Monday 23/ 03/ 2026 

Bharat Najariya
विधायक शिव अरोरा ने पिपलिया न. 2 क्षेत्र में विधायकनिधि से स्वीकृत राधा गोविन्द मन्दिर के सौंदर्यकरण कार्य का फीता काटकर किया लोकार्पणरूद्रपुर । ट्रांजिट कैंप क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई किशोरी का दस दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगने पर बालिका की बरामदगी की मांग को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने परिजनों के साथ ट्रांजिट कैंप कोतवाली पहुंचकर कोतवाल से मुलाकात की और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कोतवाल को बताया कि 12 मार्च को आरती नाम की किशोरी घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर नाते-रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। थक-हारकर परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई, परंतु दस दिन का समय गुजर जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। ठुकराल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किशोरी को एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। उन्होंने आशंका जताई कि विलंब होने पर किशोरी के साथ कोई अनहोनी हो सकती है, जिससे पीड़ित परिवार अत्यंत भयभीत और आशंकित है। मुलाकात के दौरान ठुकराल ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस की टीमें सक्रिय की जाएं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए किशोरी को सकुशल बरामद किया जाए। वहीं, मामले में कोतवाल ने आश्वासन दिया कि पुलिस टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं और सर्विलांस की मदद से सुराग जुटाए जा रहे हैं। इस दौरान उषा देवी, आरती, मुनेन्द्र, धर्मेन्द्र, राकेश कुमार, ललित कुमार, आदेश गंगवार, राजेश सक्सेना, संजीव गुप्ता, विक्की, बंटी, राहुल, अजय, सोनू सैनी, संजय, अमित सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।मानवता की मिसाल-नवजात की जिंदगी बचाने को आगे आए बैंक प्रबंधकअलविदा जुमा और रोजे की विदाई के साथ गूंजा मुहब्बत का पैगाम,मीठी ईद की दी गई दिली मुबारकबादबीएचयू में प्रशिक्षण लेंगे विज्ञान वर्ग के 50 नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरअपशिष्ट प्रबंधन व स्वच्छता व्यवस्था पर डीएम का कड़ा रुखसांस्कृतिक मंचों से निखरती है प्रतिभा और व्यक्तित्व–कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंहमतदाता सूची से जुड़ी हर समस्या का अब आसान समाधान-पौड़ी में जन सहायता केन्द्र स्थापित,टोल-फ्री नंबर जारीअंतर-महाविद्यालयी महोत्सव में बिड़ला परिसर का दबदबा-ओवरऑल चैंपियन बनकर लहराया परचम
राज्य

काशीपुर : भोजन माताओं की मांगों के समर्थन में कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया। महानगर कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष अलका पाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भोजन माताओं को नियमित ना करना सरकार का नारी विरोधी चेहरा दिखाता है। भोजन माताओ को मिलने वाला मानदेय उनकी मेहनत और जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं है। वर्षों से भोजन माताएं सीमित आय में कार्य कर रही है, इससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने जैसे संवेदनशील कार्य के बावजूद भोजन माताओ को ऐसा मानदेय दिया जा रहा है, जिससे परिवार का न्यूनतम खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा। कांग्रेस नेत्री अलका पाल ने कहा कि वर्तमान मानदेय महंगाई के अनुरूप में अत्यंत कम है। खाद्य पदार्थ, ईंधन, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्चे में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि मानदेय में कोई स्थाई सुधार नहीं दिख रहा। इससे भोजन माताओ को कर्ज लेने और उधार पर जीवन व्यतीत करने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। शासन की ओर से घोषित मानदेय को व्यवहार में लागू न किए जाने से आर्थिक अस्थिरता और बढ़ गई है। भुगतान की कोई निश्चित तिथि न होने से बार-बार महीना तक मानदेय तक नहीं मिल पाता और घर का बजट बिगड़ जाता है। बच्चों की पढ़ाई व इलाज जैसी जरूरी खर्च भी प्रभावित होते हैं, यदि मानदेय सम्मानजनक स्तर पर तय किया जाए तो वह अपने परिवार का भरण_ पोषण आत्म सम्मान के साथ कर सकती हैं। अलका पाल ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब शासन से पांच हजार मासिक मानदेय घोषित है तो तीन हजार रूपए उनको क्यों दिए जा रहे हैं, यह दो हजार रूपए आखिर कहां जा रहे हैं ? यह जांच का विषय है। शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होने का बावजूद उन्हें ना तो चतुर्थ कर्मचारी तक का दर्जा दिया गया, ना ही स्थायित्व की कोई नीति बनाई गई। कांग्रेस भोजन माताओ को न्याय दिलाने तक उनके हकों की लड़ाई रहेगी।

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