Saturday 27/ 06/ 2026 

Bharat Najariya
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उत्तराखण्ड

मृत्योपरांत भी दुनियां देखेंगी बाबू जी की आंखे, किया महादान।

वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के तत्वाधान में संपन्न हुआ क्षेत्र में 26 वा नेत्रदान।
दिनांक 11 अक्टूबर की मध्य रात्रि श्री हरिओम अग्रवाल जी (मै० अग्रवाल मेडिकल स्टोर, काशीपुर) के देहावसान के पश्चात उनके सुपुत्र श्री नीरज अग्रवाल जी ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री हरिओम अग्रवाल जी के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों के नेत्र प्रकाशित होंगे और उनके प्रिय जन उनकी स्मृति को अमरत्व प्रदान करेंगे। श्री हरिओम अग्रवाल जी स्वयं समाज सेवा व धार्मिक कार्यों में संलग्न रहें एवम यह सराहनीय कार्य भी उनके जीवन प्रवृत्ति के अनुरूप है।
वसुधैव कुटुम्बकम काशीपुर के दायित्वधारियों की देखरेख में रुद्रपुर से आई टीम ने कागजी औपचारिकता पूरी कर ब्राह्मलीन श्री हरिओम अग्रवाल जी के शरीर से दान की गई आंख की ऊपरी परत (कॉर्निया) प्राप्त कीं।
वसुधैव कुटुम्बकम् काशीपुर के अध्यक्ष विकास जैन जी ने बताया कि वसुधैब कुटुम्बकम् क्षेत्र के लोगो में नेत्रदान हेतु जागृति लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग मानते हैं कि नेत्रदान के दौरान उनकी पूरी आंख निकाल दी जाती है, जिससे आंख का सॉकेट खाली रहता है, जो सच नहीं है। आमतौर पर केवल कॉर्निया जो आंख की सबसे बाहरी परत होती है, आसानी से निकाली जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि नेत्रदान के लिए जीवित रहते हुए नेत्रदान की कोई घोषणा न करने पर भी किसी के गोलोक गमन के उपरांत भी परिवार जनों की सहमति होने पर भी नेत्रदान हो सकता है व नेत्रदान करने से किसी प्रकार का देह भंग नही होता। उन्होंने ये भी बताया कि नेत्रदान करवाने के लिए वसुधैब कुटुम्बकम् के नेत्रदान सहायता हेतु (24×7)
98370 80678 या 9548799947 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है। वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर ने सम्पन्न कराये इस महान कार्य के प्रति नेत्रदानी अग्रवाल परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना की तथा क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान कराने में सहयोग का आवाहन किया।
ब्रह्मलीन श्री हरिओम अग्रवाल जी के देर रात्रि नेत्रदान में वसुधैब कुटुम्बकम् के सदस्य अक्षत गोयल जी का विशेष सहयोग रहा। 🙏🙏

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