पर चारधाम यात्रा के लिए देवभूमि आने वाले यात्रियों के पंजीकरण करने के लिए काउंटर लगाए जाने के निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन पंजीकरण काउंटर बनाने में जुटा हुआ है। इसमें तंबू, पेयजल, पूछताछ केंद्र, शौचालय और प्रकाश की व्यवस्था की जा रही है। बताया जा रहा है कि ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र बनाने के लिए अधिकांश कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। काउंटर लगाने के लिए पंडाल तैयार कर लिया गया है। यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियां भी रखनी शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों की ओर से पंजीकरण के लिए जल्द ट्रायल किया जाएगा। ऑफलाइन पंजीकरण कर ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल सफल होने के बाद 27 अप्रैल के बाद यात्रियों के कभी भी पंजीकरण शुरू किए जा सकते हैं।
जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह का कहना है कि ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र में यात्रियों को सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि पंजीकरण कराने के लिए आने वाले यात्रियों को पेरशानियों का सामना नहीं करना पड़े। यात्रियों के पंजीकरण कर उन्हें चारधाम यात्रा के लिए समय पर धर्मनगरी से रवाना किया जाएगा।
