Saturday 14/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
पंतनगर। प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी के पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचने पर किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने उनका स्वागत किया और किच्छा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित विकास योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति देने पर धन्यवाद पत्र सौंपकर आभार व्यक्त किया।इस दौरान पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि 13 अक्टूबर को किच्छा में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किच्छा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं, जिन पर अब वित्तीय स्वीकृति मिलना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि किच्छा नगला मार्ग से अटरिया रोड होते हुए रुद्रपुर तक 8.5 किलोमीटर शेष भाग के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को 22 करोड़ रुपये, किच्छा-रुद्रपुर एनएच-74 से मलसा-कुरैया मार्ग के निर्माण के लिए 19 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।इसके अलावा पंतनगर विश्वविद्यालय के अंबेडकर पार्क में भारत रत्न B. R. अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने एवं पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए केएमवीएन को 45.88 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं किच्छा के पुराने टैक्सी स्टैंड पर भारत-पाकिस्तान विभाजन विभीषिका के सेनानियों की स्मृति में स्मारक निर्माण के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग को 51.51 लाख रुपये तथा किच्छा के बंडीया नमक फैक्ट्री पुल निर्माण के प्रथम चरण के लिए 8.58 लाख रुपये की धनराशि लोक निर्माण विभाग को जारी की गई है।पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि इन सभी योजनाओं के धरातल पर उतरने से किच्छा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और यह योजनाएं क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किच्छा क्षेत्र से विशेष लगाव है और उनके नेतृत्व में किच्छा लगातार विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।पूर्व विधायक ने कहा कि इन महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए किच्छा क्षेत्र की जनता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हृदय से आभार व्यक्त करती है।कानूनी जागरूकता से सशक्त होगा समाज-बछेली में विधिक जागरूकता शिविर,छात्रों को बताए अधिकार और कानूनगढ़वाल विश्वविद्यालय में 17 से 20 मार्च तक रंगारंग सांस्कृतिक व शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का महाकुंभडीएम के निर्देश पर जिलेभर में छापेमारी,दो मामलों में 9200 रुपये का अर्थदंडघरेलू गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त-जमाखोरों के खिलाफ होगी कार्रवाई–मंजू राजपूतयोग केवल व्यायाम नहीं,बल्कि वसुधैव कुटुंबकम् को चरितार्थ करने वाला सार्वभौमिक विज्ञान–मुख्यमंत्रीरूद्रपुर में हाईवे चौड़ीकरण के दूसरे चरण की कवायद शुरूनैनीताल बार में वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान 50 वर्ष की वकालत पूरी करने पर न्यायमूर्ति आलोक मेहरा ने किया अभिनंदनसितारगंज गैस सिलेंडर को लेकर अफवाह में ना पड़ेगैस लेने में किसी को कोई दिक्कत नहीं हो रहीरुद्रपुर। शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को लेकर परेशान उपभोक्ताओं के बीच उस समय राहत की उम्मीद जगी जब रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल स्वयं गैस एजेंसी पहुंच गए। पिछले कुछ दिनों से गैस उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग न होने और समय पर सिलेंडर उपलब्ध न होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग एजेंसी पर पहुंचकर अपनी नाराज़गी जता रहे थे।स्थिति की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद उपभोक्ताओं से उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग बार-बार फेल हो रही है, वहीं जिन लोगों की बुकिंग हो भी रही है उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से आम परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इसके बाद पूर्व विधायक ने गैस एजेंसी के प्रबंधक से बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी ली और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने एजेंसी प्रबंधन से व्यवस्था में सुधार करते हुए जल्द से जल्द गैस आपूर्ति सामान्य करने तथा बुकिंग की तकनीकी समस्या को तत्काल ठीक कराने के लिए कहा, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।इस दौरान एजेंसी पर मौजूद कुछ लोग समस्या को लेकर काफी आक्रोशित भी दिखाई दिए। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने लोगों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या का समाधान जल्द कराया जाएगा। उनकी समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ और लोगों ने भी अपनी शिकायतें व्यवस्थित तरीके से दर्ज कराईं।पूर्व विधायक ने कहा कि गैस जैसी जरूरी सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता को समय पर गैस सिलेंडर मिलना चाहिए और यदि कहीं भी लापरवाही या अव्यवस्था सामने आती है तो उसे तुरंत ठीक कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की समस्या उनके लिए सर्वोपरि है और वह हमेशा लोगों की आवाज बनकर उनके साथ खड़े रहेंगे।

भारत में कैटरैक्ट दो तिहाई ब्लाइंडनेस मामलों का कारण, मिथकों के चलते लोग टालते हैं सर्जरी

जून 2025: भारत में कैटरैक्ट बुजुर्गों में रोके जा सकने वाले ब्लाइंडनेस का एक प्रमुख कारण बना हुआ है। जून माह में मनाए जा रहे कैटरैक्ट जागरूकता माह के अवसर पर सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने समय पर कैटरैक्ट का निदान और इलाज करवाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि इस रोके जा सकने वाले ब्लाइंडनेस से बचा जा सके।

कैटरैक्ट एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंख का प्राकृतिक लेंस धुंधला हो जाता है, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है और पढ़ने, गाड़ी चलाने या चेहरों को पहचानने में कठिनाई होती है। यदि समय पर इलाज न हो तो यह पूरी तरह ब्लाइंडनेस का कारण बन सकता है। आमतौर पर यह उम्र बढ़ने के साथ जुड़ा होता है लेकिन यह मधुमेह, आंख में चोट, स्टेरॉयड का लंबे समय तक उपयोग या अत्यधिक यूवी किरणों के संपर्क में आने से भी हो सकता है। दुर्भाग्य से भारत में कई लोग कैटरैक्ट का इलाज मिथकों और जागरूकता की कमी के कारण देर से कराते हैं।

कैटरैक्ट से जुड़े भ्रमों को दूर करते हुए सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. महिपाल सिंह सचदेव ने कहा, “कैटरैक्ट भारत में ब्लाइंडनेस का प्रमुख कारण है और यह 66% से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार है। इसके बावजूद कई लोग मिथकों और अनावश्यक डर की वजह से सर्जरी कराने में देरी करते हैं। यह ज़रूरी है कि लोग तथ्यों को जानें और सही समय पर निर्णय लें। एक आम भ्रम यह है कि कैटरैक्ट केवल बुजुर्गों को होता है, जबकि यह मधुमेह, स्टेरॉयड के उपयोग, यूवी किरणों के संपर्क, चोट और यहां तक कि बच्चों में भी हो सकता है। दूसरा भ्रम यह है कि कैटरैक्ट आंखों की दवा, खानपान या व्यायाम से ठीक हो सकता है, जबकि वैज्ञानिक साक्ष्य बताते हैं कि इसका एकमात्र प्रभावी इलाज सर्जरी है।”

डॉ. महिपाल ने यह भी कहा कि “दृष्टि के अत्यधिक बिगड़ने तक सर्जरी का इंतजार करना गलत है। जल्दी सर्जरी कराने से बेहतर नतीजे और जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलती है। आज की आधुनिक तकनीक से कैटरैक्ट की सर्जरी बेहद सुरक्षित है, यह स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत होती है और दर्द रहित होने के साथ ही तेजी से ठीक होती है। आजकल की उन्नत इंट्राओक्युलर लेंस (IOL) तकनीक, जैसे एक्सटेंडेड डेप्थ-ऑफ-फोकस (EDOF) लेंस, दूर और पास दोनों की दृष्टि में सुधार करती है और चश्मे पर निर्भरता को काफी हद तक कम कर देती है।“

सेंटर फॉर साइट ने अत्याधुनिक फेमटो लेजर-असिस्टेड कैटरैक्ट सर्जरी (FLACS) शुरू की है, जो ब्लेडलेस, कंप्यूटर-गाइडेड सर्जरी है और असाधारण सटीकता प्रदान करती है। इससे सर्जरी में हाथ से किए जाने वाले काम को कम किया जाता है, इलाज के बाद जल्दी आराम मिलता है और परिणाम और बेहतर होते हैं। साथ ही, मल्टीफोकल, टोरिक और एक्सटेंडेड डेप्थ-ऑफ-फोकस जैसे नवीनतम प्रीमियम लेंस लगाए जाते हैं जिससे मरीजों को चश्मे की जरूरत नहीं पड़ती।

सेंटर फॉर साइट अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों जैसे ऑप्टिकल बायोमेट्री और इमेज-गाइडेड सिस्टम का उपयोग करता है ताकि हर मरीज की आंख की प्रोफाइल के अनुसार व्यक्तिगत इलाज योजना बनाई जा सके और बेहतरीन देखभाल दी जा सके।
उन्नत उपचार के अलावा, यह अस्पताल समूह सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों, मुफ्त नेत्र जांच शिविरों और एनजीओ के साथ मिलकर ग्रामीण व पिछड़े इलाकों में जरूरतमंद लोगों तक सेवाएं पहुंचा रहा है। हजारों मरीजों, विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के बुजुर्गों को समय पर जांच और किफायती अथवा मुफ्त सर्जरी का लाभ मिला है।

कैटरैक्ट मुक्त भारत के अपने दृष्टिकोण के साथ, सेंटर फॉर साइट चिकित्सा उत्कृष्टता और सामुदायिक सेवा के बीच की दूरी को भर रहा है। करुणामयी सेवा, नवाचार और जन-जागरूकता के मिश्रण से यह समूह देशभर में लाखों लोगों की दृष्टि लौटाने और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में लगातार योगदान दे रहा है।