Saturday 27/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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उत्तराखण्ड

जल्द ही पुनः दुनियां देखेंगी माता जी की आंखें, किया नेत्रदान महादान।

ब्रह्मलीन श्रीमति आशा अरोरा जी की आँखें करेंगी किन्हीं दो लोगो के जीवन मे उजाला, देश दुनिया को दिया महादान का संदेश।
वसुधैब कुटुम्बकम् के माध्यम से समाजिक जागरूकता से संपन्न हुआ क्षेत्र में 23 वा नेत्रदान ।
दिनांक 8 अक्टूबर को श्रीमति आशा अरोरा जी के देहावसान के पश्चात उनके पति श्री योगराज अरोरा जी, पुत्र शेखर अरोरा जी, सचिन अरोरा जी एवम पवन अरोरा जी ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। श्रीमति आशा अरोरा जी के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों के नेत्र प्रकाशित होंगे और उनके प्रिय जन उनकी स्मृति को अमरत्व प्रदान करेंगे। शिव नगर निवासी श्रीमति आशा अरोरा जी स्वयं समाज सेवा व धार्मिक कार्यों में संलग्न रहीं एवम यह सराहनीय कार्य भी उनके जीवन प्रवृत्ति के अनुरूप है।
वसुधैव कुटुम्बकम के दायित्वधारियों की देखरेख में रुद्रपुर से आई टीम ने कागजी औपचारिकता पूरी कर ब्राह्मलीन श्रीमति आशा अरोरा जी के शरीर से दान की गई आंखे (कॉर्निया) प्राप्त कीं।
वसुधैव कुटुम्बकम् के सचिव प्रियांशु बंसल जी ने बताया कि वसुधैब कुटुम्बकम् क्षेत्र के लोगो में नेत्रदान हेतु जागृति लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग मानते हैं कि नेत्रदान के दौरान उनकी पूरी आंख निकाल दी जाती है, जिससे आंख का सॉकेट खाली रहता है, जो सच नहीं है। आमतौर पर केवल कॉर्निया जो आंख की सबसे बाहरी परत होती है, आसानी से निकाली जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि नेत्रदान के लिए जीवित रहते हुए नेत्रदान की कोई घोषणा न करने पर भी किसी के गोलोक गमन के उपरांत भी परिवार जनों की सहमति होने पर भी नेत्रदान हो सकता है व नेत्रदान करने से किसी प्रकार का देह भंग नही होता। भारत में कॉर्नियल अंधेपन से पीड़ित लोगों की संख्या करीब 1.2 मिलियन है, जो अंधेपन का दूसरा सबसे आम कारण है। हर साल करीब 20,000 से 25,000 नए मामले भी सामने आते हैं, नेत्रदान करने से ऐसे लोगो को रोशनी मिल सकती है। उन्होंने ये भी बताया कि नेत्रदान करवाने के लिए वसुधैब कुटुम्बकम् के नेत्रदान सहायता हेतु (24×7)
98370 80678 या 9548799947 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है।
संस्था के संरक्षक योगेश जिंदल जी, अध्यक्ष विकास जैन जी व संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी, आशीष गुप्ता जी, दीपक मित्तल जी, अनुज सिंघल जी, अंकुर मित्तल जी, प्रियांशु बंसल जी, सीए सचिन अग्रवाल जी, सौरभ अग्रवाल जी ने वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर के अनुरोध पर सम्पन्न कराये इस महान कार्य के प्रति नेत्रदानी परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना की तथा क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान कराने में सहयोग का आवाहन किया।
ब्रह्मलीन श्रीमति आशा अरोरा जी के नेत्रदान में वसुधैब कुटुम्बकम् के सदस्य अंकित अग्रवाल (श्री राम ट्रेडर्स घासमंडी), समाजसेवी मनीष खरबंदा जी, समाजसेवी राजकुमार सेठी जी का विशेष सहयोग रहा।🙏🙏

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